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गैर सरकारी संस्था की शिकायत पर हुई कार्रवाई
Updated Mon, 20 Aug 2018 10:20 PM IST
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बिना अनुमति पेड़ काटने पर एनसीआरटी पर पांच लाख का जुर्माना
नई दिल्ली। दिल्ली में पेड़ों की अवैध कटाई के खिलाफ गैर सरकारी संस्थाओं और लोगों की जागरूकता रंग लाने लगी है। अब अरविंदो मार्ग पर एनसीईआरटी परिसर में बिना अनुमति के 33 हरे-भरे पेड़ों की छंटाई और पांच की कटाई के लिए वन विभाग ने पांच लाख रुपए का जुर्माना एनसीईआरटी रजिस्ट्रार पर लगाया है।
नई दिल्ली नेचर सोसायटी की ओर से वीरहन खन्ना ने वन विभाग से एनसीईआरटी परिसर के भीतर पेड़ों के काटने जाने की शिकायत की थी। उनका कहना था कि सेमल, यूकेलिप्टस और कई पेड़ एक कतार से परिसर में मौजूद थे। लेकिन बिना अनुमति पांच पेड़ों को काट दिया गया है। वहीं, करीब 33 अन्य पेड़ों की छंटाई की गई है। शिकायत के बाद वन विभाग ने 7 अगस्त को मौके का मुआयना कर एनसीईआरटी के खिलाफ जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया था। 8 अगस्त को वन विभाग की ओर से रिपोर्ट सौंपी गई। इसके बाद पांच लाख रुपए जुर्माना लगाने का निर्णय लिया गया। वन विभाग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि एनसीईआरटी परिसर में पेड़ों की कटाई-छंटाई के लिए आवेदन किया गया था लेकिन वन विभाग कोई निर्णय ले परिसर के भीतर पेड़ों को काट दिया गया। वहीं, शिकायतकर्ता वीरहन खन्ना का कहना है कि पांच लाख का जुर्माना सबक है। इससे लोगों को पेड़ काटने से पहले सोचने पर मजबूर होना पड़ेगा।
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नई दिल्ली। दिल्ली में पेड़ों की अवैध कटाई के खिलाफ गैर सरकारी संस्थाओं और लोगों की जागरूकता रंग लाने लगी है। अब अरविंदो मार्ग पर एनसीईआरटी परिसर में बिना अनुमति के 33 हरे-भरे पेड़ों की छंटाई और पांच की कटाई के लिए वन विभाग ने पांच लाख रुपए का जुर्माना एनसीईआरटी रजिस्ट्रार पर लगाया है।
नई दिल्ली नेचर सोसायटी की ओर से वीरहन खन्ना ने वन विभाग से एनसीईआरटी परिसर के भीतर पेड़ों के काटने जाने की शिकायत की थी। उनका कहना था कि सेमल, यूकेलिप्टस और कई पेड़ एक कतार से परिसर में मौजूद थे। लेकिन बिना अनुमति पांच पेड़ों को काट दिया गया है। वहीं, करीब 33 अन्य पेड़ों की छंटाई की गई है। शिकायत के बाद वन विभाग ने 7 अगस्त को मौके का मुआयना कर एनसीईआरटी के खिलाफ जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया था। 8 अगस्त को वन विभाग की ओर से रिपोर्ट सौंपी गई। इसके बाद पांच लाख रुपए जुर्माना लगाने का निर्णय लिया गया। वन विभाग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि एनसीईआरटी परिसर में पेड़ों की कटाई-छंटाई के लिए आवेदन किया गया था लेकिन वन विभाग कोई निर्णय ले परिसर के भीतर पेड़ों को काट दिया गया। वहीं, शिकायतकर्ता वीरहन खन्ना का कहना है कि पांच लाख का जुर्माना सबक है। इससे लोगों को पेड़ काटने से पहले सोचने पर मजबूर होना पड़ेगा।
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