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अपग्रेड न होने से खफा ग्रामीणों ने स्कूल पर जड़ा ताला
Updated Mon, 09 Jul 2018 11:36 PM IST
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अपग्रेड न होने से खफा ग्रामीणों ने स्कूल पर जड़ा ताला
नूंह(मेवात) । दसवीं से बारहवीं तक अपग्रेडेशन कराने की मांग को लेकर गांव टपकन के प्रमुख लोगों ने छात्राओं को साथ लेकर सोमवार को स्कूल पर ताला जड़ दिया और अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। बताया गया कि सारे मानक पूरे करने के बावजूद पिछले 5 साल से स्कूल अपग्रेडेशन को तरस रहा है। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने 13 जुलाई तक मांग पूरी न होने पर 14 जुलाई को फिरोजपुर झिरका में सीएम की रैली में काले झंडे दिखाने की चेतावनी दी है। धरने पर बैठे स्कूल के बच्चों और ग्रामीणों को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और तहसीलदार के आश्वासन भी नहीं डिगा सके। अधिकारियों के आश्वासनों को ग्रामीणों ने खारिज करते हुए कहा कि अपग्रेडेशन पत्र बगैर कोई समझौता नहीं होगा।
गांव के मौजूदा सरपंच ताज मोहम्मद, पूर्व सरपंच रहमत, पूर्व सरपंच अदम और ब्लॉक समिति सदस्य जुहुरूद्दीन ने बताया कि उनका स्कूल अपग्रेडेशन के सभी मानक पूरे कर रहा है। इसके बावजूद भी स्कूल को दसवीं से बारहवीं तक अपग्रेड नहीं किया जा रहा है। स्कूल में 25 कमरे, 25 शौचालय हैं और एक हजार से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं। 9वीं व 10वीं कक्षा में 212 से अधिक छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। पिछले करीब पांच साल से स्कूल में एक हजार से अधिक बच्चों का दाखिला होता आ रहा है। करीब 6-7 किलोमीटर की परिधि में कोई भी 12वीं का स्कूल नहीं है, जिसकी वजह से दसवीं के बाद अधिकतर लड़कियां स्कूल छोड़ देती हैं।
इस स्कूल में टपकन, रेहना, चंदेनी, बडका, बीवां, सौंक, पल्ला और सादई सहित करीब 10 गांवों के बच्चे आते हैं। गांव के करीब सात किलोमीटर दूर स्कूल होने की वजह से अधिकतर मां-बाप अपनी बेटियों को सुरक्षा कारणों से स्कूल नहीं भेजते हैं जिसकी वजह से ज्यादातर लड़कियां दसवीं के बाद पढ़ाई छोड़ऩे को मजबूर होती हैं।
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उनका कहना है कि सरकारी नियम के अनुसार, उनका स्कूल सभी मानक पूरे करता है तथा स्कूल के हर कमरे में बिजली का पंखा, सोलर लाइट, 25 शौचालय, 25 कमरे यानी सुविधाओं के नाम पर टपकन का हाईस्कूल जिला में नंबर वन है। स्कूल के एक वार्षिक प्रोग्राम में फाइनेंस कमिश्नर पीके दास, फाइनेंस कमिश्नर राजन और मेवात के तत्कालीन डीसी मणिराम शर्मा और करीब दो साल पहले सीएम मनोहर लाल खट्टर से नूंह में स्कूल को अपग्रेड की मांग की थी जिला शिक्षा विभाग की ओर से पांच बार स्कूल के अपग्रेडेशन के लिए सरकार के पास फाइल भेजी जा चुकी है।
अधिकारियों को 10 दिन पहले भी भेजी गई फाइल
नूंह जिले के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अनूप सिंह जाखड का कहना है कि पहले स्कूल में एक कमरे की कमी थी, अब उसे बनवा दिया गया है। करीब 10 दिन पहले स्कूल को 10वीं से 12वीं कक्षा तक अपग्रेड करने के लिए फाइल उच्च अधिकारियों को भेजी गई है। इससे पहले भी फाइल करीब पांच बार भेजी जा चुकी है लेकिन कोई ना कोई आरोप लगाकर फाइल वापस भेज दी जाती है।
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नूंह(मेवात) । दसवीं से बारहवीं तक अपग्रेडेशन कराने की मांग को लेकर गांव टपकन के प्रमुख लोगों ने छात्राओं को साथ लेकर सोमवार को स्कूल पर ताला जड़ दिया और अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। बताया गया कि सारे मानक पूरे करने के बावजूद पिछले 5 साल से स्कूल अपग्रेडेशन को तरस रहा है। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने 13 जुलाई तक मांग पूरी न होने पर 14 जुलाई को फिरोजपुर झिरका में सीएम की रैली में काले झंडे दिखाने की चेतावनी दी है। धरने पर बैठे स्कूल के बच्चों और ग्रामीणों को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और तहसीलदार के आश्वासन भी नहीं डिगा सके। अधिकारियों के आश्वासनों को ग्रामीणों ने खारिज करते हुए कहा कि अपग्रेडेशन पत्र बगैर कोई समझौता नहीं होगा।
गांव के मौजूदा सरपंच ताज मोहम्मद, पूर्व सरपंच रहमत, पूर्व सरपंच अदम और ब्लॉक समिति सदस्य जुहुरूद्दीन ने बताया कि उनका स्कूल अपग्रेडेशन के सभी मानक पूरे कर रहा है। इसके बावजूद भी स्कूल को दसवीं से बारहवीं तक अपग्रेड नहीं किया जा रहा है। स्कूल में 25 कमरे, 25 शौचालय हैं और एक हजार से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं। 9वीं व 10वीं कक्षा में 212 से अधिक छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। पिछले करीब पांच साल से स्कूल में एक हजार से अधिक बच्चों का दाखिला होता आ रहा है। करीब 6-7 किलोमीटर की परिधि में कोई भी 12वीं का स्कूल नहीं है, जिसकी वजह से दसवीं के बाद अधिकतर लड़कियां स्कूल छोड़ देती हैं।
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इस स्कूल में टपकन, रेहना, चंदेनी, बडका, बीवां, सौंक, पल्ला और सादई सहित करीब 10 गांवों के बच्चे आते हैं। गांव के करीब सात किलोमीटर दूर स्कूल होने की वजह से अधिकतर मां-बाप अपनी बेटियों को सुरक्षा कारणों से स्कूल नहीं भेजते हैं जिसकी वजह से ज्यादातर लड़कियां दसवीं के बाद पढ़ाई छोड़ऩे को मजबूर होती हैं।
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उनका कहना है कि सरकारी नियम के अनुसार, उनका स्कूल सभी मानक पूरे करता है तथा स्कूल के हर कमरे में बिजली का पंखा, सोलर लाइट, 25 शौचालय, 25 कमरे यानी सुविधाओं के नाम पर टपकन का हाईस्कूल जिला में नंबर वन है। स्कूल के एक वार्षिक प्रोग्राम में फाइनेंस कमिश्नर पीके दास, फाइनेंस कमिश्नर राजन और मेवात के तत्कालीन डीसी मणिराम शर्मा और करीब दो साल पहले सीएम मनोहर लाल खट्टर से नूंह में स्कूल को अपग्रेड की मांग की थी जिला शिक्षा विभाग की ओर से पांच बार स्कूल के अपग्रेडेशन के लिए सरकार के पास फाइल भेजी जा चुकी है।
अधिकारियों को 10 दिन पहले भी भेजी गई फाइल
नूंह जिले के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अनूप सिंह जाखड का कहना है कि पहले स्कूल में एक कमरे की कमी थी, अब उसे बनवा दिया गया है। करीब 10 दिन पहले स्कूल को 10वीं से 12वीं कक्षा तक अपग्रेड करने के लिए फाइल उच्च अधिकारियों को भेजी गई है। इससे पहले भी फाइल करीब पांच बार भेजी जा चुकी है लेकिन कोई ना कोई आरोप लगाकर फाइल वापस भेज दी जाती है।