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आधी दिल्ली गंदगी के आगोश में, मांगे पूरी होने तक सफाई कर्मी वापस नहीं लेंगे हड़ताल
Updated Mon, 08 Oct 2018 05:36 AM IST
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आधी दिल्ली गंदगी में फैली गंदगी, बढ़ी परेशानी
- मांगे पूरी होने तक सफाई कर्मी वापस नहीं लेंगे हड़ताल
- आज कूच के लिए जंतर मंतर पर इकट्ठा होंगे सफाई कर्मी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी सफाई कर्मियों की 26 दिनों से चली आ रही हड़ताल की वजह से आधी दिल्ली गंदगी की गिरफ्त में है। स्वच्छता अभियान को भी इस हड़ताल की वजह से झटका लगा है। राष्ट्रीय राजधानी में एक तरफ डेंगू और मलेरिया का कहर जारी है तो दूसरी तरफ गंदगी और बदबू से फिजां में बदबू फैलने से दिल्ली के अधिकतर क्षेत्रों में रहने वालों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। उधर, सफाई कर्मी भी अपनी मांगे पूरी होने तक हड़ताल जारी रखने पर अड़े हैं।
बकाया भुगतान, नियमित वेतन सहित अन्य मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे कर्मियों का कहना है कि इस बार उनकी मांगे पूरी होने के बाद ही हड़ताल वापसी का फैसला लेंगे। उत्तरी, दक्षिणी और पूर्वी निगम में करीब 80 हजार सफाई कर्मी हैं, जिनमें अधिकतर के हड़ताल पर होने के कारण सफाई व्यवस्था दिनोंदिन खराब होती जा रही है। खासकर पूर्वी दिल्ली में गंदगी अधिक है, क्योंकि वहां के शत प्रतिशत कर्मियों के हड़ताल में शामिल होने का यूनियन का दावा है। वहीं, पश्चिमी, दक्षिणी और उत्तरी दिल्ली के अधिकतर क्षेत्रों में बढ़ती गंदगी से दिनोंदिन परेशानी बढ़ती जा रही है। सड़कों, गलियों सहित घरों से फेंके गया कचरा नहीं उठाए जाने की वजह से हालात दिनोंदिन बिगड़ते जा रहे हैं। जगह-जगह सड़क किनारे एकत्रित कूड़ा नहीं उठाए जाने की वजह से वहां से गुजरने वालों को गंदगी से जूझना पड़ रहा है। खासकर, सुबह के वक्त दफ्तरों और स्कूल, कॉलेजों के लिए जाने वालों को जाम के दौरान दोहरी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अगर, गंदगी के ढेेर के पास वाहन खड़ा है तो वहां पर रुके रहना भी मुश्किल है।
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- डराया जा रहा है सफाई कर्मियाें को
एमसीडी स्वच्छता यूनियन के प्रधान संजय गहलोत का कहना है कि कर्मियों को लगातार डराया जा रहा है ताकि हड़ताल सफल न हो सके। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह सभी यूनियनों के बैनर तले सफाई कर्मी जंतर मंतर पर इकट्ठा होकर संसद मार्ग के लिए कूच करेंगे। अगर, मांगों पर सुनवाई नहीं होती है तो आमरण अनशन या आत्मदाह का निर्णय लेना कर्मचारियों की मजबूरी होगी।
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- मांगे पूरी होने तक सफाई कर्मी वापस नहीं लेंगे हड़ताल
- आज कूच के लिए जंतर मंतर पर इकट्ठा होंगे सफाई कर्मी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी सफाई कर्मियों की 26 दिनों से चली आ रही हड़ताल की वजह से आधी दिल्ली गंदगी की गिरफ्त में है। स्वच्छता अभियान को भी इस हड़ताल की वजह से झटका लगा है। राष्ट्रीय राजधानी में एक तरफ डेंगू और मलेरिया का कहर जारी है तो दूसरी तरफ गंदगी और बदबू से फिजां में बदबू फैलने से दिल्ली के अधिकतर क्षेत्रों में रहने वालों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। उधर, सफाई कर्मी भी अपनी मांगे पूरी होने तक हड़ताल जारी रखने पर अड़े हैं।
बकाया भुगतान, नियमित वेतन सहित अन्य मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे कर्मियों का कहना है कि इस बार उनकी मांगे पूरी होने के बाद ही हड़ताल वापसी का फैसला लेंगे। उत्तरी, दक्षिणी और पूर्वी निगम में करीब 80 हजार सफाई कर्मी हैं, जिनमें अधिकतर के हड़ताल पर होने के कारण सफाई व्यवस्था दिनोंदिन खराब होती जा रही है। खासकर पूर्वी दिल्ली में गंदगी अधिक है, क्योंकि वहां के शत प्रतिशत कर्मियों के हड़ताल में शामिल होने का यूनियन का दावा है। वहीं, पश्चिमी, दक्षिणी और उत्तरी दिल्ली के अधिकतर क्षेत्रों में बढ़ती गंदगी से दिनोंदिन परेशानी बढ़ती जा रही है। सड़कों, गलियों सहित घरों से फेंके गया कचरा नहीं उठाए जाने की वजह से हालात दिनोंदिन बिगड़ते जा रहे हैं। जगह-जगह सड़क किनारे एकत्रित कूड़ा नहीं उठाए जाने की वजह से वहां से गुजरने वालों को गंदगी से जूझना पड़ रहा है। खासकर, सुबह के वक्त दफ्तरों और स्कूल, कॉलेजों के लिए जाने वालों को जाम के दौरान दोहरी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अगर, गंदगी के ढेेर के पास वाहन खड़ा है तो वहां पर रुके रहना भी मुश्किल है।
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- डराया जा रहा है सफाई कर्मियाें को
एमसीडी स्वच्छता यूनियन के प्रधान संजय गहलोत का कहना है कि कर्मियों को लगातार डराया जा रहा है ताकि हड़ताल सफल न हो सके। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह सभी यूनियनों के बैनर तले सफाई कर्मी जंतर मंतर पर इकट्ठा होकर संसद मार्ग के लिए कूच करेंगे। अगर, मांगों पर सुनवाई नहीं होती है तो आमरण अनशन या आत्मदाह का निर्णय लेना कर्मचारियों की मजबूरी होगी।
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