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शरीर का अंग कुचलने से भी हो सकता है हार्ट अटैक
Updated Mon, 08 Oct 2018 06:16 AM IST
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शरीर का अंग कुचलने से भी हो सकता है
नई दिल्ली। शरीर का अंग कुचलने से भी किसी इंसान को हार्ट अटैक, हार्ट फेल, किडनी फेल या इससे संबंधित लंबी बीमारी भी हो सकती है। स्वामी दयानंद अस्पताल के सीएमओ डॉ. रणजीत चटर्जी का कहना है कि इंसान के खून में मायोग्लोबिन नामक तत्व भी पाया जाता है। इसकी मात्रा अधिक होने पर यह पेशाब के साथ शरीर से बाहर निकलता है। किसी भारी वस्तु से कुचलने पर मायोग्लोबिन बढ़ने लगाता है, जो दिल और किडनी को बुरी तरह से प्रभावित करता है। इससे दिल या किडनी फेल भी हो सकता है, जो मरीज के मौत का कारण बन सकता है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में एक ऐसी मशीन है जो महज खून के एक बूंद से मायोग्लोबिन की स्थिति सहित सीपीकेएमबी लेवल, बीएनपी लेवल और डीडाईमर लेवल का मिनटों में पता लगा लेता है। इससे हार्ट अटैक, हार्ट फेल, किडनी फेल और स्वास की गंभीर परेशानी से समय रहते बचा जा सकता है। इसके अलावा उनके आईसीयू में दो ऐसे वेंटीलेटर भी हैं, जो मरीज की जरूरत के अनुसार स्वयं ही शुरू और बंद भी हो जाते हैं। ब्यूरो
नई दिल्ली। शरीर का अंग कुचलने से भी किसी इंसान को हार्ट अटैक, हार्ट फेल, किडनी फेल या इससे संबंधित लंबी बीमारी भी हो सकती है। स्वामी दयानंद अस्पताल के सीएमओ डॉ. रणजीत चटर्जी का कहना है कि इंसान के खून में मायोग्लोबिन नामक तत्व भी पाया जाता है। इसकी मात्रा अधिक होने पर यह पेशाब के साथ शरीर से बाहर निकलता है। किसी भारी वस्तु से कुचलने पर मायोग्लोबिन बढ़ने लगाता है, जो दिल और किडनी को बुरी तरह से प्रभावित करता है। इससे दिल या किडनी फेल भी हो सकता है, जो मरीज के मौत का कारण बन सकता है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में एक ऐसी मशीन है जो महज खून के एक बूंद से मायोग्लोबिन की स्थिति सहित सीपीकेएमबी लेवल, बीएनपी लेवल और डीडाईमर लेवल का मिनटों में पता लगा लेता है। इससे हार्ट अटैक, हार्ट फेल, किडनी फेल और स्वास की गंभीर परेशानी से समय रहते बचा जा सकता है। इसके अलावा उनके आईसीयू में दो ऐसे वेंटीलेटर भी हैं, जो मरीज की जरूरत के अनुसार स्वयं ही शुरू और बंद भी हो जाते हैं। ब्यूरो