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423 करोड़ से देश में इमरजेंसी मेडिकल विशेषज्ञ तैयार करेगी सरकार
Updated Fri, 16 Nov 2018 11:51 PM IST
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423 करोड़ से तैयार होंगे
आपात चिकित्सा विशेषज्ञ
- केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने दी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि सरकार 423 करोड़ रुपये से देश में आपात चिकित्सा विशेषज्ञ तैयार करेगी। उन्होंने बताया कि इस समय देश में 37 एमडी सीटें है, जो इमरजेंसी मेडिसन के क्षेत्र में हैं। इसके अलावा 35 निजी अस्पतालों और संस्थाओं में यह डिग्री मिलती है।
शुक्रवार को भारतीय इमरजेंसी मेडिसन सोसायटी के राष्ट्रीय सम्मेलन में चौबे ने कहा कि देश में इसकी विधिवत शुरुआत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से 2005 में हुई। इस समय देश में 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 108 तथा 102 नंबर डायल कर एंबुलेंस बुलाने की सुविधा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 102 एवं 108 को मिलाकर 18,583 एंबुलेंस काम कर रही हैं। निजी क्षेत्र तथा राज्य सरकारों की भी एंबुलेंस सेवाएं काम कर रही हैं।
केंद्र सरकार ने मेडिकल इमरजेंसी व एमडी की सीटें बढ़ाने और टेक्नीशियन्स का प्रशिक्षित पूल बनाने के लिए वर्ष 2017-20 तक के लिए 423 करोड़ का बजट रखा है। इससे देशभर में 140 केंद्र स्थापित होंगे, जो नेशनल इमरजेंसी मेडिकल लाइफ सपोर्ट कोर्स के क्षेत्र में प्रशिक्षण देंगे। उन्होंने कहा कि देश में हर साल 1,50,785 मौतें सड़क दुर्घटनाओं के कारण होती हैं। इनमें ज्यादातर लोग 15-49 आयु वर्ग के होते हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए भारत सरकार ने नेशनल हाईवे पर स्थापित सरकारी अस्पतालों में ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने की योजना बनाई है। वर्ष 2020 तक देश में और 30 ट्रामा सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव है।
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आपात चिकित्सा विशेषज्ञ
- केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने दी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि सरकार 423 करोड़ रुपये से देश में आपात चिकित्सा विशेषज्ञ तैयार करेगी। उन्होंने बताया कि इस समय देश में 37 एमडी सीटें है, जो इमरजेंसी मेडिसन के क्षेत्र में हैं। इसके अलावा 35 निजी अस्पतालों और संस्थाओं में यह डिग्री मिलती है।
शुक्रवार को भारतीय इमरजेंसी मेडिसन सोसायटी के राष्ट्रीय सम्मेलन में चौबे ने कहा कि देश में इसकी विधिवत शुरुआत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से 2005 में हुई। इस समय देश में 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 108 तथा 102 नंबर डायल कर एंबुलेंस बुलाने की सुविधा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 102 एवं 108 को मिलाकर 18,583 एंबुलेंस काम कर रही हैं। निजी क्षेत्र तथा राज्य सरकारों की भी एंबुलेंस सेवाएं काम कर रही हैं।
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केंद्र सरकार ने मेडिकल इमरजेंसी व एमडी की सीटें बढ़ाने और टेक्नीशियन्स का प्रशिक्षित पूल बनाने के लिए वर्ष 2017-20 तक के लिए 423 करोड़ का बजट रखा है। इससे देशभर में 140 केंद्र स्थापित होंगे, जो नेशनल इमरजेंसी मेडिकल लाइफ सपोर्ट कोर्स के क्षेत्र में प्रशिक्षण देंगे। उन्होंने कहा कि देश में हर साल 1,50,785 मौतें सड़क दुर्घटनाओं के कारण होती हैं। इनमें ज्यादातर लोग 15-49 आयु वर्ग के होते हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए भारत सरकार ने नेशनल हाईवे पर स्थापित सरकारी अस्पतालों में ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने की योजना बनाई है। वर्ष 2020 तक देश में और 30 ट्रामा सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव है।
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