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जिले की आशा वर्करो ने दिया मांडीखेड़ा में धरना
Updated Fri, 14 Dec 2018 11:31 PM IST
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जिले की आशा वर्करों ने दिया मांडीखेड़ा में धरना
वेतन विसंगतियों को लेकर एकदिवसीय धरने में शामिल हुई सैकड़ों महिलाएं
नगीना। जिलेभर की आशा वर्करों को जनवरी से अब तक अधिकतर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से मेहनताना नहीं मिला है जिसके कारण शुक्रवार को सुबह से शाम तक आशा वर्करों ने जिला अस्पताल मांडीखेड़ा में एक दिवसीय धरना दिया। धरने में राज्य प्रधान परवेश ने बताया कि जिला स्वास्थ्य विभाग मनमर्जी से काम कर रहा है, सरकार ने मेहनताना बढ़ाया था उसे अभी तक नहीं दिया गया है। कई बार सिविल सर्जन से मिला जा चुका है। वे कहती हैं कि जनवरी से 4000 रुपये मेहनताना आशा वर्करों को देने की घोषणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने की थी। जो 150 रुपये टीकाकरण के उन्हें मिलते हैं, वो भी स्वास्थ्य विभाग ने रोक रखे हैं। आशा वर्कर यूनियन की प्रदेश सचिव सुधा रानी का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के रवैये के कारण हड़ताल की है यदि 15 दिन के अंदर सभी आशा वर्करों का बढ़ा हुआ वेतन नहीं मिलता है तो एक जनवरी से अनिश्चितकालीन धरना करेंगी। जिला सीटू के प्रधान अनिल कुमार ने बताया कि हरियाणा सरकार ने 1000 से मेहनताना बढ़ाकर चार हजार रुपये कर दिया।
सिविल सर्जन डॉ राजीव बातिश ने बताया कि बृहस्पतिवार को आशा वर्करों का बढ़ा हुआ भत्ता 70 हजार रुपये खाते में आ चुका है, जल्दी ही उन्हें वितरित कर दिया जाएगा। जहां तक 150 रुपए टीकाकरण की बात है वह केवल ऐसी ही आशा वर्करों को दिया जाएगा जिनके गांव में 80 फीसदी टीकाकरण होता है।
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वेतन विसंगतियों को लेकर एकदिवसीय धरने में शामिल हुई सैकड़ों महिलाएं
नगीना। जिलेभर की आशा वर्करों को जनवरी से अब तक अधिकतर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से मेहनताना नहीं मिला है जिसके कारण शुक्रवार को सुबह से शाम तक आशा वर्करों ने जिला अस्पताल मांडीखेड़ा में एक दिवसीय धरना दिया। धरने में राज्य प्रधान परवेश ने बताया कि जिला स्वास्थ्य विभाग मनमर्जी से काम कर रहा है, सरकार ने मेहनताना बढ़ाया था उसे अभी तक नहीं दिया गया है। कई बार सिविल सर्जन से मिला जा चुका है। वे कहती हैं कि जनवरी से 4000 रुपये मेहनताना आशा वर्करों को देने की घोषणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने की थी। जो 150 रुपये टीकाकरण के उन्हें मिलते हैं, वो भी स्वास्थ्य विभाग ने रोक रखे हैं। आशा वर्कर यूनियन की प्रदेश सचिव सुधा रानी का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के रवैये के कारण हड़ताल की है यदि 15 दिन के अंदर सभी आशा वर्करों का बढ़ा हुआ वेतन नहीं मिलता है तो एक जनवरी से अनिश्चितकालीन धरना करेंगी। जिला सीटू के प्रधान अनिल कुमार ने बताया कि हरियाणा सरकार ने 1000 से मेहनताना बढ़ाकर चार हजार रुपये कर दिया।
सिविल सर्जन डॉ राजीव बातिश ने बताया कि बृहस्पतिवार को आशा वर्करों का बढ़ा हुआ भत्ता 70 हजार रुपये खाते में आ चुका है, जल्दी ही उन्हें वितरित कर दिया जाएगा। जहां तक 150 रुपए टीकाकरण की बात है वह केवल ऐसी ही आशा वर्करों को दिया जाएगा जिनके गांव में 80 फीसदी टीकाकरण होता है।
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