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डीयू के छात्रों ने यूजीसी मुख्यालय पर किया प्रदर्शन
Updated Mon, 13 Aug 2018 09:16 PM IST
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डीयू के छात्रों ने यूजीसी मुख्यालय पर किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमफिल-पीएचडी में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा में 50 फीसदी अंक लाने की अनिवार्यता के विरोध में डीयू के छात्रों ने यूजीसी मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कई छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने मांग रखी कि मेरिट लिस्ट के अनुसार छात्रों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाए और आरक्षण को संवैधानिक तरीके से लागू किया जाए। साथ ही यूजीसी के ऑडिनेंस (5) को समाप्त किया जाए क्योंकि यह छात्र विरोधी और असंवैधानिक है। उल्लेखनीय है कि इस मामले को लेकर छात्र इससे पहले कैंपस में भी प्रदर्शन कर चुके हैं। छात्रों का कहना है कि प्रवेश परीक्षा के बाद छात्रों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था, लेकिन 23 जुलाई को साक्षात्कार के दो दिन पहले डीयू प्रशासन की तरफ से नोटिस आया और उसमें यूजीसी ऑडिनेंस को लागू करने की बात कही गई। छात्र इस मामले को लेकर कोर्ट भी जा चुके हैं। जिसके बाद से फिलहाल एमफिल-पीएचडी के दाखिलों को डीयू प्रशासन ने अगले आदेश तक रोक दिया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमफिल-पीएचडी में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा में 50 फीसदी अंक लाने की अनिवार्यता के विरोध में डीयू के छात्रों ने यूजीसी मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कई छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने मांग रखी कि मेरिट लिस्ट के अनुसार छात्रों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाए और आरक्षण को संवैधानिक तरीके से लागू किया जाए। साथ ही यूजीसी के ऑडिनेंस (5) को समाप्त किया जाए क्योंकि यह छात्र विरोधी और असंवैधानिक है। उल्लेखनीय है कि इस मामले को लेकर छात्र इससे पहले कैंपस में भी प्रदर्शन कर चुके हैं। छात्रों का कहना है कि प्रवेश परीक्षा के बाद छात्रों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था, लेकिन 23 जुलाई को साक्षात्कार के दो दिन पहले डीयू प्रशासन की तरफ से नोटिस आया और उसमें यूजीसी ऑडिनेंस को लागू करने की बात कही गई। छात्र इस मामले को लेकर कोर्ट भी जा चुके हैं। जिसके बाद से फिलहाल एमफिल-पीएचडी के दाखिलों को डीयू प्रशासन ने अगले आदेश तक रोक दिया है।