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जेवर एयरपोर्ट बनाने के लिए पानी का इंतजाम
Updated Tue, 02 Oct 2018 03:00 AM IST
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जेवर डिस्ट्रीब्यूटरी के पानी
से बनेगा नोएडा एयरपोर्ट
निर्माण करने के लिए नहीं होगा भूजल दोहन
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। जेवर एयरपोर्ट के निर्माण के लिए पानी का इंतजाम हो गया है। इस के लिए भूजल का दोहन नहीं होगा, बल्कि जेवर डिस्ट्रीब्यूटरी नहर से पानी लिया जाएगा।
यीडा के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि नोएडा एयरपोर्ट बनाने के लिए रोज करीब 20 एमएलडी पानी की दरकार है। इसके लिए सिंचाई विभाग से बात की गई है। उनसे प्रति एमएलडी पानी का रेट भी पूछा गया है। उन्होंने साफ किया कि एनजीटी के आदेश को ध्यान में रखते हुए इस प्रोजेक्ट में भूजल का दोहन नहीं करने का फैसला लिया गया है। नहर से ही पानी लिया जाएगा। साथ ही बारिश के पानी को स्टोर करके जरूरत पूरी की जाएगी। एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के दायरे में आने वाली किसी भी नहर को बंद नहीं किया जाएगा, बल्कि उनका सौंदर्यीकरण करने का प्लान है।
सिंचाई विभाग के अवर अभियंता एसके गुप्ता ने बताया कि बांजरपुर के पास से जेवर डिस्ट्रीब्यूटरी नहर गुजर रही है। उससे तीन-चार छोटी नहरें जुड़ी हुई हैं। इन नहरों से ही जेवर एरिया में कृषि की सिंचाई होती है। पानी के वितरण का सिस्टम दयानतपुर में बना हुआ है। वहीं से नहर के जरिये एयरपोर्ट को भी पानी दे दिया जाएगा। इसका रेट तय करके शीघ्र ही प्रस्ताव यीडा को भेज दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि कुल 50 क्यूसेक पानी का इंतजाम करके चल रहे हैं।
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पर्यावरण एनओसी का ड्राफ्ट शासन को
यीडा ने एयरपोर्ट की पर्यावरण एनओसी के लिए फाइनल ड्राफ्ट तैयार कर शासन को भेज दिया है। वहां से राज्य के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेज दिया जाएगा। वह अपनी वेबसाइट पर इसे अपलोड करेगा। आपत्ति के लिए 45 दिन का समय होगा। उसके बाद यह पर्यावरण मंत्रालय को भेजा जाएगा। वहां से एनओसी मिल सकेगी। यीडा के मुताबिक, पर्यावरण मंत्रालय ने जिन बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी थी, उन सभी को समायोजित कर दिया गया है।
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से बनेगा नोएडा एयरपोर्ट
निर्माण करने के लिए नहीं होगा भूजल दोहन
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। जेवर एयरपोर्ट के निर्माण के लिए पानी का इंतजाम हो गया है। इस के लिए भूजल का दोहन नहीं होगा, बल्कि जेवर डिस्ट्रीब्यूटरी नहर से पानी लिया जाएगा।
यीडा के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि नोएडा एयरपोर्ट बनाने के लिए रोज करीब 20 एमएलडी पानी की दरकार है। इसके लिए सिंचाई विभाग से बात की गई है। उनसे प्रति एमएलडी पानी का रेट भी पूछा गया है। उन्होंने साफ किया कि एनजीटी के आदेश को ध्यान में रखते हुए इस प्रोजेक्ट में भूजल का दोहन नहीं करने का फैसला लिया गया है। नहर से ही पानी लिया जाएगा। साथ ही बारिश के पानी को स्टोर करके जरूरत पूरी की जाएगी। एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के दायरे में आने वाली किसी भी नहर को बंद नहीं किया जाएगा, बल्कि उनका सौंदर्यीकरण करने का प्लान है।
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सिंचाई विभाग के अवर अभियंता एसके गुप्ता ने बताया कि बांजरपुर के पास से जेवर डिस्ट्रीब्यूटरी नहर गुजर रही है। उससे तीन-चार छोटी नहरें जुड़ी हुई हैं। इन नहरों से ही जेवर एरिया में कृषि की सिंचाई होती है। पानी के वितरण का सिस्टम दयानतपुर में बना हुआ है। वहीं से नहर के जरिये एयरपोर्ट को भी पानी दे दिया जाएगा। इसका रेट तय करके शीघ्र ही प्रस्ताव यीडा को भेज दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि कुल 50 क्यूसेक पानी का इंतजाम करके चल रहे हैं।
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पर्यावरण एनओसी का ड्राफ्ट शासन को
यीडा ने एयरपोर्ट की पर्यावरण एनओसी के लिए फाइनल ड्राफ्ट तैयार कर शासन को भेज दिया है। वहां से राज्य के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेज दिया जाएगा। वह अपनी वेबसाइट पर इसे अपलोड करेगा। आपत्ति के लिए 45 दिन का समय होगा। उसके बाद यह पर्यावरण मंत्रालय को भेजा जाएगा। वहां से एनओसी मिल सकेगी। यीडा के मुताबिक, पर्यावरण मंत्रालय ने जिन बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी थी, उन सभी को समायोजित कर दिया गया है।