केंद्र के अस्पतालों में अब 12 घंटे होगी ओपी, सफदरजंग से शुरुआत
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर जल्द ही केंद्र सरकार के अस्पतालों में 12 घंटे ओपीडी सेवा मिल सकती है। कुछ दिन के भीतर सफदरजंग अस्पताल में इसका पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा।
हालांकि, अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों ने इस फैसले का विरोध करते हुए पहले संसाधन और स्टाफ की कमी दूर करने की बात कही है। उधर, मंत्रालय से आदेश मिलने के बाद सफदरजंग अस्पताल प्रबंधन ने चार विभागों के डॉक्टरों को 12 घंटे तक ओपीडी सेवा रखने के निर्देश दिए हैं। इस पायलट प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए योजना भी मांगी है।
बता दें कि अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार काफी समय से योजना बना रही है, लेकिन जमीन पर इसे अब उतारा जा रहा है। मंत्रालय ने 11 जुलाई को जारी आदेश में लिखा है कि सरकार सरकारी अस्पतालों में 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं जारी रखना चाहती है, ताकि मरीजों को सहूलियत हो सके।
इसके तहत सुबह 8 से रात 8 बजे के बीच सफदरजंग अस्पताल के मेडिसिन, पिडियाट्रिक्स, गायनोकॉलोजी और सर्जरी विभाग की ओपीडी में डॉक्टर रहेंगे। इस पायलट प्रोजेक्ट की कामयाबी के बाद जल्द ही इसे दूसरे अस्पतालों में भी लागू किया जाएगा।
हालांकि, एम्स में ऐसा कब तक हो पाएगा, इस बारे में जानकारी नहीं मिली है। सरकार ने सफदरजंग अस्पताल प्रबंधन से ओपीडी का समय बढ़ाने के लिए पूरा ब्यौरा मांगा है। सूत्रों का कहना है कि सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश शर्मा ने मंत्रालय को जवाब भी भेज दिया है।
डॉक्टर बोले, कोर्ट के फैसले के खिलाफ जा रही है सरकार
फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) के जनरल सेक्रेटरी डॉ. मनीष निगम का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक रेजिडेंट डॉक्टर्स को हफ्ते में 48 घंटे काम करना होगा, लेकिन रेजिडेंट की भारी कमी के चलते वर्तमान में उन्हें 60 से 70 घंटे तक काम करना पड़ रहा है।
ओपीडी के लिए नया समय लागू होता है तो इससे डॉक्टरों पर बोझ बढ़ जाएगा। मंत्रालय ने यह आदेश सिर्फ डॉक्टरों के लिए निकाला है, जबकि अन्य स्टाफ पुराने समय पर ही आएगा और पुराने समय पर ही चला जाएगा।
डॉक्टर एकजुट, आदेश लागू हुआ तो प्रदर्शन
सरकार के इस फैसले के खिलाफ दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों में तैनात रेजीडेंट डॉक्टर एकजुट हो गए हैं। इनका कहना है कि सरकार ने इस आदेश को लागू किया तो दिल्ली के सभी अस्पतालों के डॉक्टर एकजुट होकर विरोध करेंगे। अभी सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक ओपीडी रहती है। इस दौरान हजारों मरीज आते हैं। अब डॉक्टरों का समय बढ़ाने से कठिनाई भी होगी।
जल्दबाजी न करें डॉक्टर : मंत्रालय
मंत्रालय के एक वष्ठि अधिकारी का कहना है कि फिलहाल डॉक्टर जल्दबाजी न करें। खामियां जानने के लिए ही पायलट प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। खामियों को दूर करने के बाद ही इसे अस्पतालों में लागू किया जाएगा और मरीजों को 12 घंटे की ओपीडी सेवा मिलेगी।