फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   मोबाइल पर लाइव दिखेगी बसें, मुसाफिरों को सहूलियत

मोबाइल पर लाइव दिखेगी बसें, मुसाफिरों को सहूलियत

Sat, 24 Nov 2018 07:12 AM IST
Updated Sat, 24 Nov 2018 07:12 AM IST
विज्ञापन
मोबाइल पर लाइव दिखेगी बसें, मुसाफिरों को सहूलियत
हेडिंग- मोबाइल पर लाइव दिखेगी बसें, मुसाफिरों को सहूलियत
विज्ञापन

या मोबाइल पर लाइव दिखेंगी डीटीसी बसें, मिलेगी सटीक जानकारी
- दिल्ली सरकार ने शुरू की ओपन ट्रांजिट डाटा (ओटीडी) सेवा
- मुसाफिर अपने रूट की सटीक जानकारी ले सकेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली की सड़कों पर दौड़ रही डीटीसी बसें अब मुसाफिरों के मोबाइल पर दिखेंगी। दिल्ली सरकार बस संचालन से जुड़ी आंकड़े मोबाइल एप निर्माताओं से साझा करने जा रही है। इसके बाद बस स्टॉप पर मुसाफिर अपने रूट की सटीक जानकारी ले सकेंगे। एप हर दस सेकेंड में अपडेट होता रहेगा। दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने शुक्रवार को ओपन ट्रांजिट डाटा (ओटीडी) नाम की इस सर्विस को लांच किया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस सेवा के तहत सरकार अपना कोई एप नहीं बनाएगी। इसकी जगह गूगल समेत इस तरह के दूसरे एप निर्माताओं से अपना डाटा शेयर करेगी। इसके लिए एप संचालकों को दिल्ली सरकार के पास एक आवेदन देना होगा। एप के सुरक्षा इंतजामों को देखकर सरकार डाटा शेयर कर लेगी। आईआईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर प्रवेश बियानी के साथ मिलकर दिल्ली सरकार ने ओटीडी तैयार किया है। इसका मकसद सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को मुसाफिरों के लिए बेहतर बनाना है। ओटीडी में डीटीसी के पूरे बेड़े का स्टैटिकल डाटा और रीयल टाइम डाटा मौजूद है। इसका सीधा मतलब यह हुआ कि ओटीडी न सिर्फ डीटीसी की सभी बसों की संख्या, उनके रूट, समय आदि का ब्योरा होगा, बल्कि जिन बसों में जीपीएस लागू है उनकी वास्तविक लोकेशन भी इससे पता चलेगा। कैलाश गहलोत ने बताया कि देश में पहली बार सार्वजनिक परिवहन को लेकर ओपन ट्रांजिट डाटा शुरू हुआ है। इसका इस्तेमाल आम मुसाफिर कर सकेंगे।
----
एप निर्माता कंपनियों से सरकार शेयर करेगी डाटा
दिल्ली सरकार बसों का पूरा डाटा मोबाइल एप विकसित करने वाली कंपनियों से शेयर करेगी। जरूरत समझने पर कंपनी अपने एप में दूसरी सुविधाएं भी दे सकती है। मसलन, सरकार से सिर्फ रीयल टाइम डाटा मिलेगा, लेकिन अगर कंपनी चाहे तो तकनीक अपडेट करते हुए वह नियत बस स्टैंड पर पहुंचने का समय भी यूजर को बता सकती है। इसके अलावा शोधार्थी, परिवहन एक्सपर्ट भी इस आंकड़े का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके लिए सरकार के पास आवेदन करना होगा। जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर सरकार अपना डाटा साझा कर लेगी।
विज्ञापन

---
अगले चार महीने में डीटीसी की बसें भी होंगी इसके दायरे में
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभी सिर्फ क्लस्टर स्कीम में जीपीएस लगा हुआ है। डीटीसी बसों के टेंडर जारी कर दिया गया है। अगले कुछ दिनों में इसे आवंटित भी कर दिया जाएगा। सरकार की चार महीने के भीतर सभी डीटीसी बसों में भी जीपीएस लगवा देगी। इसके बाद क्लस्टर व डीटीसी की कुल 5,460 बसों की रीयल टाइम मॉनीटरिंग संभव हो सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed