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उतरी नगर निगम के बजट पेश
Updated Fri, 07 Dec 2018 11:55 PM IST
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उत्तरी नगर निगम का बजट पेश:
प्रॉपर्टी टैक्स पांच फीसदी बढ़ने के आसार
- इससे निगम को होगी 100 करोड़ की आय
- उत्तरी निगम का 8832.56 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट पेश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने राजस्व घाटे से उबरने के लिए आम लोगों पर प्रॉपर्टी टैक्स में बढ़ोतरी, बेहतरी कर के अलावा प्रोफेशनल टैक्स का 2019-2020 के बजट में प्रस्ताव पेश किया। शुक्रवार को आयुक्त मधुप व्यास ने उत्तरी निगम का 8832.56 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट पेश किया। बजट में तीन नए करों का प्रस्ताव सदन में रखा। बजटीय घाटे से निपटने के लिए निगम अन्य विकल्पों की तलाश में जुटा है ताकि राजस्व घाटा कम किया जा सके।
2019-20 बजट में संपत्ति कर को तर्कसंगत बनाने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे उत्तरी दिल्ली नगर निगम को करीब 100 करोड़ रुपये अतिरिक्त प्राप्ति की उम्मीद है। प्रस्ताव में ए से ई वर्ग तक की संपत्तियों पर मौजूदा कर दरों में एक फीसदी की बढ़ोतरी, जबकि एफ, जी और एच वर्ग की संपत्तियों पर कर की दरों में दो फीसदी की बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। 150 वर्ग मीटर की व्यावसायिक संपत्तियों, अतिथि गृह सहित अन्य गैर आवासीय संपत्तियों पर कर की दरें पांच फीसदी बढ़ाई गई हैं। साथ ही संपत्तियों के वार्षिक मूल्य का एक प्रतिशत शिक्षा उपकर (एजूकेशन सेस) के रूप में वसूलने का प्रस्ताव है।
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अलग अलग वर्गों के लिए प्रस्तावित संपत्ति कर की दरें(फीसदी में)
संपत्तियों का वर्ग मौजूदा दर प्रस्तावित
ए, बी 12 13
सी, डी, ई 11 12
एफ, जी, एच 07 09
गेस्ट हाउस, पेइंग गेस्ट
सहित अन्य गैर आवासीय संपत्ति 15 20
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उत्तरी निगम में नए करों का प्रस्ताव
- पेशेवर और बेहतरी कर से निगम को होगी 550 करोड़ की प्राप्ति
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली नगर निगम के बजट में पेशेवर कर और बेहतरी कर को भी शामिल किया गया है। डॉक्टर, वकील, लेखाकारों सहित अन्य पेशेवर कार्यों से ताल्लुक रखने वालों को भी टैक्स के दायरे में लाने का प्रस्ताव है। तीन पेशेवर वर्गों के लिए टैक्स की दरें 1200, 2400 और 2500 रुपये प्रतिवर्ष लागू होंगी। पेशेवर कर के लागू होने से 2019-20 के लिए 100 करोड़ रुपये के अनुमानित राजस्व और बेहतरी कर से भी निगम को 450 करोड़ के अतिरिक्त राजस्व प्राप्ति की उम्मीद है।
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दोनों करों को अगर निगम में लागू किया जाता है तो इससे करीब 550 करोड़ के अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होगी। किसी भी विकास या सुधार संबंधी कार्यों के निष्पादन के कारण शहरी भूमि के मूल्यों में वृद्धि पर एक सशक्त कर लगाने के अधिकार के तहत निगम ने बेहतरी कर (समुन्नति) का बजट में प्रस्ताव रखा। मेट्रो, फ्लाईओवर, शॉपिंग मॉल सहित अन्य सुविधाएं लागू होने से भूमि की कीमत में बढ़ोतरी के मद्देनजर बेहतरी कर का प्रस्ताव रखा गया है।
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अलग-अलग आय वर्गों के लिए टैक्स स्लैब भी अलग
वेतन, मजदूरी, कमाई, परामर्शदाता, बीमा एजेंट, व्यवसायी और उद्यमी जिनकी वार्षिक आय 2.5 लाख से पांच लाख रुपये के बीच है, उन्हें वार्षिक 1200, पांच से 10 लाख वार्षिक आय पर 2400, जबकि 10 लाख से अधिक के पेशेवर को 2500 रुपये वार्षिक अदायगी करनी होगी।
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प्रॉपर्टी टैक्स पांच फीसदी बढ़ने के आसार
- इससे निगम को होगी 100 करोड़ की आय
- उत्तरी निगम का 8832.56 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट पेश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने राजस्व घाटे से उबरने के लिए आम लोगों पर प्रॉपर्टी टैक्स में बढ़ोतरी, बेहतरी कर के अलावा प्रोफेशनल टैक्स का 2019-2020 के बजट में प्रस्ताव पेश किया। शुक्रवार को आयुक्त मधुप व्यास ने उत्तरी निगम का 8832.56 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट पेश किया। बजट में तीन नए करों का प्रस्ताव सदन में रखा। बजटीय घाटे से निपटने के लिए निगम अन्य विकल्पों की तलाश में जुटा है ताकि राजस्व घाटा कम किया जा सके।
2019-20 बजट में संपत्ति कर को तर्कसंगत बनाने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे उत्तरी दिल्ली नगर निगम को करीब 100 करोड़ रुपये अतिरिक्त प्राप्ति की उम्मीद है। प्रस्ताव में ए से ई वर्ग तक की संपत्तियों पर मौजूदा कर दरों में एक फीसदी की बढ़ोतरी, जबकि एफ, जी और एच वर्ग की संपत्तियों पर कर की दरों में दो फीसदी की बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। 150 वर्ग मीटर की व्यावसायिक संपत्तियों, अतिथि गृह सहित अन्य गैर आवासीय संपत्तियों पर कर की दरें पांच फीसदी बढ़ाई गई हैं। साथ ही संपत्तियों के वार्षिक मूल्य का एक प्रतिशत शिक्षा उपकर (एजूकेशन सेस) के रूप में वसूलने का प्रस्ताव है।
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अलग अलग वर्गों के लिए प्रस्तावित संपत्ति कर की दरें(फीसदी में)
संपत्तियों का वर्ग मौजूदा दर प्रस्तावित
ए, बी 12 13
सी, डी, ई 11 12
एफ, जी, एच 07 09
गेस्ट हाउस, पेइंग गेस्ट
सहित अन्य गैर आवासीय संपत्ति 15 20
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उत्तरी निगम में नए करों का प्रस्ताव
- पेशेवर और बेहतरी कर से निगम को होगी 550 करोड़ की प्राप्ति
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली नगर निगम के बजट में पेशेवर कर और बेहतरी कर को भी शामिल किया गया है। डॉक्टर, वकील, लेखाकारों सहित अन्य पेशेवर कार्यों से ताल्लुक रखने वालों को भी टैक्स के दायरे में लाने का प्रस्ताव है। तीन पेशेवर वर्गों के लिए टैक्स की दरें 1200, 2400 और 2500 रुपये प्रतिवर्ष लागू होंगी। पेशेवर कर के लागू होने से 2019-20 के लिए 100 करोड़ रुपये के अनुमानित राजस्व और बेहतरी कर से भी निगम को 450 करोड़ के अतिरिक्त राजस्व प्राप्ति की उम्मीद है।
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दोनों करों को अगर निगम में लागू किया जाता है तो इससे करीब 550 करोड़ के अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होगी। किसी भी विकास या सुधार संबंधी कार्यों के निष्पादन के कारण शहरी भूमि के मूल्यों में वृद्धि पर एक सशक्त कर लगाने के अधिकार के तहत निगम ने बेहतरी कर (समुन्नति) का बजट में प्रस्ताव रखा। मेट्रो, फ्लाईओवर, शॉपिंग मॉल सहित अन्य सुविधाएं लागू होने से भूमि की कीमत में बढ़ोतरी के मद्देनजर बेहतरी कर का प्रस्ताव रखा गया है।
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अलग-अलग आय वर्गों के लिए टैक्स स्लैब भी अलग
वेतन, मजदूरी, कमाई, परामर्शदाता, बीमा एजेंट, व्यवसायी और उद्यमी जिनकी वार्षिक आय 2.5 लाख से पांच लाख रुपये के बीच है, उन्हें वार्षिक 1200, पांच से 10 लाख वार्षिक आय पर 2400, जबकि 10 लाख से अधिक के पेशेवर को 2500 रुपये वार्षिक अदायगी करनी होगी।