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डीयू का छात्र नहीं बन पाया, चासंलर बन गया-उपराष्ट्रपति
Updated Tue, 20 Nov 2018 06:43 AM IST
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डीयू का 95वां दीक्षांत समारोह
डीयू का छात्र बनने का था सपना, लेकिन चांसलर बन गया
-उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने मां, मातृभाषा, मातृभूमि और गुरु को न भूलने का मंत्र दिया
- समारोह में 584 डिग्री, 39 डीएम, एमसीएच डिग्री, 187 मेडल और 16 पुरस्कार प्रदान किए गए
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में हमेशा से पढ़ने का सपना था। यहां का छात्र बनना चाहता था, लेकिन यह सपना पूरा नहीं हो सका। अब खुशी इस बात की है कि जिस विश्वविद्यालय का छात्र नहीं बन सका उसका चांसलर बन गया हूं। किसी भी मुकाम पर पहुंच जाएं, लेकिन जीवन में कभी अपनी मां, मातृभाषा, मातृभूमि और गुरु को न भूलें। उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने यह बातें दिल्ली विश्वविद्यालय के 95वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर छात्रों को संबोधित करते हुए कहीं।
डीयू के इंडोर स्टेडियम में दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे उपराष्ट्रपति ने छात्रों को देश की संस्कृति को न भूलने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों को रचनात्मक बनना और एकजुट रहना चाहिए। समारोह में उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि मेडल पाने वाले में अधिकतर छात्राएं रही। उन्होंने कहा कि यह देश के लिए अच्छा और सकारात्मक संकेत है। इस अवसर पर मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य है कि वह हमें असत्य से सत्य की ओर ले जाए और अंधकार को दूर करने का काम करेें। उन्होंने संस्थानों में गलत लोगों के डिग्री लेने की भी आलोचना की। समारोह में 584 पीएचडी डिग्री, 39 डीएम-एमसीएच डिग्री, 187 मेडल और 16 पुरस्कार प्रदान किए गए।
डीयू को मिलेगा उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा
डीयू के 95वें दीक्षांत समारोह में कुलपति प्रो. योगेश त्यागी ने कहा कि केंद्र आठ सार्वजनिक विश्वविद्यालय को उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा देगा। इसमें एक नाम डीयू का भी है। यह दर्जा मिलने से कई नीतियां लागू होंगी, जिसे फंड भी मिलेगा। मालूम हो कि उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा मिलने से सरकार की ओर से एक हजार करोड़ का फंड संस्थान को मिलेगा। उन्होंने कहा कि कैंपस में दिल्ली स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ व दिल्ली स्कूल ऑफ पब्लिक पॉलिसी को स्थापित किया जाएगा। वहीं नजफगढ़ में भी कैंपस बनाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि दाखिला नीति को ऐसा बनाया जाएगा कि किसी भी गलत तरीके से दाखिला न हो। वहीं डीयू में भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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स्कूली छात्रों को दिए गए टैबलेट
डीयू के दीक्षांत समारोह को खास बनाने के लिए पहली बार सीआईई एक्सपेरिमेंटल बेसिक स्कूल और डीयू सोशल सेंटर को-एड सैकेंडरी स्कूल से 30 छात्रों को बुलाया गया। इस अवसर पर उन्होंने टैबलेट दिए गए। यह टैबलेट में पाठ्य सामग्री को अपलोड किया गया है। साथ ही शब्दकोश, गणित, इनसाइक्लोपीडिया जैैसे सॉफ्टवेयर भी होंगे। इन बच्चों के साथ ही नॉन कॉलेजिएट वूमेन एजुकेशन बोर्ड (एनसीवेब) की छात्राओं को भी समारोह को देखने के लिए बुलाया गया।
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डीयू का छात्र बनने का था सपना, लेकिन चांसलर बन गया
-उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने मां, मातृभाषा, मातृभूमि और गुरु को न भूलने का मंत्र दिया
- समारोह में 584 डिग्री, 39 डीएम, एमसीएच डिग्री, 187 मेडल और 16 पुरस्कार प्रदान किए गए
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में हमेशा से पढ़ने का सपना था। यहां का छात्र बनना चाहता था, लेकिन यह सपना पूरा नहीं हो सका। अब खुशी इस बात की है कि जिस विश्वविद्यालय का छात्र नहीं बन सका उसका चांसलर बन गया हूं। किसी भी मुकाम पर पहुंच जाएं, लेकिन जीवन में कभी अपनी मां, मातृभाषा, मातृभूमि और गुरु को न भूलें। उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने यह बातें दिल्ली विश्वविद्यालय के 95वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर छात्रों को संबोधित करते हुए कहीं।
डीयू के इंडोर स्टेडियम में दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे उपराष्ट्रपति ने छात्रों को देश की संस्कृति को न भूलने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों को रचनात्मक बनना और एकजुट रहना चाहिए। समारोह में उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि मेडल पाने वाले में अधिकतर छात्राएं रही। उन्होंने कहा कि यह देश के लिए अच्छा और सकारात्मक संकेत है। इस अवसर पर मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य है कि वह हमें असत्य से सत्य की ओर ले जाए और अंधकार को दूर करने का काम करेें। उन्होंने संस्थानों में गलत लोगों के डिग्री लेने की भी आलोचना की। समारोह में 584 पीएचडी डिग्री, 39 डीएम-एमसीएच डिग्री, 187 मेडल और 16 पुरस्कार प्रदान किए गए।
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डीयू को मिलेगा उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा
डीयू के 95वें दीक्षांत समारोह में कुलपति प्रो. योगेश त्यागी ने कहा कि केंद्र आठ सार्वजनिक विश्वविद्यालय को उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा देगा। इसमें एक नाम डीयू का भी है। यह दर्जा मिलने से कई नीतियां लागू होंगी, जिसे फंड भी मिलेगा। मालूम हो कि उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा मिलने से सरकार की ओर से एक हजार करोड़ का फंड संस्थान को मिलेगा। उन्होंने कहा कि कैंपस में दिल्ली स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ व दिल्ली स्कूल ऑफ पब्लिक पॉलिसी को स्थापित किया जाएगा। वहीं नजफगढ़ में भी कैंपस बनाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि दाखिला नीति को ऐसा बनाया जाएगा कि किसी भी गलत तरीके से दाखिला न हो। वहीं डीयू में भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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स्कूली छात्रों को दिए गए टैबलेट
डीयू के दीक्षांत समारोह को खास बनाने के लिए पहली बार सीआईई एक्सपेरिमेंटल बेसिक स्कूल और डीयू सोशल सेंटर को-एड सैकेंडरी स्कूल से 30 छात्रों को बुलाया गया। इस अवसर पर उन्होंने टैबलेट दिए गए। यह टैबलेट में पाठ्य सामग्री को अपलोड किया गया है। साथ ही शब्दकोश, गणित, इनसाइक्लोपीडिया जैैसे सॉफ्टवेयर भी होंगे। इन बच्चों के साथ ही नॉन कॉलेजिएट वूमेन एजुकेशन बोर्ड (एनसीवेब) की छात्राओं को भी समारोह को देखने के लिए बुलाया गया।