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ट्विन टावर गिराने से पहले 200 लोगों को छोड़ना पड़ सकता है घर
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नोएडा। ट्विन टावर गिराने के मामले में आसपास के दो टावर में रहने वाले करीब 200 लोग दहशत में हैं। लोगों की चिंता का कारण यह है कि विस्फोटक लगाकर टावर गिराने के बाद न केवल कंपन होगा, बल्कि धूल का गुबार भी उडे़गा। ऐसे में आसपास की इमारतों में रहने वाले लोगों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है। ऐसे इन लोगों को ध्वस्तीकरण से पहले दूसरी जगह भेजा जा सकता है।
दस विभागों से एनओसी मिलते ही एडिफिस कंपनी के एक्सपर्ट यहां विस्फोटक लगाने आदि का काम शुरू कर देंगे। एडिफिस का कहना है कि तीन माह का समय विस्फोटक लगाने में लगेगा। इसके बाद मात्र 10 सेकेंड में ही टावर ढह जाएंगे। ट्विन टावर के पास मात्र 9 मीटर की दूरी पर सुपरटेक का ही टावर नंबर एक स्थित है। इसके अलावा करीब 35 मीटर दूरी पर एटीएस विलेज का टावर है। सुपरटेक के साथ हुए करार में यह बात भी साफ है कि एडिफिस इन्हीं दोनों टावर का करीब 100 करोड़ का बीमा भी कराएगी। ऐसे में इन टावर में रहने वाले लोग परेशान हैं।
विस्फोट करने से पहले लोगों को यहां से हटाया जा सकता है। किसी दूसरी सोसाइटी में इनके किराये पर रहने की व्यवस्था कराई जा सकती है। हालांकि, इसकी पुष्टि अभी कोई नहीं कर रहा है। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि जब विस्फोट होगा और मलबा नीचे गिरेगा तो निश्चित रूप से कंपन होगा। साथ ही धूल का गुबार भी उड़ेगा।
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दस विभागों से एनओसी मिलते ही एडिफिस कंपनी के एक्सपर्ट यहां विस्फोटक लगाने आदि का काम शुरू कर देंगे। एडिफिस का कहना है कि तीन माह का समय विस्फोटक लगाने में लगेगा। इसके बाद मात्र 10 सेकेंड में ही टावर ढह जाएंगे। ट्विन टावर के पास मात्र 9 मीटर की दूरी पर सुपरटेक का ही टावर नंबर एक स्थित है। इसके अलावा करीब 35 मीटर दूरी पर एटीएस विलेज का टावर है। सुपरटेक के साथ हुए करार में यह बात भी साफ है कि एडिफिस इन्हीं दोनों टावर का करीब 100 करोड़ का बीमा भी कराएगी। ऐसे में इन टावर में रहने वाले लोग परेशान हैं।
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विस्फोट करने से पहले लोगों को यहां से हटाया जा सकता है। किसी दूसरी सोसाइटी में इनके किराये पर रहने की व्यवस्था कराई जा सकती है। हालांकि, इसकी पुष्टि अभी कोई नहीं कर रहा है। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि जब विस्फोट होगा और मलबा नीचे गिरेगा तो निश्चित रूप से कंपन होगा। साथ ही धूल का गुबार भी उड़ेगा।
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