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दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर दिल्ली सरकार ने उठाया सवाल
Updated Wed, 21 Nov 2018 06:51 AM IST
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दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाया सवाल
- दिल्ली सरकार ने बयान जारी कर कहा कि पुलिस पूरे मामले में बोल रही झूठ
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने मुख्यमंत्री पर हमले की जांच के मामले में दिल्ली पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाया है। दिल्ली सरकार ने हैरानी जताते हुए कहा है कि दिल्ली पुलिस इस मामले में झूठ बोल रही है। मीडिया में जारी बयान में कहा है कि दिल्ली सचिवालय की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस की है, लेकिन सुरक्षा में लगातार सेंध लगी है। इसे स्वीकार करने की जगह राजनीतिक दबाव में पुलिस झूठ बोल रही है। दिल्ली सरकार ने पुलिस से इस मसले में कई सवाल भी किए हैं। साथ ही पुलिस को चेतावनी दी है कि वह इस मसले में सभी कानूनी पहलुओं पर विचार कर रही है।
आप सांसद बोले, कैसे पहुंचा आरोपी सचिवालय
आप सांसद संजय सिंह का कहना है कि सचिवालय के अंदर मुख्यमंत्री पर हमला भाजपा राज में खुलेआम गुंडागर्दी का सीधा उदाहरण है। कुछ दिन पहले भाजपा नेता मनोज तिवारी के नेतृत्व में पुलिस की मौजूदगी में तोड़फोड व गुंडागर्दी हुई थी। क्या केंद्र सरकार मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के जीवन के लिए खतरा बन गई है। हमलावर मिर्च व माचिस लेकर कैसे सचिवालय पहुंच गया।
आरोपी ने पुलिस स्टेशन में लगाए भारत माता की जय के नारे
केजरीवाल पर हमले के आरोपी अनिल कुमार शर्मा ने पुलिस हिरासत में सचिवालय से निकलते हुए मीडिया के सवालों का जवाब दिया। वहीं, पुलिस स्टेशन के अंदर भारत माता की जय के नारे लगाए। उसने कहा कि उन्होंने देश भक्तों को छला है। देश भक्त चुप नहीं बैठते हैं। इस दौरान उसने भाजपा को सच्ची देश भक्ति वाली पार्टी बताया। भाजपा मुख्यालय पर आप का प्रदर्शन आज
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मुख्यमंत्री पर हमले के खिलाफ बुधवार शाम चार बजे आम आदमी पार्टी डीडीयू मार्ग स्थित भाजपा मुख्यालय पर प्रदर्शन करेगी। आप दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल राय ने हमले की निंदा करते कहा कि वह सचिवालय में हुई घटना में भाजपा की मिलीभगत का खुलासा करेंगे।
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ये सवाल उठाए
- क्या बगैर जांच के कोई मिर्ची पाउडर के पैकेट व मैच बॉक्स लेकर दिल्ली सचिवालय में दाखिल हो सकता है?
- क्या सचिवालय में जाने वाले लोगों की कोई जांच होती है?
- दिल्ली पुलिस को पता है कि हमलावर के पास कोई दूसरा औजार होता तो उसका परिणाम क्या होता?
- दिल्ली पुलिस की क्या मजबूरी थी कि सीसीटीवी फुटेज से खुलासे के पहले वह हमले से इंकार कर रही थी?
- क्या दिल्ली पुलिस ने सचिवालय की अपनी चौकी को निर्देश दे रखा है कि सचिवालय में प्रवेश करने वाले से आंख मूंद लेें।
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कब-कब हुआ केजरीवाल पर हमला
4 अप्रैल 2014: दक्षिणी दिल्ली के दक्षिणपुरी इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान केजरीवाल पर एक शख्स ने मुक्के से हमला किया था। इस मामले में केस भी दर्ज नहीं हुआ था। 8 अप्रैल 2014: सुल्तानपुरी में एक ऑटो चालक ने केजरीवाल पर हमला किया था। रोड शो के दौरान चालक ने पहले उन्हें माला पहनाईा। फिर चेहर पर तमाचा मार दिया था। 18 जनवरी 2016: डीटीसी कर्मियों के छत्रसाल में आयोजित एक कार्यक्रम में केजरीवाल पर भावना गौड़ नाम की युवती ने स्याही फेंकी थी।
4 सितंबर 2016: सचिवालय के मीडिया सेंटर में प्रेस कांफ्रेस करते हुए वेद प्रकाश नाम के एक शख्स ने सीएम पर जूता फेंक दिया था। हालांकि, वह जूता उन पर नहीं लगा था।
20 नवंबर 2018: दिल्ली सचिवालय के अंदर केजरीवाल पर हमला हुआ। उन पर मिर्च का पाउडर डालने की कोशिश हुई।
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- दिल्ली सरकार ने बयान जारी कर कहा कि पुलिस पूरे मामले में बोल रही झूठ
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने मुख्यमंत्री पर हमले की जांच के मामले में दिल्ली पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाया है। दिल्ली सरकार ने हैरानी जताते हुए कहा है कि दिल्ली पुलिस इस मामले में झूठ बोल रही है। मीडिया में जारी बयान में कहा है कि दिल्ली सचिवालय की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस की है, लेकिन सुरक्षा में लगातार सेंध लगी है। इसे स्वीकार करने की जगह राजनीतिक दबाव में पुलिस झूठ बोल रही है। दिल्ली सरकार ने पुलिस से इस मसले में कई सवाल भी किए हैं। साथ ही पुलिस को चेतावनी दी है कि वह इस मसले में सभी कानूनी पहलुओं पर विचार कर रही है।
आप सांसद बोले, कैसे पहुंचा आरोपी सचिवालय
आप सांसद संजय सिंह का कहना है कि सचिवालय के अंदर मुख्यमंत्री पर हमला भाजपा राज में खुलेआम गुंडागर्दी का सीधा उदाहरण है। कुछ दिन पहले भाजपा नेता मनोज तिवारी के नेतृत्व में पुलिस की मौजूदगी में तोड़फोड व गुंडागर्दी हुई थी। क्या केंद्र सरकार मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के जीवन के लिए खतरा बन गई है। हमलावर मिर्च व माचिस लेकर कैसे सचिवालय पहुंच गया।
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आरोपी ने पुलिस स्टेशन में लगाए भारत माता की जय के नारे
केजरीवाल पर हमले के आरोपी अनिल कुमार शर्मा ने पुलिस हिरासत में सचिवालय से निकलते हुए मीडिया के सवालों का जवाब दिया। वहीं, पुलिस स्टेशन के अंदर भारत माता की जय के नारे लगाए। उसने कहा कि उन्होंने देश भक्तों को छला है। देश भक्त चुप नहीं बैठते हैं। इस दौरान उसने भाजपा को सच्ची देश भक्ति वाली पार्टी बताया। भाजपा मुख्यालय पर आप का प्रदर्शन आज
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मुख्यमंत्री पर हमले के खिलाफ बुधवार शाम चार बजे आम आदमी पार्टी डीडीयू मार्ग स्थित भाजपा मुख्यालय पर प्रदर्शन करेगी। आप दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल राय ने हमले की निंदा करते कहा कि वह सचिवालय में हुई घटना में भाजपा की मिलीभगत का खुलासा करेंगे।
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ये सवाल उठाए
- क्या बगैर जांच के कोई मिर्ची पाउडर के पैकेट व मैच बॉक्स लेकर दिल्ली सचिवालय में दाखिल हो सकता है?
- क्या सचिवालय में जाने वाले लोगों की कोई जांच होती है?
- दिल्ली पुलिस को पता है कि हमलावर के पास कोई दूसरा औजार होता तो उसका परिणाम क्या होता?
- दिल्ली पुलिस की क्या मजबूरी थी कि सीसीटीवी फुटेज से खुलासे के पहले वह हमले से इंकार कर रही थी?
- क्या दिल्ली पुलिस ने सचिवालय की अपनी चौकी को निर्देश दे रखा है कि सचिवालय में प्रवेश करने वाले से आंख मूंद लेें।
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कब-कब हुआ केजरीवाल पर हमला
4 अप्रैल 2014: दक्षिणी दिल्ली के दक्षिणपुरी इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान केजरीवाल पर एक शख्स ने मुक्के से हमला किया था। इस मामले में केस भी दर्ज नहीं हुआ था। 8 अप्रैल 2014: सुल्तानपुरी में एक ऑटो चालक ने केजरीवाल पर हमला किया था। रोड शो के दौरान चालक ने पहले उन्हें माला पहनाईा। फिर चेहर पर तमाचा मार दिया था। 18 जनवरी 2016: डीटीसी कर्मियों के छत्रसाल में आयोजित एक कार्यक्रम में केजरीवाल पर भावना गौड़ नाम की युवती ने स्याही फेंकी थी।
4 सितंबर 2016: सचिवालय के मीडिया सेंटर में प्रेस कांफ्रेस करते हुए वेद प्रकाश नाम के एक शख्स ने सीएम पर जूता फेंक दिया था। हालांकि, वह जूता उन पर नहीं लगा था।
20 नवंबर 2018: दिल्ली सचिवालय के अंदर केजरीवाल पर हमला हुआ। उन पर मिर्च का पाउडर डालने की कोशिश हुई।