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अपहरण-हत्या के दोषियों को जीवन भर की जेल
Updated Fri, 09 Nov 2018 04:08 AM IST
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अपहरण और हत्या के दोषियों को आजीवन कारावास
-निचली अदालत के फैसले को कायम रखते हुए हाईकोर्ट ने सुनाई सजा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । हाईकोर्ट ने फिरौती के लिए युवक के अपहरण और हत्या के 15 साल पुराने मामले में निचली अदालत के फैसले को कायम रखते हुए दो लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई । मामले में तीसरे आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। फैसले में यह भी कहा गया है कि दोषी जोगिंदर और विकास चौधरी को 30 साल की जेल से पहले पेरोल, किसी राहत या किसी छुट्टी (फरलो) पर विचार न किया जाए।
न्यायमूर्ति एस मुरलीधर और न्यायमूर्ति विनोद गोयल की खंडपीठ ने कहा कि जोगिंदर व विकास की आवाज के नमूने, रिकार्ड की गई फिरौती की कॉल की आवाज का मेल करने पर उनकी संलिप्तता साबित होती है। वहीं तीसरे याची सिद्घू के संबंध में ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है। हालांकि, यह नहीं कहा जा सकता कि वह आपराधिक साजिश का हिस्सा था या दूसरे दोषियों के साथ उसकी मिलीभगत थी। हाईकोर्ट ने मृतक के परिवार को चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने संबंधी आदेश को भी कायम रखा है। गौरतलब है कि दोषियों ने पश्चिम दिल्ली के अशोक विहार इलाके से 18 जनवरी 2003 को परख चड्ढा का अपहरण कर 35 लाख की फिरौती मांगी थी। इसके बाद हत्या कर शव को जलाकर उसे गाजियाबाद में हिंडन नदी के पास एक गड्ढे मेें फेंक दिया।
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-निचली अदालत के फैसले को कायम रखते हुए हाईकोर्ट ने सुनाई सजा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । हाईकोर्ट ने फिरौती के लिए युवक के अपहरण और हत्या के 15 साल पुराने मामले में निचली अदालत के फैसले को कायम रखते हुए दो लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई । मामले में तीसरे आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। फैसले में यह भी कहा गया है कि दोषी जोगिंदर और विकास चौधरी को 30 साल की जेल से पहले पेरोल, किसी राहत या किसी छुट्टी (फरलो) पर विचार न किया जाए।
न्यायमूर्ति एस मुरलीधर और न्यायमूर्ति विनोद गोयल की खंडपीठ ने कहा कि जोगिंदर व विकास की आवाज के नमूने, रिकार्ड की गई फिरौती की कॉल की आवाज का मेल करने पर उनकी संलिप्तता साबित होती है। वहीं तीसरे याची सिद्घू के संबंध में ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है। हालांकि, यह नहीं कहा जा सकता कि वह आपराधिक साजिश का हिस्सा था या दूसरे दोषियों के साथ उसकी मिलीभगत थी। हाईकोर्ट ने मृतक के परिवार को चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने संबंधी आदेश को भी कायम रखा है। गौरतलब है कि दोषियों ने पश्चिम दिल्ली के अशोक विहार इलाके से 18 जनवरी 2003 को परख चड्ढा का अपहरण कर 35 लाख की फिरौती मांगी थी। इसके बाद हत्या कर शव को जलाकर उसे गाजियाबाद में हिंडन नदी के पास एक गड्ढे मेें फेंक दिया।
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