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रिहायशी दरों के मुताबिक दो लाख लोग चुका रहे थे प्रॉपर्टी टैक्स
Updated Tue, 04 Dec 2018 11:48 PM IST
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कॉमर्शियल रेट पर बकाया वसूल करेगा निगम
व्यावसायिक गतिविधियों में शामिल, लेकिन रिहायशी दरों पर दो लाख लोग चुका रहे थे प्रॉपर्टी टैक्स
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की नजर अब ऐसे प्रॉपर्टी मालिकों पर है जो व्यावसायिक गतिविधियों में शामिल होने के बावजूद रिहायशी के लिए तय दर के मुताबिक प्रॉपर्टी टैक्स चुका रहे थे। निगम ने सर्वे के बाद ऐसे 2 लाख मामलों की पहचान की है, जिनसे जल्द ही अतिरिक्त टैक्स वसूला जाएगा। इससे निगम के राजस्व में करोड़ों का इजाफा होने की उम्मीद है।
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के आयुक्त पुनीत गोयल ने बताया कि दरअसल सर्वे के दौरान यह बात सामने आई है कि काफी संख्या में प्रॉपर्टी मालिक ऐसे हैं, जिन्होंने कॉमर्शियल रेट के मुताबिक बिजली के बिल चुकाए हैं। छानबीन के बाद करीब दो लाख लोगों की पहचान हुई जो दूसरे वर्ग के तहत प्रॉपर्टी टैक्स चुका रहे थे। इससे निगम को सालाना करोड़ों का नुकसान हो रहा था। कमिश्नर ने बताया कि सभी से कॉमर्शियल के मुताबिक प्रॉपर्टी टैक्स वसूला जाएगा और इससे निगम के राजस्व में अच्छी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। प्रॉपर्टी टैक्स के लिए अलग-अलग श्रेणी के लिए दरें निर्धारित हैं। इनमें से अधिकतर प्रॉपर्टी ऐसी हैं, जो पहले रिहायशी थी, लेकिन बाद में वाणिज्यिक गतिविधियां संचालित की जाने लगी, लेकिन अब कॉमर्शियल रेट पर उन्हें टैक्स चुकाना होगा।
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व्यावसायिक गतिविधियों में शामिल, लेकिन रिहायशी दरों पर दो लाख लोग चुका रहे थे प्रॉपर्टी टैक्स
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की नजर अब ऐसे प्रॉपर्टी मालिकों पर है जो व्यावसायिक गतिविधियों में शामिल होने के बावजूद रिहायशी के लिए तय दर के मुताबिक प्रॉपर्टी टैक्स चुका रहे थे। निगम ने सर्वे के बाद ऐसे 2 लाख मामलों की पहचान की है, जिनसे जल्द ही अतिरिक्त टैक्स वसूला जाएगा। इससे निगम के राजस्व में करोड़ों का इजाफा होने की उम्मीद है।
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के आयुक्त पुनीत गोयल ने बताया कि दरअसल सर्वे के दौरान यह बात सामने आई है कि काफी संख्या में प्रॉपर्टी मालिक ऐसे हैं, जिन्होंने कॉमर्शियल रेट के मुताबिक बिजली के बिल चुकाए हैं। छानबीन के बाद करीब दो लाख लोगों की पहचान हुई जो दूसरे वर्ग के तहत प्रॉपर्टी टैक्स चुका रहे थे। इससे निगम को सालाना करोड़ों का नुकसान हो रहा था। कमिश्नर ने बताया कि सभी से कॉमर्शियल के मुताबिक प्रॉपर्टी टैक्स वसूला जाएगा और इससे निगम के राजस्व में अच्छी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। प्रॉपर्टी टैक्स के लिए अलग-अलग श्रेणी के लिए दरें निर्धारित हैं। इनमें से अधिकतर प्रॉपर्टी ऐसी हैं, जो पहले रिहायशी थी, लेकिन बाद में वाणिज्यिक गतिविधियां संचालित की जाने लगी, लेकिन अब कॉमर्शियल रेट पर उन्हें टैक्स चुकाना होगा।
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