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डीन स्टूडेंट वेलफेयर कार्यालय खाली, प्लेसमेंट पर लगा ग्रहण
Updated Wed, 03 Oct 2018 04:12 AM IST
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डीन स्टूडेंट वेलफेयर के अधिकारियों
का इस्तीफा, प्लेसमेंट पर लगा ग्रहण
- एक के बाद एक सभी अधिकारियों ने दिए इस्तीफे
- 15 सालों से विभाग का काम देख रहे प्रो टुटेजा ने भी छोड़ा पद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय की दाखिला प्रक्रिया में मुख्य जिम्मेदारी निभाने वाला डीन स्टूडेंट वेलफेयर (डीन छात्र कल्याण कार्यालय) के सभी अधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है। इनमें से दो का इस्तीफा स्वीकार हो गया है। जबकि दो अधिकारियों डीन स्टूडेंट वेलफेयर व ओएसडी (दाखिला) का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है। अधिकारियों के इस कदम से प्लेसमेंट प्रक्रिया पर भी ग्रहण लग गया है। संभावना है कि कुलपति इसके लिए नई टीम बनाएंगे। डीयू में दाखिला प्रक्रिया की तैयारी दिसंबर से शुरू हो जाती है।
दरअसल, डॉ गुरप्रीत सिंह टुटेजा डिप्टी डीन के पद पर 15 सालों से आसीन थे। उन्होंने सोमवार का का यह पद छोड़ा है। बताया जा रहा है डॉ टुटेजा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है।
डीयू से जुड़े अधिकारियों के अनुसार टुटेजा इस पद से कार्यमुक्त करने की इच्छा जता चुके थे। लेकिन मामला तब गरमाया जब उनका सितंबर माह का वेतन रोक लिया गया। इसको लेकर सोमवार को प्रो. टुुटेजा ने विरोध जताया तो उन्हें वेतन मिला। उन्होंने गणित के प्रोफेसर के रुप में कॉलेज में कार्य संभाल लिया है। वह काफी दिनों से प्रशासन के रवैये से नाराज थे।
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इसके अलावा शहीद भगत सिंह कॉलेज की डॉ अमृता बजाज भी डिप्टी डीन पद से पहले ही इस्तीफा दे चुकी हैं। वह भी अपने कॉलेज में पढ़ाने लगी हैं। चूंकि अक्तूबर में प्लेसमेंट प्रक्रिया शुरू होनी है तो इसमें बाधा आनी तय है। वहीं, जनवरी-फरवरी में विदेशी छात्रों के लिए भी पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होती है। ऐसे में प्रशासन को जल्द टीम बनानी होगी।
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का इस्तीफा, प्लेसमेंट पर लगा ग्रहण
- एक के बाद एक सभी अधिकारियों ने दिए इस्तीफे
- 15 सालों से विभाग का काम देख रहे प्रो टुटेजा ने भी छोड़ा पद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय की दाखिला प्रक्रिया में मुख्य जिम्मेदारी निभाने वाला डीन स्टूडेंट वेलफेयर (डीन छात्र कल्याण कार्यालय) के सभी अधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है। इनमें से दो का इस्तीफा स्वीकार हो गया है। जबकि दो अधिकारियों डीन स्टूडेंट वेलफेयर व ओएसडी (दाखिला) का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है। अधिकारियों के इस कदम से प्लेसमेंट प्रक्रिया पर भी ग्रहण लग गया है। संभावना है कि कुलपति इसके लिए नई टीम बनाएंगे। डीयू में दाखिला प्रक्रिया की तैयारी दिसंबर से शुरू हो जाती है।
दरअसल, डॉ गुरप्रीत सिंह टुटेजा डिप्टी डीन के पद पर 15 सालों से आसीन थे। उन्होंने सोमवार का का यह पद छोड़ा है। बताया जा रहा है डॉ टुटेजा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है।
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डीयू से जुड़े अधिकारियों के अनुसार टुटेजा इस पद से कार्यमुक्त करने की इच्छा जता चुके थे। लेकिन मामला तब गरमाया जब उनका सितंबर माह का वेतन रोक लिया गया। इसको लेकर सोमवार को प्रो. टुुटेजा ने विरोध जताया तो उन्हें वेतन मिला। उन्होंने गणित के प्रोफेसर के रुप में कॉलेज में कार्य संभाल लिया है। वह काफी दिनों से प्रशासन के रवैये से नाराज थे।
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इसके अलावा शहीद भगत सिंह कॉलेज की डॉ अमृता बजाज भी डिप्टी डीन पद से पहले ही इस्तीफा दे चुकी हैं। वह भी अपने कॉलेज में पढ़ाने लगी हैं। चूंकि अक्तूबर में प्लेसमेंट प्रक्रिया शुरू होनी है तो इसमें बाधा आनी तय है। वहीं, जनवरी-फरवरी में विदेशी छात्रों के लिए भी पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होती है। ऐसे में प्रशासन को जल्द टीम बनानी होगी।