{"_id":"5bef0ab4bdec22694b42c464","slug":"154239255112-ashram-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भ्रष्टाचार की जांच के लिए गठित कमेटी केवल सिक्ख संगतों की आंखों में धूल झोंकने की साजिश -- सरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भ्रष्टाचार की जांच के लिए गठित कमेटी केवल सिक्ख संगतों की आंखों में धूल झोंकने की साजिश -- सरना
Updated Fri, 16 Nov 2018 11:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीके को हटाए बिना निष्पक्ष
जांच संभव नहीं : सरना
नई दिल्ली। शिरोमणि अकाली दल दिल्ली के प्रधान परमजीत सिंह सरना ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कमेटी अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके से त्यागपत्र की मांग की है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार का सीधा आरोप जीके पर है। ऐसे में उनके अध्यक्ष रहते निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। सरना ने एक बयान में कहा कि जीके और उनके साथियों पर गुरु की गोलक में भ्रष्टाचार के सबूत सामने आए हैं। जांच के लिए गठित कमेटी सिख संगत की आंख में धूल झोंकने की साजिश मात्र है। कमेटी में चार्टर्ड एकाउंटेंट, बैंकर, लेखा परीक्षक या खाता विशेषज्ञ शामिल नहीं हैं। जांच समिति की संरचना ही इसकी रिपोर्ट पर प्रश्न चिन्ह लगाती है। इसमें जीके के चहेते सदस्य हैं, ताकि वे उन्हें क्लीन चिट दे सके। सरना ने कहा कि कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरमीत सिंह कालका और धर्म प्रचार कमेटी के चेयरमैन परमजीत सिंह राणा दोनों जीके के करीबी हैं। सरना ने इस मुद्दे पर चुप्पी के लिए अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को भी कटघरे में खड़ा किया है।
विज्ञापन
जांच संभव नहीं : सरना
नई दिल्ली। शिरोमणि अकाली दल दिल्ली के प्रधान परमजीत सिंह सरना ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कमेटी अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके से त्यागपत्र की मांग की है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार का सीधा आरोप जीके पर है। ऐसे में उनके अध्यक्ष रहते निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। सरना ने एक बयान में कहा कि जीके और उनके साथियों पर गुरु की गोलक में भ्रष्टाचार के सबूत सामने आए हैं। जांच के लिए गठित कमेटी सिख संगत की आंख में धूल झोंकने की साजिश मात्र है। कमेटी में चार्टर्ड एकाउंटेंट, बैंकर, लेखा परीक्षक या खाता विशेषज्ञ शामिल नहीं हैं। जांच समिति की संरचना ही इसकी रिपोर्ट पर प्रश्न चिन्ह लगाती है। इसमें जीके के चहेते सदस्य हैं, ताकि वे उन्हें क्लीन चिट दे सके। सरना ने कहा कि कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरमीत सिंह कालका और धर्म प्रचार कमेटी के चेयरमैन परमजीत सिंह राणा दोनों जीके के करीबी हैं। सरना ने इस मुद्दे पर चुप्पी के लिए अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को भी कटघरे में खड़ा किया है।