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ज्यादातर खरीदारों ने मांगा फ्लैट, कुछ ने मांगा पैसा
Updated Tue, 02 Oct 2018 03:00 AM IST
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रेरा की सुनवाई में ज्यादातर खरीदारों ने मांगे फ्लैट
- रेरा में दो बिल्डर प्रोजेक्ट के 43 मामलों पर हुई सुनवाई
- खरीदारों ने कब्जे में देरी होने पर बिल्डर से जुर्माना दिलाने की भी मांग की
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर गामा- 2 स्थित रेरा कार्यालय में सोमवार को दो बिल्डर प्रोजेक्ट के 43 मामलों पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान ज्यादातर लोगों ने फ्लैट पर कब्जा मांगा साथ ही बिल्डर से जुर्माना दिलाने की मांग की है। वहीं कुछ ने ब्याज समेत पैसा मांगा है। उनको बिल्डर पर भरोसा नहीं रहा है। रेरा कोर्ट ने बिल्डर से अगली सुनवाई तक सभी पर जवाब मांगा है।
सोमवार को रेरा के सदस्य बलविंदर कुमार और भानु प्रताप सिंह की कोर्ट ने 43 खरीदारों की शिकायतों पर सुनवाई की। इनमें मंजू जे होम्स इंडिया लि. के रेड एप्पल होम्स प्रोजेक्ट के 16 और मासकॉट होम्स प्रा. लि. के मनोरथ प्रोजेक्ट के 27 केस थे। सुनवाई के दौरान मनोरथ प्रोजेक्ट के शिकायतकर्ता पुनीत ने बताया कि वर्ष 2012 में फ्लैट खरीदा था। फ्लैट की कीमत 49 लाख रुपये थी। इनमें से 47 लाख रुपये बिल्डर को भुगतान कर चुके है। जबकि, अभी तक वहां पर काम बंद है। बिल्डर ने वर्ष 2016 में कब्जा देने का वादा किया था, लेकिन अभी तक नहीं मिला है। ना ही कब्जा मिलने की उम्मीद है। बिल्डर झूठे वादे कर रहा है। बिल्डर ने रेरा में 2021 में कब्जा देने की जानकारी दी है। इस पर रेरा के सदस्य ने कहा कि रेरा जो निर्णय लेगा बिल्डर को उसका पालन करना होगा। कब्जा कब देना है, यह निर्णय रेरा करेगा।
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वहीं सुनवाई के दौरान ज्यादातर खरीदारों ने फ्लैटों पर कब्जा दिलाने की मांग की है। कहा है कि बिल्डर ने कब्जा देने में देरी की है। करार के तहत अगर कब्जा देने में देरी पर बिल्डर ने जुर्माना देने का वादा किया है। शर्तों के हिसाब से खरीदारों ने कब्जा मिलने तक जुर्माना दिलाने की अपील की है। वहीं कुछ खरीदारों ने कहा कि छह साल में बिल्डर कब्जा नहीं दे सका है और भविष्य में कब्जा मिलने की उम्मीद भी नहीं है। इसलिए उन्होंने रेरा से ब्याज समेत जमा धनराशि वापस दिलाने की अपील की है।
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