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बढ़ती ठंड दे सकती है नुकसान, सावधान रहना जरूरी
Updated Sat, 24 Nov 2018 07:12 AM IST
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बढ़ती ठंड में सावधानी जरूरी
नई दिल्ली। राजधानी में ठंड जोर पकड़ने लगी है। डॉक्टरों का मानना है कि दिल्लीवासियों को इस बार ज्यादा ठंड का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने ठंड के मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय चौधरी का कहना है कि ठंड में हमारी आंखों की रोशनी पर भी असर पड़ता है। इसका कारण है कि शरीर के दूसरे हिस्सों की तरह आंखों में मौजूद ब्लड वेसेल्स में भी कसाव आ जाता है। इस कारण इस मौसम में धुंधला दिखने की समस्या आम हो जाती है। खुद को सीधे ठंडी हवा के संपर्क में आने से बचाएं। संभव हो तो गर्म जगह पर चले जाएं। डॉक्टर की सलाह से आई ड्रॉप लें।
एम्स के डॉक्टर प्रोफेसर नवल विक्रम ने तापमान में गिरावट से शरीर के अंगों को प्रभावित करने वाले रोग और उनसे बचाव के उपाय बताए हैं। उनका कहना है कि सर्दियों में शरीर का तापमान 34-35 डिग्री से नीचे चला जाए तो हाथ-पैर ठंडे होंगे, सांस लेने में तकलीफ, बीपी कम होना इत्यादि परेशानी होती है। इन लक्षणों के मिलने पर जहां तक संभव हो ठंडी हवा में न निकलें। बाहर निकलने से पहले शरीर को गर्म कपड़ों से पूरी तरह ढक लें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, उनके लिए एम्स के डॉक्टरों की सलाह है कि वे साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। बार-बार हाथों को साबुन से धोते रहें, ताकि संक्रमण से बचे रह सकें। इसमें भाप, नमक के पानी के गरारे लाभदायक होते हैं।
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नई दिल्ली। राजधानी में ठंड जोर पकड़ने लगी है। डॉक्टरों का मानना है कि दिल्लीवासियों को इस बार ज्यादा ठंड का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने ठंड के मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय चौधरी का कहना है कि ठंड में हमारी आंखों की रोशनी पर भी असर पड़ता है। इसका कारण है कि शरीर के दूसरे हिस्सों की तरह आंखों में मौजूद ब्लड वेसेल्स में भी कसाव आ जाता है। इस कारण इस मौसम में धुंधला दिखने की समस्या आम हो जाती है। खुद को सीधे ठंडी हवा के संपर्क में आने से बचाएं। संभव हो तो गर्म जगह पर चले जाएं। डॉक्टर की सलाह से आई ड्रॉप लें।
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एम्स के डॉक्टर प्रोफेसर नवल विक्रम ने तापमान में गिरावट से शरीर के अंगों को प्रभावित करने वाले रोग और उनसे बचाव के उपाय बताए हैं। उनका कहना है कि सर्दियों में शरीर का तापमान 34-35 डिग्री से नीचे चला जाए तो हाथ-पैर ठंडे होंगे, सांस लेने में तकलीफ, बीपी कम होना इत्यादि परेशानी होती है। इन लक्षणों के मिलने पर जहां तक संभव हो ठंडी हवा में न निकलें। बाहर निकलने से पहले शरीर को गर्म कपड़ों से पूरी तरह ढक लें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, उनके लिए एम्स के डॉक्टरों की सलाह है कि वे साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। बार-बार हाथों को साबुन से धोते रहें, ताकि संक्रमण से बचे रह सकें। इसमें भाप, नमक के पानी के गरारे लाभदायक होते हैं।
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