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असुरक्षित इमारतों का सर्वे-सीलिंग बनी चुनौती

Sun, 29 Jul 2018 11:56 PM IST
Updated Sun, 29 Jul 2018 11:56 PM IST
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असुरक्षित इमारतों का सर्वे-सीलिंग बनी चुनौती

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असुरक्षित इमारतों का सर्वे-सीलिंग बनी चुनौती
- जगह-जगह हो रहा विरोध, 10 वर्क सर्किलों में अभी तक नहीं हो पाया सर्वे का काम
- नोएडा प्राधिकरण का सर्वे अभी तक नहीं हो पाया पूरा
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा।
ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी में दो इमारतों के भरभराकर गिरने के बाद नोएडा प्राधिकरण ने अपने क्षेत्र में असुरक्षित और खतरनाक इमारतों के सर्वे और सीलिंग का काम शुरू किया। लेकिन अभी तक सर्वे का काम खत्म नहीं हो पाया। न ही अंतिम लिस्ट जारी की गई। यही नहीं प्राधिकरण के सीलिंग की कार्रवाई का जमकर विरोध भी हो रहा है। इससे प्राधिकरण के लिए यह काम चुनौती से कम नहीं साबित होगा।
अभी तक नोएडा प्राधिकरण ने अट्टा, मोरना, निठारी में 13, गढ़ी चौखंडी में पहले से सील इमारत के गिरने के बाद बगल के एक मकान को असुरक्षित घोषित किया है। वहीं आठ अस्थायी निर्माण गिराए हैं। इसके अलावा रायपुर में तीन इमारतों में दरार आने के बाद उनको खाली कराकर सील किया गया। निठारी में 30 और हरौला और झुंडपुरा में दो-दो मकानों को असुरक्षित घोषित किया है।
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लेकिन जानकारों की मानें तो नोएडा के शहरी और ग्रामीण इलाकों में हजारों ऐसे मकान हैं जो असुरक्षित की श्रेणी में हैं। लेकिन नोएडा प्राधिकरण ऐसे मकानों को न तो असुरक्षित घोषित कर रहा है और न ही सीलिंग की कार्रवाई।
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शहरों और गांवों में हो रहा विरोध
नोएडा प्राधिकरण ने जब गढ़ी चौखंडी में एक झुकी हुई इमारत को असुरक्षित घोषित करने और सील करने की कार्रवाई करनी चाही तो वहां हंगामा हो गया। स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया। इसी तरह से गांवों में टीम का जमकर विरोध हो रहा है। गांव के निवासी सर्वे की कार्रवाई के दौरान सहयोग नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि भवन नियमावली जबरदस्ती थोपी जा रही है और वह इसका विरोध करेंगे।


प्रत्येक वर्क सर्किल में सैकड़ों की संख्या में असुरक्षित इमारतें
शुरुआती चरण में जब असुरक्षित इमारतों का सर्वे का काम शुरू किया गया तो लिस्ट इतनी लंबी हो गई कि प्राधिकरण के अधिकारी घबरा गए। फिर बाद में बताया गया कि गांवों में तीन मंजिला के बदले चार मंजिला से ऊपर की इमारतों को असुरक्षित घोषित करना है। इसके अलावा जर्जर इमारतों को भी ढूंढ के निकालना है। इसमें यह फिक्स नहीं होगा कि इमारत की तल कितनी है। अब बताया जा रहा है कि सोमवार तक लिस्ट फाइनल होने की संभावना है।
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