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अब भी नहीं थम रही 30 से 40 लोगों के दबे होने की चर्चा
Updated Fri, 20 Jul 2018 09:04 PM IST
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शाहबेरी हादसा
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अब भी नहीं थम रही 30 से 40 लोगों के दबे होने की चर्चा
ग्रेटर नोएडा। शाहबेरी गांव में बचाव कार्य समाप्त हो गया है, लेकिन आसपास के लोग अभी भी संतुष्ट नहीं हैं। दिनभर चर्चा रही कि दोनों बिल्डिंगों में 30 से 40 लोग फंसे थे, जबकि नौ के शव बरामद हुए हैं तो बाकी कहां गए। मंगलवार की रात जब हादसा हुआ तो आसपास के लोगों ने बताया था कि पुरानी बिल्डिंग में 12 परिवार थे, जबकि निर्माणाधीन में कई मजदूर और उनके परिवार के होने की चर्चा थी। बताया गया कि 30 से 40 लोग मलबे में दबे हैं। शुक्रवार को घटनास्थल की स्थिति देखने पहुंचे मल्लू व प्रकाश का कहना है कि बिल्डिंग नीचे जमीन में धंसी थी। दो मंजिल धंसना बताया गया था, लेकिन बचाव दल ने ज्यादा खुदाई नहीं की। पड़ोस के मकान में रहने वाली रेखा व कविता ने कहा कि काफी लोगों के दोनों बिल्डिंग में फंसने की बात बताई जा रही थी, लेकिन केवल नौ शव मिले है। यह हैरानी की बात है।
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शाहबेरी में ढही इमारतों के मलबे को हटाने व राहत-बचाव का काम पूरा हो गया है। मलबे को साफ कर दिया गया है। अब वहां पर कुछ नहीं है। इस तरह की बातें सिर्फ अफवाह है।
- अंजनी कुमार, एसडीएम दादरी
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अब भी नहीं थम रही 30 से 40 लोगों के दबे होने की चर्चा
ग्रेटर नोएडा। शाहबेरी गांव में बचाव कार्य समाप्त हो गया है, लेकिन आसपास के लोग अभी भी संतुष्ट नहीं हैं। दिनभर चर्चा रही कि दोनों बिल्डिंगों में 30 से 40 लोग फंसे थे, जबकि नौ के शव बरामद हुए हैं तो बाकी कहां गए। मंगलवार की रात जब हादसा हुआ तो आसपास के लोगों ने बताया था कि पुरानी बिल्डिंग में 12 परिवार थे, जबकि निर्माणाधीन में कई मजदूर और उनके परिवार के होने की चर्चा थी। बताया गया कि 30 से 40 लोग मलबे में दबे हैं। शुक्रवार को घटनास्थल की स्थिति देखने पहुंचे मल्लू व प्रकाश का कहना है कि बिल्डिंग नीचे जमीन में धंसी थी। दो मंजिल धंसना बताया गया था, लेकिन बचाव दल ने ज्यादा खुदाई नहीं की। पड़ोस के मकान में रहने वाली रेखा व कविता ने कहा कि काफी लोगों के दोनों बिल्डिंग में फंसने की बात बताई जा रही थी, लेकिन केवल नौ शव मिले है। यह हैरानी की बात है।
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शाहबेरी में ढही इमारतों के मलबे को हटाने व राहत-बचाव का काम पूरा हो गया है। मलबे को साफ कर दिया गया है। अब वहां पर कुछ नहीं है। इस तरह की बातें सिर्फ अफवाह है।
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- अंजनी कुमार, एसडीएम दादरी