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28 सितंबर को ड्रग एंड केमिस्ट एसोसिएशन की रहेगी हड़ताल
Updated Fri, 14 Sep 2018 04:08 AM IST
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28 को बंद रहेंगे मेडिकल स्टोर
ई-फार्मेसी और ऑनलाइन पोर्टल का जताएंगे विरोध
कहा-दवा विक्रेता एवं उनसे जुड़े लाखों कर्मचारियों का रोजगार छिन जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। जिले के केमिस्ट और ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने ई-फार्मेसी और ऑनलाइन पोर्टल से हो रही परेशानी के चलते 28 सितंबर को हड़ताल का आह्वान किया है। इस दौरान देशव्यापी हड़ताल में हिस्सा लेते हुए सुबह से लेकर रात 12 बजे तक सभी मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे। बृहस्पतिवार को केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ग्रेटर नोएडा के अध्यक्ष संजय गर्ग ने जगत फार्म में आयोजित प्रेसवार्ता में इसकी जानकारी दी।
एसोसिएशन के महासचिव विमल अग्रवाल ने बताया कि भारत सरकार ने 28 अगस्त को ई-फार्मेसी का नोटिफिकेशन जारी कर इंटरनेट के माध्यम से दवाओं के विक्रय की अनुमति दी थी। इससे दवाओं के निर्माण से लेकर उपयोग तक के विभिन्न चरणों में कार्यरत थोक एवं फुटकर विक्रेताओं का व्यापार प्रभावित होगा। देशभर में करीब 8.5 लाख दवा विक्रेता एवं उनसे जुड़े हुए लाखों कर्मचारियों का रोजगार खतरे में पड़ जाएगा। ऑनलाइन दवाएं मिलने से युवाओं में नशे की प्रवृति बढ़ेगी और शेड्यूल एच एवं एच1 का भी कोई रिकार्ड नहीं रहेगा।
इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी दवाओं की उपलब्धता प्रभावित होगी। हड़ताल से पूर्व 21 सितंबर से लेकर 27 सितंबर तक दवा विक्रेता और कर्मचारी काली पट्टी बांधकर इसका विरोध करेंगे। प्रेसवार्ता में ईश्वर सिंह देवधर, राजेश चौधरी, सुशील त्यागी, नरेश कुमार, रवींद्र गुप्ता और रियाजुल हुसैन आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।
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50 फीसदी केमिस्ट ने ही पोर्टल भरा
संजय गर्ग ने बताया कि अभी तक शहरी क्षेत्र में 50 फीसदी केमिस्ट ही ऑनलाइन पोर्टल भर पाए हैं। फार्म में मांगी गई दुकान मालिक की रजिस्ट्री की कॉपी और ग्रामीण क्षेत्र में भी कमर्शियल बिजली के मीटर का बिल मांगना व्यवहारिक नहीं हैं। इससे तो लाखों केमिस्ट को लाइसेंस रिन्यू करना मुश्किल होगा।
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ई-फार्मेसी और ऑनलाइन पोर्टल का जताएंगे विरोध
कहा-दवा विक्रेता एवं उनसे जुड़े लाखों कर्मचारियों का रोजगार छिन जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। जिले के केमिस्ट और ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने ई-फार्मेसी और ऑनलाइन पोर्टल से हो रही परेशानी के चलते 28 सितंबर को हड़ताल का आह्वान किया है। इस दौरान देशव्यापी हड़ताल में हिस्सा लेते हुए सुबह से लेकर रात 12 बजे तक सभी मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे। बृहस्पतिवार को केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ग्रेटर नोएडा के अध्यक्ष संजय गर्ग ने जगत फार्म में आयोजित प्रेसवार्ता में इसकी जानकारी दी।
एसोसिएशन के महासचिव विमल अग्रवाल ने बताया कि भारत सरकार ने 28 अगस्त को ई-फार्मेसी का नोटिफिकेशन जारी कर इंटरनेट के माध्यम से दवाओं के विक्रय की अनुमति दी थी। इससे दवाओं के निर्माण से लेकर उपयोग तक के विभिन्न चरणों में कार्यरत थोक एवं फुटकर विक्रेताओं का व्यापार प्रभावित होगा। देशभर में करीब 8.5 लाख दवा विक्रेता एवं उनसे जुड़े हुए लाखों कर्मचारियों का रोजगार खतरे में पड़ जाएगा। ऑनलाइन दवाएं मिलने से युवाओं में नशे की प्रवृति बढ़ेगी और शेड्यूल एच एवं एच1 का भी कोई रिकार्ड नहीं रहेगा।
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इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी दवाओं की उपलब्धता प्रभावित होगी। हड़ताल से पूर्व 21 सितंबर से लेकर 27 सितंबर तक दवा विक्रेता और कर्मचारी काली पट्टी बांधकर इसका विरोध करेंगे। प्रेसवार्ता में ईश्वर सिंह देवधर, राजेश चौधरी, सुशील त्यागी, नरेश कुमार, रवींद्र गुप्ता और रियाजुल हुसैन आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।
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50 फीसदी केमिस्ट ने ही पोर्टल भरा
संजय गर्ग ने बताया कि अभी तक शहरी क्षेत्र में 50 फीसदी केमिस्ट ही ऑनलाइन पोर्टल भर पाए हैं। फार्म में मांगी गई दुकान मालिक की रजिस्ट्री की कॉपी और ग्रामीण क्षेत्र में भी कमर्शियल बिजली के मीटर का बिल मांगना व्यवहारिक नहीं हैं। इससे तो लाखों केमिस्ट को लाइसेंस रिन्यू करना मुश्किल होगा।