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हर माह खर्च तीस लाख रुपये, फिर भी सफाई व्यवस्था चौपट
Updated Sun, 23 Sep 2018 11:24 PM IST
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हर मार्च 30 लाख खर्च, फिर भी सफाई व्यवस्था चौपट
25 वार्डों के लोग परेशान, गलियों में नहीं होती सफाई, कूड़े के ढेर लगे
अमर उजाला ब्यूरो
दादरी। नगर पालिका परिषद के 25 वार्डों एवं कालोनियों में हर माह 30 लाख रुपये खर्च होने के बाद भी सफाई व्यवस्था चौपट है। कई दिनों तक गलियों में सफाई नहीं होती है। कर्मचारी घरों से कूड़ा नहीं उठाते। आए दिन लोग सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग करते हैं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
वार्डों में सफाई का ठेका आयरन ग्रुप के पास है। पहले से ही 50 कर्मचारी स्थायी तौर पर तैनात हैं। जबकि 23 कर्मचारी संविदा पर हैं। इसके अलावा 177 कर्मचारी आयरन ग्रुप के अधीन काम करते हैं। 14 गाड़ियां, 3 ट्रैक्टर ट्राली, 30 रिक्शा लगे हैं। इनका काम कूड़ा एकत्र कर निर्धारित स्थान पर पहुंचाना है। हर माह नगरपालिका का सफाई व्यवस्था पर करीब 30 लाख रुपये खर्च होता है। बावजूद नगर के दौलतराम कालोनी, तुलसी विहार, रेलवे रोड, नई आबादी, गगन विहार, आमका रोड समेत कई स्थानों पर लोग गंदगी से परेशान हैं। सड़कों पर दो से तीन दिन सफाई होती है। जिसकी वजह से कई स्थानों पर कूडे़ के ढेर लगे रहते हैं।
सफाई नहीं, शुल्क नहीं
वहीं, सफाई नहीं पर लोग पालिका परिषद की तरफ से सफाई के लिए निर्धारित शुल्क की रसीद नहीं कटवा रहे हैं। उनका कहना है कि जब सफाई व्यवस्था ही दुरुस्त नहीं है, घरों से कूड़ा नहीं उठाया जा रहा तो कैसा शुल्क।
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हड़ताल से हुई दिक्कत
नगरपालिका सफाई अधिकारी सौरव कुमार का कहना है कि पालिका की तरफ से सफाई वसूली का मानक 15 लाख रुपये रखा गया है, जबकि प्रति माह 30 लाख रुपये का खर्च आ रहा है। कुछ दिन पहले सफाई कर्मचारियों की हड़ताल होने से सफाई में कमी आई थी। हालांकि, अब उसे दुरुस्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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हर मार्च 30 लाख खर्च, फिर भी सफाई व्यवस्था चौपट
25 वार्डों के लोग परेशान, गलियों में नहीं होती सफाई, कूड़े के ढेर लगे
अमर उजाला ब्यूरो
दादरी। नगर पालिका परिषद के 25 वार्डों एवं कालोनियों में हर माह 30 लाख रुपये खर्च होने के बाद भी सफाई व्यवस्था चौपट है। कई दिनों तक गलियों में सफाई नहीं होती है। कर्मचारी घरों से कूड़ा नहीं उठाते। आए दिन लोग सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग करते हैं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
वार्डों में सफाई का ठेका आयरन ग्रुप के पास है। पहले से ही 50 कर्मचारी स्थायी तौर पर तैनात हैं। जबकि 23 कर्मचारी संविदा पर हैं। इसके अलावा 177 कर्मचारी आयरन ग्रुप के अधीन काम करते हैं। 14 गाड़ियां, 3 ट्रैक्टर ट्राली, 30 रिक्शा लगे हैं। इनका काम कूड़ा एकत्र कर निर्धारित स्थान पर पहुंचाना है। हर माह नगरपालिका का सफाई व्यवस्था पर करीब 30 लाख रुपये खर्च होता है। बावजूद नगर के दौलतराम कालोनी, तुलसी विहार, रेलवे रोड, नई आबादी, गगन विहार, आमका रोड समेत कई स्थानों पर लोग गंदगी से परेशान हैं। सड़कों पर दो से तीन दिन सफाई होती है। जिसकी वजह से कई स्थानों पर कूडे़ के ढेर लगे रहते हैं।
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सफाई नहीं, शुल्क नहीं
वहीं, सफाई नहीं पर लोग पालिका परिषद की तरफ से सफाई के लिए निर्धारित शुल्क की रसीद नहीं कटवा रहे हैं। उनका कहना है कि जब सफाई व्यवस्था ही दुरुस्त नहीं है, घरों से कूड़ा नहीं उठाया जा रहा तो कैसा शुल्क।
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हड़ताल से हुई दिक्कत
नगरपालिका सफाई अधिकारी सौरव कुमार का कहना है कि पालिका की तरफ से सफाई वसूली का मानक 15 लाख रुपये रखा गया है, जबकि प्रति माह 30 लाख रुपये का खर्च आ रहा है। कुछ दिन पहले सफाई कर्मचारियों की हड़ताल होने से सफाई में कमी आई थी। हालांकि, अब उसे दुरुस्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं।