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वन विभाग से तीन हफ्तों में रिपोर्ट की तलब
Updated Wed, 18 Jul 2018 09:40 PM IST
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दक्षिणी रिज में वन क्षेत्र के सीमांकन पर मांगी रिपोर्ट
नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली के रिज एरिया में मौजूद वन क्षेत्र के सीमांकन पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली सरकार के वन विभाग को तीन हफ्तों में रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। मामले पर 7 अगस्त को सुनवाई होगी।
जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ सोन्या घोष की याचिका पर सुनवाई कर रही है। याची का आरोप है कि दक्षिणी दिल्ली के रिज में वन क्षेत्र का सीमांकन न होने की वजह से कई अवैध भवन बन गए हैं। जल्द ही सीमांकन नहीं किया गया तो रिज एरिया में जंगल का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा। याची ने वन क्षेत्र की सीमा में मौजूद अवैध भवनों को ढहाने की भी मांग की है। एनजीटी ने बीते वर्ष आदेशों के बावजूद सीमांकन में देरी के चलते दिल्ली सरकार पर दो लाख रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया था। इसके बाद सरकार की ओर से दाखिल समीक्षा याचिका को भी खारिज कर दिया था।
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नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली के रिज एरिया में मौजूद वन क्षेत्र के सीमांकन पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली सरकार के वन विभाग को तीन हफ्तों में रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। मामले पर 7 अगस्त को सुनवाई होगी।
जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ सोन्या घोष की याचिका पर सुनवाई कर रही है। याची का आरोप है कि दक्षिणी दिल्ली के रिज में वन क्षेत्र का सीमांकन न होने की वजह से कई अवैध भवन बन गए हैं। जल्द ही सीमांकन नहीं किया गया तो रिज एरिया में जंगल का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा। याची ने वन क्षेत्र की सीमा में मौजूद अवैध भवनों को ढहाने की भी मांग की है। एनजीटी ने बीते वर्ष आदेशों के बावजूद सीमांकन में देरी के चलते दिल्ली सरकार पर दो लाख रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया था। इसके बाद सरकार की ओर से दाखिल समीक्षा याचिका को भी खारिज कर दिया था।
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