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दिल्ली में कुष्ठ रोगियों के लिए चला अभियान बीच में ही रुका
Updated Fri, 23 Nov 2018 07:55 AM IST
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स्टाफ व्यस्त, कुष्ठ अभियान पांच दिन ठप
- 14 दिन के बाद बीच में ही रोकना पड़ा, स्टाफ की कमी के कारण हुई दिक्कत
स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने की थी घोषणा,
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बड़े ही विश्वास के साथ कुछ दिन पहले कुष्ठ रोगियों के लिए एक महाअभियान दिल्ली में शुरू किया था जोकि चंद दिन बाद ही बीच में रोकना पड़ा। 14 दिन तक चलने वाले इस अभियान को बीच में ही रोकने के पीछे बड़ी वजह स्टाफ की कमी बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो इस समय पोलियो सप्ताह के लिए आधे से स्टाफ तैनात है। इसलिए अभियान को पांच दिन के लिए रोका है। पांच दिनों के बाद इसे दोबारा से शुरू किया जाएगा। दरअसल स्वास्थ्य विभाग की ओर से रविवार को पोलियो सप्ताह भी शुरू कर दिया है जिसके चलते कुष्ठ अभियान चलाने वाला आधा स्टाफ व्यस्त है।10 नवंबर को 14 दिन के लिए इस कैंपेन की शुरुआत की गई थी ताकि लेप्रोसी को रोका जा सके और उनके मरीजों को पहचान करके उनका इलाज किया जा सके। राज्य कुष्ठ निवारण अधिकारी डॉ. के एस भघोटिया का कहना है कि शुक्रवार के बाद इस कैंपेन को दोबारा शुरू करके अन्य बचे दिनों को पूरा किया जाएगा। पोलियो भी बेहद महत्वपूर्ण अभियान है, इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसे देखते हुए पहले स्टाफ को पोलियो अभियान पूरा करने के लिए कहा गया है। ऐसे में सवाल लाजमी है कि पिछले कई वर्षों से चली आ रही स्टाफ की कमी को लेकर दिल्ली सरकार ठोस राहत क्यों नहीं निकालती? इस पर विभागीय अधिकारी भी चुप्पी साधे हैं।
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- 14 दिन के बाद बीच में ही रोकना पड़ा, स्टाफ की कमी के कारण हुई दिक्कत
स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने की थी घोषणा,
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बड़े ही विश्वास के साथ कुछ दिन पहले कुष्ठ रोगियों के लिए एक महाअभियान दिल्ली में शुरू किया था जोकि चंद दिन बाद ही बीच में रोकना पड़ा। 14 दिन तक चलने वाले इस अभियान को बीच में ही रोकने के पीछे बड़ी वजह स्टाफ की कमी बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो इस समय पोलियो सप्ताह के लिए आधे से स्टाफ तैनात है। इसलिए अभियान को पांच दिन के लिए रोका है। पांच दिनों के बाद इसे दोबारा से शुरू किया जाएगा। दरअसल स्वास्थ्य विभाग की ओर से रविवार को पोलियो सप्ताह भी शुरू कर दिया है जिसके चलते कुष्ठ अभियान चलाने वाला आधा स्टाफ व्यस्त है।10 नवंबर को 14 दिन के लिए इस कैंपेन की शुरुआत की गई थी ताकि लेप्रोसी को रोका जा सके और उनके मरीजों को पहचान करके उनका इलाज किया जा सके। राज्य कुष्ठ निवारण अधिकारी डॉ. के एस भघोटिया का कहना है कि शुक्रवार के बाद इस कैंपेन को दोबारा शुरू करके अन्य बचे दिनों को पूरा किया जाएगा। पोलियो भी बेहद महत्वपूर्ण अभियान है, इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसे देखते हुए पहले स्टाफ को पोलियो अभियान पूरा करने के लिए कहा गया है। ऐसे में सवाल लाजमी है कि पिछले कई वर्षों से चली आ रही स्टाफ की कमी को लेकर दिल्ली सरकार ठोस राहत क्यों नहीं निकालती? इस पर विभागीय अधिकारी भी चुप्पी साधे हैं।