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अपंजीकृत बिल्डर प्रोजेक्टों पर लगेगा दस फीसदी जुर्माना
Updated Wed, 14 Nov 2018 11:23 PM IST
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प्रोजेक्ट पंजीकृत नहीं कराने वाले बिल्डरों पर लगेगा जुर्माना
- रेरा ने लिया फैसला, प्रोजेक्ट की कुल लागत का दस फीसदी देना होगा
- हर बुधवार और बृहस्पतिवार को अपंजीकृत प्रोजेक्ट के मामलों की होगी सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने प्रोजेक्ट को पंजीकृत नहीं कराने वाले बिल्डरों पर कार्रवाई करने का फैसला लिया है। पंजीकृत नहीं कराने पर बिल्डर पर प्रोजेक्ट की कुल लागत का दस प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा। ग्रेटर नोएडा स्थित कार्यालय में अब हर बुधवार और बृहस्पतिवार को रेरा के सचिव अपंजीकृत प्रोजेक्ट के मामलों की सुनवाई करेंगे।
बुधवार को सेक्टर गामा दो स्थित रेरा कार्यालय में अध्यक्ष राजीव कुमार ने तीनों प्राधिकरण के अफसरों के साथ बैठक की। रेरा सदस्य बलविंदर कुमार ने बताया कि काफी ऐसे प्रोजेक्ट हैं, जिनको बिल्डरों ने रेरा में पंजीकृत नहीं कराया है। अभी तक रेरा में अपंजीकृत प्रोजेक्टों के 554 खरीदारों की शिकायत आ चुकी हैं। अब प्रोजेक्ट को पंजीकृत नहीं कराने वाले बिल्डरों पर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे बिल्डर पर उसके कुल प्रोजेक्ट की कीमत का दस प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब ऐसे प्रोजेक्ट के मामलों की सुनवाई ग्रेटर नोएडा में होगी। रेरा के सचिव हर बुधवार और बृहस्पतिवार को इन मामलों की सुनवाई करेंगे। तीनों प्राधिकरण से सभी बिल्डरों का ब्योरा मांगा है। उसमें यह भी बताना होगा कि कौन सा प्रोजेक्ट पंजीकृत नहीं है।
रोजाना दर्ज हो रहे हैं 50 मामले, अब छह दिन होगी सुनवाई
रेरा में खरीदारों के रोजाना 50 केस दर्ज हो रहे हैं। इससे मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस समय 8211 केस दर्ज हो चुके हैं। जबकि, इनमें से 2172 पर ही सुनवाई हो सकी है। रेरा के सदस्य बलविंदर कुमार ने बताया कि मामलों की संख्या बढ़ रही है। उसको देखते हुए फैसला लिया गया है कि दोनों पीठ अब सप्ताह में छह दिन सुनवाई करेंगी। इससे पहले दोनों पीठ मिलकर चार दिन सुनवाई करती थीं। अब पीठ-2 सोमवार, मंगलवार, बुधवार व बृहस्पतिवार को सुनवाई करेगी। वहीं पीठ-1 सप्ताह में बृहस्पतिवार और शुक्रवार को सुनवाई करेगी।
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बुधवार को 122 मामलों की सुनवाई
सेक्टर गामा दो स्थित रेरा कार्यालय में बुधवार को पीठ-एक और पीठ-दो ने विभिन्न बिल्डरों के कुल 122 मामलों की सुनवाई की। पीठ एक ने कुल 70 मामलों को सुना। जबकि, पीठ-2 ने 52 मामलों पर सुनवाई की। ज्यादातर मामलों को पहली बार सुना गया। जिन पर बिल्डर से जवाब मांगा गया है।
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प्रोजेक्ट पंजीकृत नहीं कराने वाले बिल्डरों पर लगेगा जुर्माना
- रेरा ने लिया फैसला, प्रोजेक्ट की कुल लागत का दस फीसदी देना होगा
- हर बुधवार और बृहस्पतिवार को अपंजीकृत प्रोजेक्ट के मामलों की होगी सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने प्रोजेक्ट को पंजीकृत नहीं कराने वाले बिल्डरों पर कार्रवाई करने का फैसला लिया है। पंजीकृत नहीं कराने पर बिल्डर पर प्रोजेक्ट की कुल लागत का दस प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा। ग्रेटर नोएडा स्थित कार्यालय में अब हर बुधवार और बृहस्पतिवार को रेरा के सचिव अपंजीकृत प्रोजेक्ट के मामलों की सुनवाई करेंगे।
बुधवार को सेक्टर गामा दो स्थित रेरा कार्यालय में अध्यक्ष राजीव कुमार ने तीनों प्राधिकरण के अफसरों के साथ बैठक की। रेरा सदस्य बलविंदर कुमार ने बताया कि काफी ऐसे प्रोजेक्ट हैं, जिनको बिल्डरों ने रेरा में पंजीकृत नहीं कराया है। अभी तक रेरा में अपंजीकृत प्रोजेक्टों के 554 खरीदारों की शिकायत आ चुकी हैं। अब प्रोजेक्ट को पंजीकृत नहीं कराने वाले बिल्डरों पर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे बिल्डर पर उसके कुल प्रोजेक्ट की कीमत का दस प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब ऐसे प्रोजेक्ट के मामलों की सुनवाई ग्रेटर नोएडा में होगी। रेरा के सचिव हर बुधवार और बृहस्पतिवार को इन मामलों की सुनवाई करेंगे। तीनों प्राधिकरण से सभी बिल्डरों का ब्योरा मांगा है। उसमें यह भी बताना होगा कि कौन सा प्रोजेक्ट पंजीकृत नहीं है।
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रोजाना दर्ज हो रहे हैं 50 मामले, अब छह दिन होगी सुनवाई
रेरा में खरीदारों के रोजाना 50 केस दर्ज हो रहे हैं। इससे मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस समय 8211 केस दर्ज हो चुके हैं। जबकि, इनमें से 2172 पर ही सुनवाई हो सकी है। रेरा के सदस्य बलविंदर कुमार ने बताया कि मामलों की संख्या बढ़ रही है। उसको देखते हुए फैसला लिया गया है कि दोनों पीठ अब सप्ताह में छह दिन सुनवाई करेंगी। इससे पहले दोनों पीठ मिलकर चार दिन सुनवाई करती थीं। अब पीठ-2 सोमवार, मंगलवार, बुधवार व बृहस्पतिवार को सुनवाई करेगी। वहीं पीठ-1 सप्ताह में बृहस्पतिवार और शुक्रवार को सुनवाई करेगी।
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बुधवार को 122 मामलों की सुनवाई
सेक्टर गामा दो स्थित रेरा कार्यालय में बुधवार को पीठ-एक और पीठ-दो ने विभिन्न बिल्डरों के कुल 122 मामलों की सुनवाई की। पीठ एक ने कुल 70 मामलों को सुना। जबकि, पीठ-2 ने 52 मामलों पर सुनवाई की। ज्यादातर मामलों को पहली बार सुना गया। जिन पर बिल्डर से जवाब मांगा गया है।