{"_id":"5b732bfc42c7923c4d44a8fb","slug":"15342745483-grnoida-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खेल देश की सभ्यता व संस्कृति की पहचान है: डॉ महेश शर्मा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खेल देश की सभ्यता व संस्कृति की पहचान है: डॉ महेश शर्मा
Updated Wed, 15 Aug 2018 12:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहादुरगढ़ के लिए उपयोगी
कुश्ती देश की सभ्यता व संस्कृति की पहचान : डॉ महेश शर्मा
दंगल में पहलवानों ने दिखाए दांव पेच, विजेता पुरस्कृत
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। कुश्ती जैसे भारतीय खेल, देश की सभ्यता और संस्कृति की पहचान हैं, जो कि शरीर सौष्ठव की पराकाष्ठा है। इस विरासत को संजो कर रखना है। मंगलवार को केंद्रीय संस्कृति, पर्यावरण राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. महेश शर्मा ने पारसौल गांव में हरियाली तीज महोत्सव के मौके पर आयोजित कुश्ती मेला समारोह में बतौर मुख्य अतिथि यह बातें कहीं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि सबका साथ सबका विकास हो। सरकार ने खेल खिलाड़ियों और प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए अनेक विकास योजनाएं शुरू की हैं। सरकार ने जेवर एयरपोर्ट से ग्रामीणों व युवाओं के विकास और तरक्की के रास्ते खोल दिए हैं। गुजरात के एडिशनल डीजीपी पुलिस बीएसएफ ज्ञानेंद्र सिंह मलिक ने कहा कि सरकार को रोजगार और शिक्षा पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। अध्यक्षता चतर सिंह मलिक और संचालन नीरज मलिक ने किया। दंगल में विजेता पहलवानों को मंत्री ने पुरस्कृत भी किया।
मुख्य मुकाबला एक लाख रुपये के इनाम का हुआ। जिसमें परवेज बहादुरगढ़ और बाबर बमैदा गांव के बीच कुश्ती बराबर पर छूटी। लड़कियों के मुकाबले में अनुष्का ने सिमरन को हराया। इसके अलावा रणजीत सिंह, गोलू, शैलेश व राजेश पहलवान के बीच मुकाबले हुए। समारोह में कस्टम विभाग में एसडीएम विजय सिंह मलिक, राजेंद्र भाटी पहलवान, सुनील कुमार सांसद प्रतिनिधि, पंकज कौशिक प्रतिनिधि, सत्यपाल सिंह तालान, सोनू वर्मा, संजय वर्मा, विक्की भाटी आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कुश्ती देश की सभ्यता व संस्कृति की पहचान : डॉ महेश शर्मा
दंगल में पहलवानों ने दिखाए दांव पेच, विजेता पुरस्कृत
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। कुश्ती जैसे भारतीय खेल, देश की सभ्यता और संस्कृति की पहचान हैं, जो कि शरीर सौष्ठव की पराकाष्ठा है। इस विरासत को संजो कर रखना है। मंगलवार को केंद्रीय संस्कृति, पर्यावरण राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. महेश शर्मा ने पारसौल गांव में हरियाली तीज महोत्सव के मौके पर आयोजित कुश्ती मेला समारोह में बतौर मुख्य अतिथि यह बातें कहीं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि सबका साथ सबका विकास हो। सरकार ने खेल खिलाड़ियों और प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए अनेक विकास योजनाएं शुरू की हैं। सरकार ने जेवर एयरपोर्ट से ग्रामीणों व युवाओं के विकास और तरक्की के रास्ते खोल दिए हैं। गुजरात के एडिशनल डीजीपी पुलिस बीएसएफ ज्ञानेंद्र सिंह मलिक ने कहा कि सरकार को रोजगार और शिक्षा पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। अध्यक्षता चतर सिंह मलिक और संचालन नीरज मलिक ने किया। दंगल में विजेता पहलवानों को मंत्री ने पुरस्कृत भी किया।
विज्ञापन
मुख्य मुकाबला एक लाख रुपये के इनाम का हुआ। जिसमें परवेज बहादुरगढ़ और बाबर बमैदा गांव के बीच कुश्ती बराबर पर छूटी। लड़कियों के मुकाबले में अनुष्का ने सिमरन को हराया। इसके अलावा रणजीत सिंह, गोलू, शैलेश व राजेश पहलवान के बीच मुकाबले हुए। समारोह में कस्टम विभाग में एसडीएम विजय सिंह मलिक, राजेंद्र भाटी पहलवान, सुनील कुमार सांसद प्रतिनिधि, पंकज कौशिक प्रतिनिधि, सत्यपाल सिंह तालान, सोनू वर्मा, संजय वर्मा, विक्की भाटी आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन