{"_id":"5c154379bdec225b6845866c","slug":"154489743918-grnoida-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोमूत्र-गोबर के प्रयोग से होगी परंपरागत खेती: कृषि मंत्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोमूत्र-गोबर के प्रयोग से होगी परंपरागत खेती: कृषि मंत्री
Updated Sat, 15 Dec 2018 11:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अन्य केंद्रों के ध्यानार्थ
फोटो -
जिले के हर ब्लॉक में होगी यौगिक और जैविक खेती
- किसान महासम्मेलन में प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा
- गौमूत्र और गोबर के प्रयोग से होगी परंपरागत खेती
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा।
जिले के हर ब्लॉक के एक गांव में यौगिक व जैविक खेती को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चलाया जाएगा। इससे मिट्टी से गायब हो चुके पोषक तत्वों को बचाने में मदद मिलेगी। साथ ही रासायनिक खाद और रासायनिक कीटनाशकों से उपज को बचाया जा सकेगा। शनिवार को यह जानकारी प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने दी। वह शहीद विजय सिंह पथिक स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के फुटबाल मैदान में आयोजित किसान महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। महासम्मेलन का आयोजन ब्रह्मकुमारी संस्था की ओर से किया गया था।
कृषि मंत्री ने कहा कि रासायनिक तत्वों से फसल और उपज पर काफी असर पड़ रहा है। इस प्रभाव काम करने के उद्देश्य से यौगिक खेती को पायलट प्रोजेक्ट की तरह हर ब्लॉक के एक गांव में चलाया जाएगा। गाय के गोबर और गौमूत्र का प्रयोग करने से परंपरागत खेती का चलन वापस आएगा। रासायनिक तत्वों से फसल और उपज को बचाने में भी मदद मिलेगी। महासम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पत्र भी पढ़ा गया।
संस्था के कृषि और ग्राम विकास के अध्यक्ष राजू ने बताया कि संस्था ने गांवों में यौगिक खेती को अभियान के रूप में लिया है। इस मौके पर इंडिया एक्पो मार्ट के निदेशक विवेक विकास ने बताया कि ग्रेटर नोएडा के गुर्जरपुर गांव में 25 एकड़ जमीन ली है। वहां अभी गेहूं की खेती की है। भविष्य में सब्जियों की खेती भी की जाएगी। यहां यौगिक खेती को एक मॉडल रूप में दिखाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो -
जिले के हर ब्लॉक में होगी यौगिक और जैविक खेती
- किसान महासम्मेलन में प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा
- गौमूत्र और गोबर के प्रयोग से होगी परंपरागत खेती
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा।
जिले के हर ब्लॉक के एक गांव में यौगिक व जैविक खेती को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चलाया जाएगा। इससे मिट्टी से गायब हो चुके पोषक तत्वों को बचाने में मदद मिलेगी। साथ ही रासायनिक खाद और रासायनिक कीटनाशकों से उपज को बचाया जा सकेगा। शनिवार को यह जानकारी प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने दी। वह शहीद विजय सिंह पथिक स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के फुटबाल मैदान में आयोजित किसान महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। महासम्मेलन का आयोजन ब्रह्मकुमारी संस्था की ओर से किया गया था।
कृषि मंत्री ने कहा कि रासायनिक तत्वों से फसल और उपज पर काफी असर पड़ रहा है। इस प्रभाव काम करने के उद्देश्य से यौगिक खेती को पायलट प्रोजेक्ट की तरह हर ब्लॉक के एक गांव में चलाया जाएगा। गाय के गोबर और गौमूत्र का प्रयोग करने से परंपरागत खेती का चलन वापस आएगा। रासायनिक तत्वों से फसल और उपज को बचाने में भी मदद मिलेगी। महासम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पत्र भी पढ़ा गया।
विज्ञापन
संस्था के कृषि और ग्राम विकास के अध्यक्ष राजू ने बताया कि संस्था ने गांवों में यौगिक खेती को अभियान के रूप में लिया है। इस मौके पर इंडिया एक्पो मार्ट के निदेशक विवेक विकास ने बताया कि ग्रेटर नोएडा के गुर्जरपुर गांव में 25 एकड़ जमीन ली है। वहां अभी गेहूं की खेती की है। भविष्य में सब्जियों की खेती भी की जाएगी। यहां यौगिक खेती को एक मॉडल रूप में दिखाया जा रहा है।
विज्ञापन