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क्या इस देश के वैश्य, पूर्वांचली व मुसलमानों को वोट डालने का अधिकार नहीं है:आतिशी
Updated Wed, 05 Dec 2018 11:19 PM IST
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क्या वैश्य, पूर्वांचली व मुसलमानों को वोट डालने का अधिकार नहीं :आतिशी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी का कहना है कि भाजपा जिस तरह से मुसलमानों के खिलाफ काम करती थी, ठीक इसी तरह अब वैश्य समाज के साथ कर रही है। चुनाव आयोग के साथ मिलकर इन्हीं वर्ग का नाम मतदाता सूची से बाहर किया जा रहा है। क्या इस देश के वैश्य, पूर्वांचली व मुसलमानों को वोट डालने का अधिकार नहीं है।
राष्ट्रीय प्रवक्ता व पूवी दिल्ली की प्रभारी आतिशी ने हमने एक सर्वे कराया, जिसमें सरनेम के आधार पर मतदाता सूची की जांच की। मतदाता सूची से काटे गए नामों में मुख्य तौर पर तीन समुदायों के लोगों के नाम बहुत अधिक मात्रा में काटे गए हैं। इनमें मुख्य तौर पर वैश्य समाज, पूर्वांचल समाज और मुस्लिम समाज के लोग हैं। जंगपुरा विधानसभा क्षेत्र में 27 हजार लोगों के नाम कटे हैं, इनमें 5 हजार से अधिक वैश्य समाज के लोग हैं। इसी तरह 5 हजार के करीब मुस्लिम समाज व साढ़े आठ हजार वोट पूर्वांचलियों के हैं। लक्ष्मीनगर विधानसभा में कुल 44 हजार लोगो के नाम काटे गए है। इनमें 10 हजार वैश्य, 5 हजार मुस्लिम और 14 हजार वोट पूर्वांचलियों के काटे गए है।
विजेंद्र को दी चुनौती
आतिशी ने विधानसभा नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता को चुनौती देते हुए कहा कि आप खुद चुनाव आयोग से काटे गए नामों का डाटा लें और उसकी जांच अपने स्तर पर कराए। आप खुद भी वैश्य समाज के हैं। देखिये की भाजपा ने कितने बड़े स्तर पर दिल्ली में से वैश्य समाज का वोट कटा है। भाजपा मुस्लिम ही नहीं, बल्कि वैश्यों के साथ भी भेदभाव रखती है। इस मौके पर वजीरपुर के विधायक राजेश गुप्ता ने भाजपा को इस बात का गुस्सा है की दिल्ली के मुख्यमंत्री भी बनिया समाज से ही आते हैं। भाजपा वैश्य समाज से लिए जाने वाले चंदों को वापस करे।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी का कहना है कि भाजपा जिस तरह से मुसलमानों के खिलाफ काम करती थी, ठीक इसी तरह अब वैश्य समाज के साथ कर रही है। चुनाव आयोग के साथ मिलकर इन्हीं वर्ग का नाम मतदाता सूची से बाहर किया जा रहा है। क्या इस देश के वैश्य, पूर्वांचली व मुसलमानों को वोट डालने का अधिकार नहीं है।
राष्ट्रीय प्रवक्ता व पूवी दिल्ली की प्रभारी आतिशी ने हमने एक सर्वे कराया, जिसमें सरनेम के आधार पर मतदाता सूची की जांच की। मतदाता सूची से काटे गए नामों में मुख्य तौर पर तीन समुदायों के लोगों के नाम बहुत अधिक मात्रा में काटे गए हैं। इनमें मुख्य तौर पर वैश्य समाज, पूर्वांचल समाज और मुस्लिम समाज के लोग हैं। जंगपुरा विधानसभा क्षेत्र में 27 हजार लोगों के नाम कटे हैं, इनमें 5 हजार से अधिक वैश्य समाज के लोग हैं। इसी तरह 5 हजार के करीब मुस्लिम समाज व साढ़े आठ हजार वोट पूर्वांचलियों के हैं। लक्ष्मीनगर विधानसभा में कुल 44 हजार लोगो के नाम काटे गए है। इनमें 10 हजार वैश्य, 5 हजार मुस्लिम और 14 हजार वोट पूर्वांचलियों के काटे गए है।
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विजेंद्र को दी चुनौती
आतिशी ने विधानसभा नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता को चुनौती देते हुए कहा कि आप खुद चुनाव आयोग से काटे गए नामों का डाटा लें और उसकी जांच अपने स्तर पर कराए। आप खुद भी वैश्य समाज के हैं। देखिये की भाजपा ने कितने बड़े स्तर पर दिल्ली में से वैश्य समाज का वोट कटा है। भाजपा मुस्लिम ही नहीं, बल्कि वैश्यों के साथ भी भेदभाव रखती है। इस मौके पर वजीरपुर के विधायक राजेश गुप्ता ने भाजपा को इस बात का गुस्सा है की दिल्ली के मुख्यमंत्री भी बनिया समाज से ही आते हैं। भाजपा वैश्य समाज से लिए जाने वाले चंदों को वापस करे।
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