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चुनाव आयोग आप विधायक
Updated Tue, 24 Jul 2018 11:40 PM IST
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आप विधायकों की याचिका पर खंडपीठ करेगी सुनवाई
चुनाव आयोग ने नहीं करने दी थी प्रशांत पटेल से जिरह
विधायकों ने आयोग के आदेश को दी है चुनौती
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
हाईकोर्ट के सिंगल जज ने आप के 20 विधायकों की याचिका को सुनवाई के लिए उसी खंडपीठ के समक्ष भेजा दिया है, जिसने आप विधायकों को अयोग्य ठहराने संबंधी चुनाव आयोग के फैसले को खारिज कर दिया था। इन विधायकों ने लाभ के पद के मामले में शिकायतकर्ता से जिरह और समन की मांग को ठुकराए जाने के चुनाव आयोग को चुनौती दी है।
जस्टिस वीके राव ने आप विधायकों की याचिका को सुनवाई के लिए जस्टिस संजीव खन्ना व जस्टिस चंद्रशेखर की खंडपीठ के समक्ष भेजते हुए सुनवाई के लिये दो अगस्त की तारीख तय की है। इस खंडपीठ ने चुनाव आयोग के फैसले को खारिज करते हुए दोबारा सुनवाई करने व विधायकों का पक्ष सुनने का निर्देश दिया था।
कोर्ट के समक्ष विधायकों की ओर से जिरह करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता केवी विश्वनाथन ने कहा कि मामले में शिकायतकर्ता के अधिवक्ता प्रशांत पटेल से जिरह का मौका मिलना चाहिए और सरकारी अधिकारी को बुलाया जाना चाहिए ताकि उन दस्तावेजों की सत्यता की जांच हो जाए जो आयोग ने दिल्ली सरकार से मंगाएं हैं।
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दूसरी ओर चुनाव आयोग के अधिवक्ता ने खंडपीठ का फैसला पढ़कर सुनाया। आयोग के वकील ने कहा कि इस फैसले में केवल विधायकों का पक्ष सुनने का निर्देश दिया गया है और इसमें शिकायतकर्ता या किसी गवाह से जिरह का कोई जिक्र नहीं है। दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री, विजेंद्र गर्ग विजय, प्रवीण कुमार, शिव चरण गोयल की ओर से एडवोकेट मनीष वशिष्ठ और समीर विशिष्ठ ने यह याचिका दायर की है। विधायकों की मांग है कि हाईकोर्ट चुनाव आयोग के 17 जुलाई के आदेश से जुड़े रिकॉर्ड और दस्तावेज को कोर्ट में मंगवाएं। याची विधायकों का दावा है कि उन्हें शिकायतकर्ता प्रशांत पटेल को तलब करने और उससे जिरह का पूरा अधिकार है।
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चुनाव आयोग ने नहीं करने दी थी प्रशांत पटेल से जिरह
विधायकों ने आयोग के आदेश को दी है चुनौती
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
हाईकोर्ट के सिंगल जज ने आप के 20 विधायकों की याचिका को सुनवाई के लिए उसी खंडपीठ के समक्ष भेजा दिया है, जिसने आप विधायकों को अयोग्य ठहराने संबंधी चुनाव आयोग के फैसले को खारिज कर दिया था। इन विधायकों ने लाभ के पद के मामले में शिकायतकर्ता से जिरह और समन की मांग को ठुकराए जाने के चुनाव आयोग को चुनौती दी है।
जस्टिस वीके राव ने आप विधायकों की याचिका को सुनवाई के लिए जस्टिस संजीव खन्ना व जस्टिस चंद्रशेखर की खंडपीठ के समक्ष भेजते हुए सुनवाई के लिये दो अगस्त की तारीख तय की है। इस खंडपीठ ने चुनाव आयोग के फैसले को खारिज करते हुए दोबारा सुनवाई करने व विधायकों का पक्ष सुनने का निर्देश दिया था।
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कोर्ट के समक्ष विधायकों की ओर से जिरह करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता केवी विश्वनाथन ने कहा कि मामले में शिकायतकर्ता के अधिवक्ता प्रशांत पटेल से जिरह का मौका मिलना चाहिए और सरकारी अधिकारी को बुलाया जाना चाहिए ताकि उन दस्तावेजों की सत्यता की जांच हो जाए जो आयोग ने दिल्ली सरकार से मंगाएं हैं।
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दूसरी ओर चुनाव आयोग के अधिवक्ता ने खंडपीठ का फैसला पढ़कर सुनाया। आयोग के वकील ने कहा कि इस फैसले में केवल विधायकों का पक्ष सुनने का निर्देश दिया गया है और इसमें शिकायतकर्ता या किसी गवाह से जिरह का कोई जिक्र नहीं है। दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री, विजेंद्र गर्ग विजय, प्रवीण कुमार, शिव चरण गोयल की ओर से एडवोकेट मनीष वशिष्ठ और समीर विशिष्ठ ने यह याचिका दायर की है। विधायकों की मांग है कि हाईकोर्ट चुनाव आयोग के 17 जुलाई के आदेश से जुड़े रिकॉर्ड और दस्तावेज को कोर्ट में मंगवाएं। याची विधायकों का दावा है कि उन्हें शिकायतकर्ता प्रशांत पटेल को तलब करने और उससे जिरह का पूरा अधिकार है।