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बेजुबानों की जान पर हावी दिल्ली का प्रदूषण
Updated Sun, 11 Nov 2018 05:09 AM IST
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बेजुबानों की जान पर भारी दिल्ली का प्रदूषण
बर्ड हॉस्पिटल में पहुंचे प्रदूषण की परेशानियों से ग्रस्त 30 पक्षी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । दमघोंटू हवा इंसानों के साथ-साथ बेजुबानों पर भी भारी पड़ने लगी है। चांदनी चौक स्थित चैरिटी बर्ड हॉस्पिटल में पिछले चार दिनों में प्रदूषण संबंधित परेशानियों से ग्रस्त लगभग 30 पक्षी पहुंचे हैं। इनमें किसी को आई इंफेक्शन है तो किसी को सांस में लेने में परेशानी हो रही है। इनमें कबूतरों की संख्या ज्यादा है। इसके अलावा चील, कौवे, तोते और चिड़ियां जैसे पक्षी भी अस्पताल में पहुंचे हैं।
चैरिटी बर्ड हॉस्पिटल के ऑर्नरी मैनेजर सुनील कुमार जैन बताते हैं कि यह पक्षी प्रदूषण की मार से सड़क पर तड़पते पाए गए थे, जिन्हें पुलिस, आम लोगों और बर्ड लवर की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।
जैन का कहना है कि छोटी दिवाली से लेकर भाई दूज तक अस्पताल में 170 पक्षी आए हैं, जिनमें से 30 पक्षियों को प्रदूषण संबंधित बीमारियों की वजह से भर्ती करवाया गया है। अन्य पक्षी दिवाली के मौके पर पटाखों और रॉकेट से घायल हुए हैं। एक कबूतर जिसकी उम्र लगभग 20 साल है, उसे कोई व्यक्ति अस्पताल में भर्ती करवाकर गया है। यह सड़क किनारे पड़ा हांफ रहा था और सांस लेने में काफी दिक्कत आ रही थी। जब चेक किया गया तो पता चला कि प्रदूषण की वजह से ऐसा हुआ है। अभी उसका इलाज भी चल रहा है।
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बर्ड हॉस्पिटल में पहुंचे प्रदूषण की परेशानियों से ग्रस्त 30 पक्षी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । दमघोंटू हवा इंसानों के साथ-साथ बेजुबानों पर भी भारी पड़ने लगी है। चांदनी चौक स्थित चैरिटी बर्ड हॉस्पिटल में पिछले चार दिनों में प्रदूषण संबंधित परेशानियों से ग्रस्त लगभग 30 पक्षी पहुंचे हैं। इनमें किसी को आई इंफेक्शन है तो किसी को सांस में लेने में परेशानी हो रही है। इनमें कबूतरों की संख्या ज्यादा है। इसके अलावा चील, कौवे, तोते और चिड़ियां जैसे पक्षी भी अस्पताल में पहुंचे हैं।
चैरिटी बर्ड हॉस्पिटल के ऑर्नरी मैनेजर सुनील कुमार जैन बताते हैं कि यह पक्षी प्रदूषण की मार से सड़क पर तड़पते पाए गए थे, जिन्हें पुलिस, आम लोगों और बर्ड लवर की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।
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जैन का कहना है कि छोटी दिवाली से लेकर भाई दूज तक अस्पताल में 170 पक्षी आए हैं, जिनमें से 30 पक्षियों को प्रदूषण संबंधित बीमारियों की वजह से भर्ती करवाया गया है। अन्य पक्षी दिवाली के मौके पर पटाखों और रॉकेट से घायल हुए हैं। एक कबूतर जिसकी उम्र लगभग 20 साल है, उसे कोई व्यक्ति अस्पताल में भर्ती करवाकर गया है। यह सड़क किनारे पड़ा हांफ रहा था और सांस लेने में काफी दिक्कत आ रही थी। जब चेक किया गया तो पता चला कि प्रदूषण की वजह से ऐसा हुआ है। अभी उसका इलाज भी चल रहा है।
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