{"_id":"59dd08ff4f1c1bd8538b6a02","slug":"201507657983-noida-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट को अब ऑनलाइन भेजी जाएगी ई-कस्टडी की रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट को अब ऑनलाइन भेजी जाएगी ई-कस्टडी की रिपोर्ट
Updated Tue, 10 Oct 2017 11:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईकोर्ट को अब ऑनलाइन भेजी जाएगी ई-कस्टडी की रिपोर्ट
गुरुग्राम। हरियाणा में ई-कस्टडी के तहत भोंडसी जेल प्रशासन को डिजिटलाइज कर दिया गया है। सोमवार से भोंडसी मॉर्डन जेल में इसकी शुरुआत डीजी ने कर दी है। इसके बाद जेल प्रबंधन को हर बार दस्तावेज लेकर हाईकोर्ट के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इसका फायदा कैदियों को भी मिलेगा।
जिला जेल में 2235 कैदी बंद हैं। इसमें से करीब 850 कैदी सजायाफ्ता हैं। रोजाना औसतन करीब 8 कैदियों की हाईकोर्ट में जमानत याचिका अथवा अपील दायर होती है। ऐसे में हाईकोर्ट की ओर से इनकी कस्टडी रिपोर्ट जेल प्रबंधन से मांगी जाती है। कस्टडी रिपोर्ट को कोर्ट में दाखिल करने के लिए यहां जेल प्रबंधन की ओर से एक पुलिसकर्मी की ड्यूटी लगाई जाती है। रोजाना ही कस्टडी रिपोर्ट पेश होने के चलते यहां से करीब पांच पुलिसकर्मी केवल इसी काम में लगे हुए हैं। इसके अलावा कस्टडी रिपोर्ट तैयार करने व इसे प्रमाणित करने में यदि कोई कमी रह जाती है तो पुलिसकर्मी को दोबारा वही फाइल लेकर अगली तारीख पर हाईकोर्ट में पेश होना पड़ता है। इससे न केवल पुलिसकर्मियों को अनावश्यक ड्यूटी करनी पड़ती है बल्कि पेपर व समय की भी बर्बादी होती है।
पुलिसकर्मियों का ज्यादा वक्त सफर में ही कट जाता है। इसके चलते स्थानीय कार्य भी प्रभावित होते थे। इसको देखते हुए ही यह ई-कस्टडी की शुरूआत की गई है। जेल के एक अधिकारी ने बताया कि भोंडसी जेल से पहले से ही कस्टडी के दस्तावेज ई-मेल के जरिए भेजे जाते थे, लेकिन इन दस्तावेज को कोर्ट स्वीकार नहीं करता था, लेकिन अब अदालत ने इन्हें स्वीकार करना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
क्या होता है कस्टडी रिपोर्ट में
कस्टडी रिपोर्ट में जेल से कैदी के संबंध में यह रिपोर्ट ली जाती है कि वह कब से जेल में बंद है, उसका व्यवहार कैसा है। इस रिपोर्ट के लिए अब डिजिटल हस्ताक्षर भी अपडेट किए जा रहे हैं। इन हस्ताक्षरों को आला अधिकारियों द्वारा स्वीकृत किया जाएगा, जिसके बाद कस्टडी दस्तावेज की पूरी जिम्मेदारी हस्ताक्षर करने वाले अधिकारी की होगी।
--------
विज्ञापन
गुरुग्राम। हरियाणा में ई-कस्टडी के तहत भोंडसी जेल प्रशासन को डिजिटलाइज कर दिया गया है। सोमवार से भोंडसी मॉर्डन जेल में इसकी शुरुआत डीजी ने कर दी है। इसके बाद जेल प्रबंधन को हर बार दस्तावेज लेकर हाईकोर्ट के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इसका फायदा कैदियों को भी मिलेगा।
जिला जेल में 2235 कैदी बंद हैं। इसमें से करीब 850 कैदी सजायाफ्ता हैं। रोजाना औसतन करीब 8 कैदियों की हाईकोर्ट में जमानत याचिका अथवा अपील दायर होती है। ऐसे में हाईकोर्ट की ओर से इनकी कस्टडी रिपोर्ट जेल प्रबंधन से मांगी जाती है। कस्टडी रिपोर्ट को कोर्ट में दाखिल करने के लिए यहां जेल प्रबंधन की ओर से एक पुलिसकर्मी की ड्यूटी लगाई जाती है। रोजाना ही कस्टडी रिपोर्ट पेश होने के चलते यहां से करीब पांच पुलिसकर्मी केवल इसी काम में लगे हुए हैं। इसके अलावा कस्टडी रिपोर्ट तैयार करने व इसे प्रमाणित करने में यदि कोई कमी रह जाती है तो पुलिसकर्मी को दोबारा वही फाइल लेकर अगली तारीख पर हाईकोर्ट में पेश होना पड़ता है। इससे न केवल पुलिसकर्मियों को अनावश्यक ड्यूटी करनी पड़ती है बल्कि पेपर व समय की भी बर्बादी होती है।
विज्ञापन
पुलिसकर्मियों का ज्यादा वक्त सफर में ही कट जाता है। इसके चलते स्थानीय कार्य भी प्रभावित होते थे। इसको देखते हुए ही यह ई-कस्टडी की शुरूआत की गई है। जेल के एक अधिकारी ने बताया कि भोंडसी जेल से पहले से ही कस्टडी के दस्तावेज ई-मेल के जरिए भेजे जाते थे, लेकिन इन दस्तावेज को कोर्ट स्वीकार नहीं करता था, लेकिन अब अदालत ने इन्हें स्वीकार करना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
क्या होता है कस्टडी रिपोर्ट में
कस्टडी रिपोर्ट में जेल से कैदी के संबंध में यह रिपोर्ट ली जाती है कि वह कब से जेल में बंद है, उसका व्यवहार कैसा है। इस रिपोर्ट के लिए अब डिजिटल हस्ताक्षर भी अपडेट किए जा रहे हैं। इन हस्ताक्षरों को आला अधिकारियों द्वारा स्वीकृत किया जाएगा, जिसके बाद कस्टडी दस्तावेज की पूरी जिम्मेदारी हस्ताक्षर करने वाले अधिकारी की होगी।
--------