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31 दिसंबर तक देनी होगी यमुना एक्सप्रेस-वे सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट
Updated Sat, 24 Nov 2018 06:47 AM IST
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31 दिसंबर तक देनी होगी यमुना एक्सप्रेसवे की सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट
- यीडा ने एक्सप्रेसवे प्रबंधन को लिखा पत्र, सेंट्रल वर्ज पर लाइट लगाने का काम पूरा करने को कहा
- शासन के जरिये सुप्रीम कोर्ट में भेजी जाएगी ऑडिट रिपोर्ट, आईआईटी दिल्ली की टीम कर रही ऑडिट
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। यीडा ने 31 दिसंबर तक यमुना एक्सप्रेसवे का सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। एक्सप्रेसवे प्रबंधन को भेजे पत्र में यीडा ने कहा है कि ऑडिट रिपोर्ट शासन के जरिये से सुप्रीम कोर्ट में भेजी जानी है। पत्र में जेपी ग्रुप को 31 दिसंबर तक एक्सप्रेसवे के सेंट्र्रल वर्ज पर स्ट्रीट लाइट लगाने का काम पूरा करने के लिए भी कहा गया है।
यमुना एक्सप्रेसवे की सड़क सुरक्षा ऑडिट आईआईटी दिल्ली की टीम कर रही है। अक्तूबर में यह ऑडिट शुरू हुआ था। अहम है कि सुप्रीम कोर्ट ने हाइवे पर हो रहे सड़क हादसों को लेकर सख्त नाराजगी जताई थी। रोड सेफ्टी के लिए सुप्रीम कोर्ट में कमेटी बनाई गई थी साथ ही सभी राज्यों से हाईवे और एक्सप्रेसवे की रिपोर्ट भी मांगी गई है। पिछले दिनों लखनऊ में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में प्रदेश में बनी राज्य सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई थी। इसमें यमुना एक्सप्रेसवे की सुरक्षा पर जानकारी मांगी गई थी।
दूसरी तरफ, एक्सप्रेसवे के सेंट्रल वर्ज पर स्ट्रीट लाइट लगाई जानी थी जिस पर अब तक काम नहीं शुरू हुआ। मुख्यमंत्री ने यमुना प्राधिकरण से इस काम को जल्द कराने के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर अब यमुना प्राधिकरण ने जेपी ग्रुप को पत्र लिखा है। बताया कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश में रोड सेफ्टी के कार्य कराए जाने हैं। इसी साल 27 मार्च को जेपी ग्रुप से यह काम कराने के लिए कहा गया था। आठ माह बाद भी काम शुरू नहीं हुआ है। अब 31 दिसंबर तक इन कार्यों को पूर्ण कराने के लिए कहा गया है।
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घायलों को जल्द इलाज के लिए 15 अस्पतालों से किया अनुबंध
यमुना एक्सप्रेसवे प्रबंधन ने सड़क हादसों में घायल लोगों को 10 से 35 मिनट में इलाज उपलब्ध कराने को 15 अस्पतालों से अनुबंध किया है। इससे पहले चार अस्पतालों से अनुबंध था। गौतमबुद्ध नगर में कैलाश अस्पताल जेवर, कैलाश अस्पताल ग्रेनो, यथार्थ अस्पताल व शारदा अस्पताल और आगरा में एसएन मेडिकल कॉलेज, पुष्पांजलि अस्पताल, श्रीकृष्णा अस्पताल, गायत्री अस्पताल, गोयल सिटी अस्पताल से अनुबंध किया गया है। मथुरा में जिला अस्पताल, नियति मल्टी स्पेस्शयलिटी अस्पताल, जिला अस्पताल वृंदावन, भास्कर अस्पताल, गोपाल कृष्ण अस्पताल व राम कृष्ण मिशन सेवाश्रम अस्पताल शामिल हैं। ब्यूरो
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31 दिसंबर तक देनी होगी यमुना एक्सप्रेसवे की सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट
- यीडा ने एक्सप्रेसवे प्रबंधन को लिखा पत्र, सेंट्रल वर्ज पर लाइट लगाने का काम पूरा करने को कहा
- शासन के जरिये सुप्रीम कोर्ट में भेजी जाएगी ऑडिट रिपोर्ट, आईआईटी दिल्ली की टीम कर रही ऑडिट
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। यीडा ने 31 दिसंबर तक यमुना एक्सप्रेसवे का सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। एक्सप्रेसवे प्रबंधन को भेजे पत्र में यीडा ने कहा है कि ऑडिट रिपोर्ट शासन के जरिये से सुप्रीम कोर्ट में भेजी जानी है। पत्र में जेपी ग्रुप को 31 दिसंबर तक एक्सप्रेसवे के सेंट्र्रल वर्ज पर स्ट्रीट लाइट लगाने का काम पूरा करने के लिए भी कहा गया है।
यमुना एक्सप्रेसवे की सड़क सुरक्षा ऑडिट आईआईटी दिल्ली की टीम कर रही है। अक्तूबर में यह ऑडिट शुरू हुआ था। अहम है कि सुप्रीम कोर्ट ने हाइवे पर हो रहे सड़क हादसों को लेकर सख्त नाराजगी जताई थी। रोड सेफ्टी के लिए सुप्रीम कोर्ट में कमेटी बनाई गई थी साथ ही सभी राज्यों से हाईवे और एक्सप्रेसवे की रिपोर्ट भी मांगी गई है। पिछले दिनों लखनऊ में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में प्रदेश में बनी राज्य सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई थी। इसमें यमुना एक्सप्रेसवे की सुरक्षा पर जानकारी मांगी गई थी।
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दूसरी तरफ, एक्सप्रेसवे के सेंट्रल वर्ज पर स्ट्रीट लाइट लगाई जानी थी जिस पर अब तक काम नहीं शुरू हुआ। मुख्यमंत्री ने यमुना प्राधिकरण से इस काम को जल्द कराने के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर अब यमुना प्राधिकरण ने जेपी ग्रुप को पत्र लिखा है। बताया कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश में रोड सेफ्टी के कार्य कराए जाने हैं। इसी साल 27 मार्च को जेपी ग्रुप से यह काम कराने के लिए कहा गया था। आठ माह बाद भी काम शुरू नहीं हुआ है। अब 31 दिसंबर तक इन कार्यों को पूर्ण कराने के लिए कहा गया है।
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घायलों को जल्द इलाज के लिए 15 अस्पतालों से किया अनुबंध
यमुना एक्सप्रेसवे प्रबंधन ने सड़क हादसों में घायल लोगों को 10 से 35 मिनट में इलाज उपलब्ध कराने को 15 अस्पतालों से अनुबंध किया है। इससे पहले चार अस्पतालों से अनुबंध था। गौतमबुद्ध नगर में कैलाश अस्पताल जेवर, कैलाश अस्पताल ग्रेनो, यथार्थ अस्पताल व शारदा अस्पताल और आगरा में एसएन मेडिकल कॉलेज, पुष्पांजलि अस्पताल, श्रीकृष्णा अस्पताल, गायत्री अस्पताल, गोयल सिटी अस्पताल से अनुबंध किया गया है। मथुरा में जिला अस्पताल, नियति मल्टी स्पेस्शयलिटी अस्पताल, जिला अस्पताल वृंदावन, भास्कर अस्पताल, गोपाल कृष्ण अस्पताल व राम कृष्ण मिशन सेवाश्रम अस्पताल शामिल हैं। ब्यूरो