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सीपीसीबी को एक महीने के भीतर निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा
Updated Fri, 27 Jul 2018 11:36 PM IST
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इहबास के पर्यावरणीय ऑडिट का आदेश
नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को एक महीने के भीतर मानव व्यवहार और संबद्ध विज्ञान संस्थान (इहबास) परिसर के पर्यावरणीय ऑडिट का आदेश दिया है।
जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने आदेश दिया है कि सीपीसीबी निरीक्षण कर यह पता लगाए कि संस्थान में जैविक व अस्पताल के कचरा प्रबंधन को लेकर क्या व्यवस्थाएं हैं। वहीं, सुनवाई के दौरान सीपीसीबी की ओर से पेश एडवोकेट राजकुमार ने कहा कि दिलशाद गार्डेन में मौजूद इहबास परिसर में माइक्रोवेव कचरा उपचार इकाई संस्थान के प्रयोगशाला से निकलने वाले कचरे के उपचार के लिए पर्याप्त है।
वहीं दूसरी ओर याची बलबीर सिंह की ओर से पेश एडवोकेट ने कहा कि यह यूनिट सभी तरह के कचरे के उपचार को लेकर बिल्कुल भी पर्याप्त नहीं है। पीठ ने मामले पर अगली सुनवाई 28 सितंबर के लिए तय की है। ब्यूरो
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नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को एक महीने के भीतर मानव व्यवहार और संबद्ध विज्ञान संस्थान (इहबास) परिसर के पर्यावरणीय ऑडिट का आदेश दिया है।
जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने आदेश दिया है कि सीपीसीबी निरीक्षण कर यह पता लगाए कि संस्थान में जैविक व अस्पताल के कचरा प्रबंधन को लेकर क्या व्यवस्थाएं हैं। वहीं, सुनवाई के दौरान सीपीसीबी की ओर से पेश एडवोकेट राजकुमार ने कहा कि दिलशाद गार्डेन में मौजूद इहबास परिसर में माइक्रोवेव कचरा उपचार इकाई संस्थान के प्रयोगशाला से निकलने वाले कचरे के उपचार के लिए पर्याप्त है।
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वहीं दूसरी ओर याची बलबीर सिंह की ओर से पेश एडवोकेट ने कहा कि यह यूनिट सभी तरह के कचरे के उपचार को लेकर बिल्कुल भी पर्याप्त नहीं है। पीठ ने मामले पर अगली सुनवाई 28 सितंबर के लिए तय की है। ब्यूरो
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