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संवाद------------------अणर उजाला
Updated Fri, 10 Aug 2018 09:56 PM IST
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हेडिंग: प्राधिकरण ने मुंह फेरा तो लोगों ने खुद संवारी सोसायटी
समस्याओं से जूझ रहे सेंचुरी अपार्टमेंट के लोगों अपने खर्च पर सुधारी व्यवस्था
पांच लाख रुपये की लागत से सोसायटी के मुख्य गेट का निर्माण कराया
प्रदूषण मुक्त करने के लिए खाली प्लॉट व ग्रीन बेल्ट में 800 पौधे लगाए
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। जिन लोगों के कंधों पर शहर के विकास और लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराने का जिम्मा हो, वे ही अगर मुंह मोड़ लें तो जनता क्या करे। ऐसा ही कुछ सेक्टर-100 स्थित सेंचुरी अपार्टमेंट सोसायटी में रहने वाले लोगों के साथ हुआ है। नोएडा प्राधिकरण फ्लैट आवंटित करके भूल गया और सुविधाओं के अभाव में स्थानीय लोग परेशानी झेलते रहे। मजबूरन आरडब्ल्यूए ने निवासियों की मदद से सोसायटी को अपने खर्च पर संवारने का काम किया।
लोग यहां की व्यवस्था, सुरक्षा व अन्य सुविधाओं को सुचारु रूप से चला रहे हैं। इन सुविधाओं से वह वंचित थे। जबकि इन्हीं सुविधाओं को लेकर अन्य रिहायशी सोसाइटी व सेक्टर के लोग प्राधिकरण, पुलिस प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं। हालांकि बहुत सी अभी भी ऐसी सुविधाएं हैं जिससे सेंचुरी अपार्टमेंट के लोग वंचित हैं। सामुदायिक केंद्र बनाने के लिए 2014 से प्राधिकरण की अलमारियों में फाइल धूल फांक रही है। लोगों ने पांच लाख रुपये की लागत से सोसायटी के मुख्य गेट का निर्माण कराया। मुख्य गेट पर लोगों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए 32 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। इन कैमरों के नियंत्रण के लिए एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया। जिस पर 24 घंटे मॉनिटरिंग की जाती है। साथ ही, रिकार्डिंग डाटा भी मौजूद होता है। लिहाजा, सीढ़ियों पर एलईडी लाइट लगवाई। वातावरण को प्रदूषण मुक्त करने के लिए खाली प्लॉट व ग्रीन बेल्ट में 800 पौधे लगाए। बच्चे, बुजुर्ग व अन्य लोगों के लिए लाइब्रेरी का निर्माण कराया जा रहा है। सिक्योरिटी के लिए आठ गार्ड की तैनात किए गए हैं जिनका वेतन भी सोसायटी फंड से ही किया जा रहा है। साफ-सफाई के लिए आठ स्वीपर व वाहन खड़ा करने के लिए हर फ्लैट मालिक के लिए अलग से मार्क करके पार्किंग की व्यवस्था की गई है। जबकि यह सारी सुविधाएं प्राधिकरण द्वारा सोसायटी के निवासियों को दी जानी चाहिए
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परिचर्चा फोटो के साथ
अपने खर्चे पर हम सोसायटी के लोगों ने व्यवस्था कर रखी है, लेकिन कुछ ऐसी समस्याएं हैं। जिसका प्राधिकरण द्वारा ही निस्तारण किया जा सकता है।
- रिचा
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यहां चोरी व लूट की घटनाएं बढ़ती जा रही थीं। इससे यहां सीसीटीवी कैमरे सोसायटी के फंड से लगाया गया। इसके लिए कंट्रोल रूम की भी व्यवस्था की गई है।
- राकेश पांडेय
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सोसायटी का निर्माण हो गयाख् लेकिन मेन गेट नहीं लगाया गया था। रुपये एकत्रित कर सबसे पहले सोसायटी में मेन गेट का कार्य पूरा किया गया।
- पवन यादव
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सोसायटी के चारों ओर हरियाली कर रखी है। यहां की सड़कों के दोनों ओर पेड़-पौधे लगाए गए हैं। जिनका रख रखाव भी सोसायटी की ओर से किया जा रहा है।
- एसएस शर्मा
आज उद्योग विहार जाएगी टीम
अमर उजाला की टीम शनिवार दोपहर 1 बजे उद्योग विहार सेक्टर-82 सोसायटी में जाएगी। वहां पर सोसायटी के पदाधिकारियों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनेगी। समस्याओं के निराकरण से लिए अमर उजाला खबर प्रकाशित करेगा। साथ ही, समस्याओं से जुड़े विभाग के अधिकारी से पूछेगा कि इनका निराकरण क्यों नहीं हुआ।
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समस्याओं से जूझ रहे सेंचुरी अपार्टमेंट के लोगों अपने खर्च पर सुधारी व्यवस्था
पांच लाख रुपये की लागत से सोसायटी के मुख्य गेट का निर्माण कराया
प्रदूषण मुक्त करने के लिए खाली प्लॉट व ग्रीन बेल्ट में 800 पौधे लगाए
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। जिन लोगों के कंधों पर शहर के विकास और लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराने का जिम्मा हो, वे ही अगर मुंह मोड़ लें तो जनता क्या करे। ऐसा ही कुछ सेक्टर-100 स्थित सेंचुरी अपार्टमेंट सोसायटी में रहने वाले लोगों के साथ हुआ है। नोएडा प्राधिकरण फ्लैट आवंटित करके भूल गया और सुविधाओं के अभाव में स्थानीय लोग परेशानी झेलते रहे। मजबूरन आरडब्ल्यूए ने निवासियों की मदद से सोसायटी को अपने खर्च पर संवारने का काम किया।
लोग यहां की व्यवस्था, सुरक्षा व अन्य सुविधाओं को सुचारु रूप से चला रहे हैं। इन सुविधाओं से वह वंचित थे। जबकि इन्हीं सुविधाओं को लेकर अन्य रिहायशी सोसाइटी व सेक्टर के लोग प्राधिकरण, पुलिस प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं। हालांकि बहुत सी अभी भी ऐसी सुविधाएं हैं जिससे सेंचुरी अपार्टमेंट के लोग वंचित हैं। सामुदायिक केंद्र बनाने के लिए 2014 से प्राधिकरण की अलमारियों में फाइल धूल फांक रही है। लोगों ने पांच लाख रुपये की लागत से सोसायटी के मुख्य गेट का निर्माण कराया। मुख्य गेट पर लोगों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए 32 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। इन कैमरों के नियंत्रण के लिए एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया। जिस पर 24 घंटे मॉनिटरिंग की जाती है। साथ ही, रिकार्डिंग डाटा भी मौजूद होता है। लिहाजा, सीढ़ियों पर एलईडी लाइट लगवाई। वातावरण को प्रदूषण मुक्त करने के लिए खाली प्लॉट व ग्रीन बेल्ट में 800 पौधे लगाए। बच्चे, बुजुर्ग व अन्य लोगों के लिए लाइब्रेरी का निर्माण कराया जा रहा है। सिक्योरिटी के लिए आठ गार्ड की तैनात किए गए हैं जिनका वेतन भी सोसायटी फंड से ही किया जा रहा है। साफ-सफाई के लिए आठ स्वीपर व वाहन खड़ा करने के लिए हर फ्लैट मालिक के लिए अलग से मार्क करके पार्किंग की व्यवस्था की गई है। जबकि यह सारी सुविधाएं प्राधिकरण द्वारा सोसायटी के निवासियों को दी जानी चाहिए
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परिचर्चा फोटो के साथ
अपने खर्चे पर हम सोसायटी के लोगों ने व्यवस्था कर रखी है, लेकिन कुछ ऐसी समस्याएं हैं। जिसका प्राधिकरण द्वारा ही निस्तारण किया जा सकता है।
- रिचा
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यहां चोरी व लूट की घटनाएं बढ़ती जा रही थीं। इससे यहां सीसीटीवी कैमरे सोसायटी के फंड से लगाया गया। इसके लिए कंट्रोल रूम की भी व्यवस्था की गई है।
- राकेश पांडेय
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सोसायटी का निर्माण हो गयाख् लेकिन मेन गेट नहीं लगाया गया था। रुपये एकत्रित कर सबसे पहले सोसायटी में मेन गेट का कार्य पूरा किया गया।
- पवन यादव
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सोसायटी के चारों ओर हरियाली कर रखी है। यहां की सड़कों के दोनों ओर पेड़-पौधे लगाए गए हैं। जिनका रख रखाव भी सोसायटी की ओर से किया जा रहा है।
- एसएस शर्मा
आज उद्योग विहार जाएगी टीम
अमर उजाला की टीम शनिवार दोपहर 1 बजे उद्योग विहार सेक्टर-82 सोसायटी में जाएगी। वहां पर सोसायटी के पदाधिकारियों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनेगी। समस्याओं के निराकरण से लिए अमर उजाला खबर प्रकाशित करेगा। साथ ही, समस्याओं से जुड़े विभाग के अधिकारी से पूछेगा कि इनका निराकरण क्यों नहीं हुआ।
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