{"_id":"5b96a5b0867a55787b026f09","slug":"153659945716-grnoida-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुखार से अध्यापक की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुखार से अध्यापक की मौत
Updated Mon, 10 Sep 2018 10:41 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बुखार से अध्यापक की मौत
रबूपुरा। बुखार से पीड़ित एक अध्यापक की मौत का मामला सामने आया है। वहीं 7 सितंबर को बुखार से पीड़ित किसान की मौत हुई थी। क्षेत्र में इसके अलावा भी कई ग्रामीण बुखार से पीड़ित बताये जा रहे हैं।
कस्बे के मोहल्ला मीणा ठाकुरान निवासी राजपाल सिंह (55) पुत्र गिरवर सिंह एक प्राइवेट स्कूल में अध्यापक थे। वे कई दिनों से बुखार से पीड़ित थे। परिजनों ने बताया कि शनिवार की सुबह उनकी हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें नजदीक के अस्पताल ले गए। जहां पर चिकित्सकों ने हालत गंभीर होने पर हायर सेंटर रेफर कर दिया। लेकिन वहां ले जाते समय रास्ते में ही राजपाल सिंह ने दम तोड़ दिया। सात सितंबर को गांव नगला हुकम सिंह निवासी किसान पिपन की भी मौत हुई थी। क्षेत्र के ग्रामीणों के मुताबिक गांव में बुखार, जुकाम, खांसी, टायफाइड व मलेरिया से काफी संख्या में लोग पीड़ित हैं। ब्यूरो
व्यवस्था नहीं सुधरी तो करेंगे आंदोलन
रबूपुरा। अखिल भारतीय किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने रविवार को आकलपुर गांव में एक बैठक का आयोजन किया। जिसमें सरकारी अस्पतालों की दुर्दशा व क्षेत्र में फैल रही बिमारियों पर चर्चा की गई। संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष नत्थीराम शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। अस्पतालों में बीमारों को पर्याप्त दवाइयां दी जा रही हैं और न ही अस्पतालों में चिकित्सक मौजूद रहते हैं। चेतावनी दी कि सात दिनों के अंदर व्यवस्था नहीं सुधरी तो वह आंदोलन करेंगे। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
रबूपुरा। बुखार से पीड़ित एक अध्यापक की मौत का मामला सामने आया है। वहीं 7 सितंबर को बुखार से पीड़ित किसान की मौत हुई थी। क्षेत्र में इसके अलावा भी कई ग्रामीण बुखार से पीड़ित बताये जा रहे हैं।
कस्बे के मोहल्ला मीणा ठाकुरान निवासी राजपाल सिंह (55) पुत्र गिरवर सिंह एक प्राइवेट स्कूल में अध्यापक थे। वे कई दिनों से बुखार से पीड़ित थे। परिजनों ने बताया कि शनिवार की सुबह उनकी हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें नजदीक के अस्पताल ले गए। जहां पर चिकित्सकों ने हालत गंभीर होने पर हायर सेंटर रेफर कर दिया। लेकिन वहां ले जाते समय रास्ते में ही राजपाल सिंह ने दम तोड़ दिया। सात सितंबर को गांव नगला हुकम सिंह निवासी किसान पिपन की भी मौत हुई थी। क्षेत्र के ग्रामीणों के मुताबिक गांव में बुखार, जुकाम, खांसी, टायफाइड व मलेरिया से काफी संख्या में लोग पीड़ित हैं। ब्यूरो
विज्ञापन
व्यवस्था नहीं सुधरी तो करेंगे आंदोलन
रबूपुरा। अखिल भारतीय किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने रविवार को आकलपुर गांव में एक बैठक का आयोजन किया। जिसमें सरकारी अस्पतालों की दुर्दशा व क्षेत्र में फैल रही बिमारियों पर चर्चा की गई। संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष नत्थीराम शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। अस्पतालों में बीमारों को पर्याप्त दवाइयां दी जा रही हैं और न ही अस्पतालों में चिकित्सक मौजूद रहते हैं। चेतावनी दी कि सात दिनों के अंदर व्यवस्था नहीं सुधरी तो वह आंदोलन करेंगे। ब्यूरो
विज्ञापन