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घटिया सामग्री से फ्लैटों की हालत जर्जर
Updated Thu, 26 Jul 2018 08:40 PM IST
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घटिया सामग्री के इस्तेमाल से जर्जर हो रहे फ्लैट
ओमीक्रॉन थर्ड में लोटस वेलफेयर सोसायटी का मामला
प्राधिकरण से जांच कर कार्रवाई की मांग की
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। ओमीक्रॉन थर्ड में लोटस वेलफेयर सोसायटी में बनाए गए फ्लैटों में घटिया सामग्री इस्तेमाल होने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि इसकी वजह से फ्लैट जर्जर हो चुके हैं। करप्शन फ्री इंडिया संगठन के सदस्यों ने प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी से शिकायत की है। संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय ने बताया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने ओमीक्रॉन थर्ड में 101 मीटर के फ्लैट बनाए थे। फ्लैटों के निर्माण में खराब गुणवत्ता वाली सामग्री इस्तेमाल की गई। सोसायटी के अंदर स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं। फ्लैटों के अंदर जगह जगह बिजली की फिटिंग उखड़ी पड़ी है। सीढ़ियों पर बिजली के खुले तार बिखरे है। इन तारों की वजह से कभी भी हादसा हो सकता है। मेनहोल के ढक्कन टूट चुके हैं। फ्लैटों के प्लास्टर उखड़ चुके है। पानी की निकासी नहीं होने से बारिश का पानी सोसायटी में जमा हो जाता है। जिसकी वजह से सड़कों और फ्लैटों के ध्वस्त होने का डर बना रहता है। सोसाइटी के निर्माण में ठेकेदारों ने प्राधिकरण के मानकों पर कार्य नहीं किया। फ्लैटों के दरवाजे, पानी की टंकी, स्विच, बिजली के बोर्ड आदि भी घटिया किस्म के हैं। मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस मौके पर संगठन के जिलाध्यक्ष मास्टर दिनेश नागर, जिला संरक्षक संजय, हरेंद्र कसाना, राकेश नागर, मोहित नागर, प्रेम प्रधान, पंकज नागर, राहुल शर्मा आदि लोग उपस्थित रहे।
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ओमीक्रॉन थर्ड में लोटस वेलफेयर सोसायटी का मामला
प्राधिकरण से जांच कर कार्रवाई की मांग की
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। ओमीक्रॉन थर्ड में लोटस वेलफेयर सोसायटी में बनाए गए फ्लैटों में घटिया सामग्री इस्तेमाल होने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि इसकी वजह से फ्लैट जर्जर हो चुके हैं। करप्शन फ्री इंडिया संगठन के सदस्यों ने प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी से शिकायत की है। संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय ने बताया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने ओमीक्रॉन थर्ड में 101 मीटर के फ्लैट बनाए थे। फ्लैटों के निर्माण में खराब गुणवत्ता वाली सामग्री इस्तेमाल की गई। सोसायटी के अंदर स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं। फ्लैटों के अंदर जगह जगह बिजली की फिटिंग उखड़ी पड़ी है। सीढ़ियों पर बिजली के खुले तार बिखरे है। इन तारों की वजह से कभी भी हादसा हो सकता है। मेनहोल के ढक्कन टूट चुके हैं। फ्लैटों के प्लास्टर उखड़ चुके है। पानी की निकासी नहीं होने से बारिश का पानी सोसायटी में जमा हो जाता है। जिसकी वजह से सड़कों और फ्लैटों के ध्वस्त होने का डर बना रहता है। सोसाइटी के निर्माण में ठेकेदारों ने प्राधिकरण के मानकों पर कार्य नहीं किया। फ्लैटों के दरवाजे, पानी की टंकी, स्विच, बिजली के बोर्ड आदि भी घटिया किस्म के हैं। मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस मौके पर संगठन के जिलाध्यक्ष मास्टर दिनेश नागर, जिला संरक्षक संजय, हरेंद्र कसाना, राकेश नागर, मोहित नागर, प्रेम प्रधान, पंकज नागर, राहुल शर्मा आदि लोग उपस्थित रहे।