{"_id":"5b7b041c42c792463b3b5413","slug":"15347886271-grnoida-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गवाहों ने घटना को लेकर नहीं दी सहमति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गवाहों ने घटना को लेकर नहीं दी सहमति
Updated Mon, 20 Aug 2018 11:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजियाबाद और मुजफ्फरनगर समेत अन्य के ध्यानार्थ
रिटायर्ड कर्नल का मामला
--
कर्नल, गनर और कर्मी की हुई जेल से रिहाई
जेल प्रशासन के मुताबिक, कोर्ट से जमानत मिलने के बाद सेवानिवृत्त कर्नल की रिहाई कर दी गई। उनके परिजन उन्हें लेने कारागार पहुंचे थे। इसके बाद रिटायर्ड कर्नल से मारपीट के मामले में जेल भेजे गए गनर और कर्मचारी की भी रिहाई हो गई है। गनर और कर्मचारी की जमानत रविवार को गई थी।
गवाहों ने घटना को लेकर नहीं दी सहमति
ग्रेटर नोएडा। सेवानिवृत्त कर्नल वीरेंद्र प्रताप सिंह चौहान के अधिवक्ताओं का कहना है कि केस डायरी के मुताबिक, कर्नल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने वाली महिला ने अपने बयानों का समर्थन किया है। वहीं, घटना की प्रत्यक्षदर्शी बताई गई महिला ने एफआईआर में घटना का समर्थन नहीं किया। वहीं, विवेचक ने घटना स्थल के पास रहने वाले स्वतंत्र गवाह का बयान अंकित किया है। उन्होंने भी उस दौरान मौजूद होना बताया है और घटना का समर्थन नहीं किया। गवाहों के घटना का समर्थन नहीं करना जमानत का मजबूत आधार माना जा रहा है।
समझौते के प्रयास तेज
सूत्रों का कहना है कि बहुचर्चित केस में कुछ लोग समझौता कराने के प्रयास में जुट गए हैं। समझौता कराने को लेकर कुछ संभ्रात लोगों से संपर्क कर बैठक भी की गई है। हालांकि समझौते के लिए दोनों पक्ष तैयार हैं या नहीं अभी इसकी अधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रिटायर्ड कर्नल का मामला
--
कर्नल, गनर और कर्मी की हुई जेल से रिहाई
जेल प्रशासन के मुताबिक, कोर्ट से जमानत मिलने के बाद सेवानिवृत्त कर्नल की रिहाई कर दी गई। उनके परिजन उन्हें लेने कारागार पहुंचे थे। इसके बाद रिटायर्ड कर्नल से मारपीट के मामले में जेल भेजे गए गनर और कर्मचारी की भी रिहाई हो गई है। गनर और कर्मचारी की जमानत रविवार को गई थी।
गवाहों ने घटना को लेकर नहीं दी सहमति
ग्रेटर नोएडा। सेवानिवृत्त कर्नल वीरेंद्र प्रताप सिंह चौहान के अधिवक्ताओं का कहना है कि केस डायरी के मुताबिक, कर्नल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने वाली महिला ने अपने बयानों का समर्थन किया है। वहीं, घटना की प्रत्यक्षदर्शी बताई गई महिला ने एफआईआर में घटना का समर्थन नहीं किया। वहीं, विवेचक ने घटना स्थल के पास रहने वाले स्वतंत्र गवाह का बयान अंकित किया है। उन्होंने भी उस दौरान मौजूद होना बताया है और घटना का समर्थन नहीं किया। गवाहों के घटना का समर्थन नहीं करना जमानत का मजबूत आधार माना जा रहा है।
विज्ञापन
समझौते के प्रयास तेज
सूत्रों का कहना है कि बहुचर्चित केस में कुछ लोग समझौता कराने के प्रयास में जुट गए हैं। समझौता कराने को लेकर कुछ संभ्रात लोगों से संपर्क कर बैठक भी की गई है। हालांकि समझौते के लिए दोनों पक्ष तैयार हैं या नहीं अभी इसकी अधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं मिली है।
विज्ञापन