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दिल्ली ने नहीं किया करार तो निजी अस्पताल केंद्र से मिले
Updated Wed, 21 Nov 2018 06:51 AM IST
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दिल्ली ने नहीं किया करार तो केंद्र से मिले निजी अस्पताल
- दिल्ली में आयुष्मान भारत के तहत पहला निजी अस्पताल जुड़ा
- नांगलोई स्थित सिग्नस अस्पताल से करार, केंद्र देगा पूरा खर्च
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत पर दिल्ली सरकार को बड़ा झटका मिला है। केंद्र ने पांच लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा वाली इस योजना के साथ एमओयू नहीं करने वाले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार को किनारा करते हुए सीधे तौर पर दिल्ली के निजी अस्पतालों के साथ करार करना शुरू कर दिया है। नांगलोई स्थित सिग्नस सोनिया अस्पताल से इसकी शुरुआत भी हो चुकी है। दो दिन पहले ही इस अस्पताल के साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की नेशनल हेल्थ एजेंसी ने करार किया है। आयुष्मान भारत के तहत दिल्ली में ये पहला निजी अस्पताल है, जो लाभार्थियों को इलाज दे सकेगा। हालांकि ऐसा करने पर संबंधित अस्पतालों को पूरा खर्च केंद्र सरकार को वहन करना पड़ेगा। जबकि आयुष्मान भारत के तहत 60 फीसदी केंद्र और 40 फीसदी बजट राज्य सरकार को देना तय हुआ था।
प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) के सीईओ डॉ. इंदुभूषण ने बताया कि नेशनल पोर्टेबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए निजी अस्पतालों से सीधा संपर्क किया जा रहा है। नांगलोई स्थित सिग्नस सोनिया अस्पताल आयुष्मान भारत के साथ दिल्ली का पहला निजी अस्पताल बन चुका है। उनका कहना है कि हमें दिल्ली में अस्पतालों की जरूरत है। हम दिल्ली सरकार को किनारा नहीं कर रहे, केवल निजी अस्पतालों से सीधे करार कर रहे हैं। दिल्ली स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक डॉ. कीर्तिभूषण का कहना है कि केंद्र किसी भी अस्पताल को अपने साथ जोड़ने का अधिकार रखता है। हालांकि उस स्थिति में दिल्ली सरकार 40 फीसदी बजट नहीं देगा। केंद्र चाहे तो 100 फीसदी बजट देकर अस्पताल में मरीज का इलाज करवा सकता है।
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- दिल्ली में आयुष्मान भारत के तहत पहला निजी अस्पताल जुड़ा
- नांगलोई स्थित सिग्नस अस्पताल से करार, केंद्र देगा पूरा खर्च
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत पर दिल्ली सरकार को बड़ा झटका मिला है। केंद्र ने पांच लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा वाली इस योजना के साथ एमओयू नहीं करने वाले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार को किनारा करते हुए सीधे तौर पर दिल्ली के निजी अस्पतालों के साथ करार करना शुरू कर दिया है। नांगलोई स्थित सिग्नस सोनिया अस्पताल से इसकी शुरुआत भी हो चुकी है। दो दिन पहले ही इस अस्पताल के साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की नेशनल हेल्थ एजेंसी ने करार किया है। आयुष्मान भारत के तहत दिल्ली में ये पहला निजी अस्पताल है, जो लाभार्थियों को इलाज दे सकेगा। हालांकि ऐसा करने पर संबंधित अस्पतालों को पूरा खर्च केंद्र सरकार को वहन करना पड़ेगा। जबकि आयुष्मान भारत के तहत 60 फीसदी केंद्र और 40 फीसदी बजट राज्य सरकार को देना तय हुआ था।
प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) के सीईओ डॉ. इंदुभूषण ने बताया कि नेशनल पोर्टेबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए निजी अस्पतालों से सीधा संपर्क किया जा रहा है। नांगलोई स्थित सिग्नस सोनिया अस्पताल आयुष्मान भारत के साथ दिल्ली का पहला निजी अस्पताल बन चुका है। उनका कहना है कि हमें दिल्ली में अस्पतालों की जरूरत है। हम दिल्ली सरकार को किनारा नहीं कर रहे, केवल निजी अस्पतालों से सीधे करार कर रहे हैं। दिल्ली स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक डॉ. कीर्तिभूषण का कहना है कि केंद्र किसी भी अस्पताल को अपने साथ जोड़ने का अधिकार रखता है। हालांकि उस स्थिति में दिल्ली सरकार 40 फीसदी बजट नहीं देगा। केंद्र चाहे तो 100 फीसदी बजट देकर अस्पताल में मरीज का इलाज करवा सकता है।
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