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आरडब्ल्यूए कोना---सेक्टर के बीच में क्यामपुर से परेशान सिग्मा टू के निवासी
Updated Fri, 24 Aug 2018 08:16 PM IST
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सेक्टर के बीच गांव होने से सुविधाओं से महरूम लोग
सिग्मा टू सेक्टर की सड़कें भी जर्जर, गांव जैसा माहौल
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर सिग्मा टू के बीच क्यामपुर गांव होने से यहां रहने वाले लोगों को सेक्टर वाली सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं हैं। सुरक्षा, सफाई, स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं से लोग महरूम हैं। क्यामपुर गांव के चारों तरफ सेक्टर हैं। सेक्टर सिग्मा टू में करीब 300 प्लाट हैं। गांव से लोगों के आनेजाने का रास्ता सेक्टर के मेन रोड से ही है। दिन रात ग्रामीणों का आनाजाना लगा रहता है। सेक्टर के दस फीसदी मकानों में ही लोग रहते हैं। बाकी मकान खाली हैं। सड़कों के किनारे बड़ी बड़ी झाड़ियां उगी हुई हैं। कुछ मकानों में श्रमिक रह रहे हैं। गांव से पशु भी सेक्टर के बीच घूमते रहते हैं। पार्कों की हालत खराब है। पार्क में बच्चे ओर महिलाएं जाने से भी डरते है। मेन गेट पर सुरक्षा गार्ड तैनात है। लेकिन सेक्टर के गेटों को हर समय खोलना पड़ता है, क्योंकि गांव के लोग रात दिन आते जाते रहते हैं। सड़कों की कई साल से मरम्मत नहीं कराई गई है। इनकी हालत जर्जर है। इन समस्याओं की कई बार शिकायत की गई। लेकिन प्राधिकरण ने कोई ध्यान नहीं दिया है।
सेक्टर में आरडब्ल्यूए का गठन नहीं हुआ हैं, समस्याओं को दूर कराने के लिए सेक्टर के लोग ही प्राधिकरण से शिकायतें करते रहते है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जीत सिंह, निवासी
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सिग्मा टू सेक्टर की सड़कें भी जर्जर, गांव जैसा माहौल
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर सिग्मा टू के बीच क्यामपुर गांव होने से यहां रहने वाले लोगों को सेक्टर वाली सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं हैं। सुरक्षा, सफाई, स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं से लोग महरूम हैं। क्यामपुर गांव के चारों तरफ सेक्टर हैं। सेक्टर सिग्मा टू में करीब 300 प्लाट हैं। गांव से लोगों के आनेजाने का रास्ता सेक्टर के मेन रोड से ही है। दिन रात ग्रामीणों का आनाजाना लगा रहता है। सेक्टर के दस फीसदी मकानों में ही लोग रहते हैं। बाकी मकान खाली हैं। सड़कों के किनारे बड़ी बड़ी झाड़ियां उगी हुई हैं। कुछ मकानों में श्रमिक रह रहे हैं। गांव से पशु भी सेक्टर के बीच घूमते रहते हैं। पार्कों की हालत खराब है। पार्क में बच्चे ओर महिलाएं जाने से भी डरते है। मेन गेट पर सुरक्षा गार्ड तैनात है। लेकिन सेक्टर के गेटों को हर समय खोलना पड़ता है, क्योंकि गांव के लोग रात दिन आते जाते रहते हैं। सड़कों की कई साल से मरम्मत नहीं कराई गई है। इनकी हालत जर्जर है। इन समस्याओं की कई बार शिकायत की गई। लेकिन प्राधिकरण ने कोई ध्यान नहीं दिया है।
सेक्टर में आरडब्ल्यूए का गठन नहीं हुआ हैं, समस्याओं को दूर कराने के लिए सेक्टर के लोग ही प्राधिकरण से शिकायतें करते रहते है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जीत सिंह, निवासी
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