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जिले में पहली से 8वीं तक 1923 शिक्षक पद रिक्त
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पुन्हाना। प्रदेश सरकार की गई अंतर्जिला ट्रांसफर पॉलिसी के तहत 17 नवंबर तक नूंह जिले से 465 अध्यापकों का अन्य जिलों में तबादला हो चुका है। फिलहाल नूंह जिले में प्राइमरी के 1923 पद रिक्त हैं। नूंह जिले में वर्ष 2011 से पहले कार्यरत अध्यापकों का इस पॉलिसी के तहत तबादला हुआ है।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कपिल पूनिया ने बताया कि अंतर्जिला ट्रांसफर पॉलिसी के तहत वर्ष 2011 से पहले नूंह में कार्यरत अन्य जिलों के अध्यापकों के तबादले खोले गए हैं। 17 नवंबर तक 465 अध्यापकों ने अन्य जिलों में ज्वाइन कर लिया है। जिले में प्राइमरी विंग में 4228 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 1923 खाली हो गए हैं। उन्होंने माना कि इतनी बड़ी संख्या में अध्यापकों के तबादले होने से शिक्षा प्रभावित होगी। जिला अध्यापक संघ के प्रधान तैयब हुसैन, पूर्व प्रधान शब्बीर अहमद ने बताया कि मेवात कैडर बनाने का कोई फायदा नहीं मिल रहा है। मेवात कैडर में नूंह जिले के ही बच्चों को भर्ती करने से अध्यापकों की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।
पूर्व परिवहन मंत्री एवं कांग्रेस विधायक आफताब अहमद का कहना है कि कांग्रेस सरकार ने शिक्षा को बढ़ावा देने के मकसद से अलग से मेवात कैडर बनाया था। भाजपा सरकार ने आते ही इस कैडर को तोड़कर सैकड़ों अध्यापकों का दूसरे जिलों में तबादला कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मेवात में शिक्षा के प्रति गंभीर नहीं है। उसकी चिंता केवल बयानबाजी तक सीमित है।
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जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कपिल पूनिया ने बताया कि अंतर्जिला ट्रांसफर पॉलिसी के तहत वर्ष 2011 से पहले नूंह में कार्यरत अन्य जिलों के अध्यापकों के तबादले खोले गए हैं। 17 नवंबर तक 465 अध्यापकों ने अन्य जिलों में ज्वाइन कर लिया है। जिले में प्राइमरी विंग में 4228 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 1923 खाली हो गए हैं। उन्होंने माना कि इतनी बड़ी संख्या में अध्यापकों के तबादले होने से शिक्षा प्रभावित होगी। जिला अध्यापक संघ के प्रधान तैयब हुसैन, पूर्व प्रधान शब्बीर अहमद ने बताया कि मेवात कैडर बनाने का कोई फायदा नहीं मिल रहा है। मेवात कैडर में नूंह जिले के ही बच्चों को भर्ती करने से अध्यापकों की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।
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पूर्व परिवहन मंत्री एवं कांग्रेस विधायक आफताब अहमद का कहना है कि कांग्रेस सरकार ने शिक्षा को बढ़ावा देने के मकसद से अलग से मेवात कैडर बनाया था। भाजपा सरकार ने आते ही इस कैडर को तोड़कर सैकड़ों अध्यापकों का दूसरे जिलों में तबादला कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मेवात में शिक्षा के प्रति गंभीर नहीं है। उसकी चिंता केवल बयानबाजी तक सीमित है।
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