फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   आने वाले हैं बड़खल झील के अच्छे दिन

आने वाले हैं बड़खल झील के अच्छे दिन

Wed, 11 Apr 2018 11:11 PM IST
Updated Wed, 11 Apr 2018 11:11 PM IST
विज्ञापन
आने वाले हैं बड़खल झील के अच्छे दिन
आने वाले हैं बड़खल झील के अच्छे दिन
विज्ञापन

फरीदाबाद।
अपना अस्तित्व खो चुकी बड़खल झील को पुराने रूप रंग में लौटाया जाएगा। उसे धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और मनोरंजन के नजरिये से बेहतर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। झील को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने के लिए सिंचाई विभाग, नगर निगम, स्मार्ट सिटी लिमिटेड और पर्यटन सहित अन्य विभाग अपने प्रोजेक्ट तैयार कर रहे हैं। शुक्रवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खुद इन विभागों के अधिकारियों के साथ सूरजकुंड स्थित होटल राजहंस में बैठक कर झील के पुनरुद्धार की रणनीति तय करेंगे।

गीता के श्लोक करेंगे स्वागत
बड़खल विधायक सीमा त्रिखा के अनुसार बड़खल झील को चारों ओर 15 फुट ऊंची दीवार से घेरा जाएगा। दीवार को 15 गुणे 18 फीट के खंडों में बांटा जाएगा। 18 खंडों में गीता के एक-एक अध्याय के प्रतीक इन श्लोक को उभरे हुए शब्दों में उकेरा जाएगा। अन्य खंडों में भारत के स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित चित्र, भारत के विकास में योगदान देने वाली महान हस्तियों के चित्र और उनके विचारों को उकेरा जाएगा। इन दीवारों पर देश के विकास की भी झांकी प्रदर्शित की जाएगी।
विज्ञापन


झील के बीच बनेगा टापू
पानी से भरी बड़खल झील के बीच एक एकड़ का कृत्रिम टापू विकसित किया जाएगा। इस पर हरियाली, पार्क के बीच सामुदायिक भवन का भी निर्माण किया जाएगा। इस भवन का इस्तेमाल मांगलिक कार्यक्रम, पार्टी आदि के लिए किया जाएगा। टापू तक आने जाने के लिए आधुनिक बोट और युवाओं के लिए झील में राइडिंग का मजा लेने के लिए वाटर स्कूटर आदि की व्यवस्था की जाएगी। चारों ओर गहरे पानी से घिरे टापू पर आने वालों की सुरक्षा के लिए इसे चारों ओर से 25 फिट ऊंची जाली की दीवार से घेरा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

बड़खल झील से सूरजकुंड तक रोप वे बनाने की तैयारी
अरावली की पहाड़ियों में बड़खल झील के अलावा और भी आकर्षक और सुंदर झीलें हैं, इनमें कई कृत्रिम झील भी हैं। पर्यटकों को इन झीलों का दर्शन कराने के लिए रोप वे बनाए जाने पर विचार किया जा रहा है। उत्तराखंड, हिमांचल प्रदेश में पहाड़ों पर उतरने चढ़ने के लिए पर्यटकों को जिस तरह रोप वे की सुविधा दी जाती है, वैसी ही यहां बड़खल से सूरजकुंड झील तक दी जाएगी, इसके लिए प्रोजेक्ट तैयार करने पर विचार होगा।
बढ़ेगी पर्यटन विभाग की कमाई
बड़खल झील को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के साथ इसके आसपास के इलाके को व्यवसायिक कॉंप्लेक्स के रूप में विकसित किया जाएगा। टापू पर बने सामुदायिक भवन का इस्तेमाल शादी, पार्टी आदि कार्यक्रमों के लिए भी किया जा सकेगा। इसकी बुकिंग फिक्स रेट पर न होकर बोली के आधार पर की जाएगी, यानी वैवाहिक सीजन में सबसे ज्यादा बोली लगाने वाले के लिए टापू बुक किया जाएगा।
चार विभाग कर रहे तैयारी
बड़खल झील को विकसित करने के लिए सिंचाई विभाग, पर्यटन विभाग, नगर निगम और स्मार्ट सिटी प्रमुख रूप से सक्रिय हैं। सिंचाई विभाग की ओर से झील को भरने के लिए अनंगपुर की झीलों का पानी पाइपलाइन के जरिए यहां पहुुंचाने का प्रपोजल तैयार किया गया है, जबकि नगर निगम और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट झील और उसके आसपास आधुनिक नागरिक सुविधएं विकसित करेगा।

कोट
बड़खल झील को उसके पुराने रूप में लौटाने के साथ आधुनिक पर्यटन स्थल बनाया जाएगा। शुक्रवार को मुख्यमंत्री मनोहरलाल जी इस संबंध में विभिन्न विभागों की बैठक करेंगे, जल्द ही झील दोबारा आकर्षण का केंद्र बनेगी।
सीमा त्रिखा, विधायक बड़खल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed