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देश के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अब्दुल कलाम आजाद के जन्मदिवस मनाने के दौरान मौजूदा शिक्षा पर मंथन।
Updated Mon, 26 Nov 2018 11:15 PM IST
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‘जिले का पिछड़ापन शिक्षा से ही हो सकता है दूर’
प्रथम शिक्षा मंत्री के जन्मदिवस पर गांव हिरवाड़ी में लगाया शिक्षा जागरूकता कैंप
- सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलने वाली निशुल्क सुविधाओं की दी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजपुर झिरका। देश के प्रथम शिक्षा मंत्री और भारत रत्न मौलाना अबुल कलाम आजाद के जन्म दिवस के मौके पर सोमवार को गांव हिरवाड़ी में शिक्षा जागरूकता कैंप आयोजित किया गया। यह आयोजन यूरोपीय यूनियन, एक्शन एड और मेवात कारवां के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिले के वरिष्ठ समाजसेवी फजरद्दीन बेसर द्वारा की गई। इसमें लोगों को सरकारी स्कूल के छात्रों को सरकार की ओर से दी जाने वाली निशुल्क सुविधाओं के बारे में बताया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय के सैटेलाइट कैंपस नूंह के निदेशक डॉ मोजफ्फर इस्लाम ने कहा कि मौलाना आजाद प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी के साथ नए भारत के निर्माता थे। उन्होंने कहा कि मौलाना ने ही आईआईटी, आईआईएम जैसे शिक्षण संस्थानों को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और साइंस रिसर्च सेंटर स्थापित कराए। मौलाना आजाद देश के बंटवारे के घोर विरोधी थे।
फरीदाबाद के जिला उपशिक्षा अधिकारी डॉ अब्दुल रहमान ने कहा कि मेवात जैसे पिछड़े क्षेत्र का विकास सिर्फ शिक्षा के प्रसार से ही हो सकता है इसलिए लोग अपने बच्चों को निरंतर स्कूल भेजें और उनकी पढ़ाई की जानकारी लेते रहें। उन्होंने लोगों से चाय की दुकानों पर समय बर्बाद करने के बजाए अपने बच्चों को पढ़ाने की अपील की। शिक्षाविद अंजुम खान ने कहा कि मिड-डे-मील बच्चों के एक साथ बैठकर खाने की योजना बेहतर भारत बनाने की योजना है इसे उसी सोच के साथ लागू करने की जरूरत है। वहीं चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की पूर्व जिला चेयरमैन मोहम्मदी ने कहा कि शिक्षा के अधिकार कानून के तहत स्कूल चल रहा है या नहीं, यह हर स्कूल के मैनेजमेंट कमेटी को देखना चाहिए और सरकार को कानून के मुताबिक स्कूल चलाने के लिए बाध्य करना चाहिए।
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जिला परिषद मेवात की चेयरपर्सन अनीसा बानों ने लड़कियों को शिक्षित करने पर जोर देते हुए कहा कि अगर आप चाहते हैं कि आने वाली नस्लें शिक्षित और सभ्य हों तो कल की बनने वाली माताओं को शिक्षित करें जिससे आने वाली नस्लें खुद-ब-खुद शिक्षित हो जाएंगी।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कपिल पुनिया ने लोगों से सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाने की अपील करते हुए सरकार की ओर बच्चों को दी जानेवाली निशुल्क सुविधाओं यथा, दोपहर का भोजन, किताबें, कॉपियां और स्कूल ड्रेस के बारे में बताया। वहीं अब्दुर रब असरी ने विद्यार्थियों को मिलने वाले सभी प्रकार के छात्रवृत्ति के बारे में विस्तार से बताया और कहा कि पैसे के अभाव में अब कोई अनपढ़ नहीं रह सकता। इस मौके पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित मास्टर बसरूद्दीन, मास्टर शफी मोहम्मद, मलेशिया में वेटलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक जीतने वाले मास्टर आबिद हुसैन को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मोहसिन खान एडवोकेट, डॉ अशफाक आलम, बरकत मलिक, वसीम सैफी, यूनुस खान, ईसब खान, अरशद महौली, आकिब जावेद, जियाउल हक, रौनक अली, साबिर कासमी, कारी महबूब, सलीम बैग, राकेश ठाकुर और तल्हा आदि मौजूद रहे।
फोटो- गांव हिरवाड़ी में आयोजित शिक्षा जागरूकता कैंप में मौजूद शिक्षविद्।
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प्रथम शिक्षा मंत्री के जन्मदिवस पर गांव हिरवाड़ी में लगाया शिक्षा जागरूकता कैंप
- सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलने वाली निशुल्क सुविधाओं की दी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजपुर झिरका। देश के प्रथम शिक्षा मंत्री और भारत रत्न मौलाना अबुल कलाम आजाद के जन्म दिवस के मौके पर सोमवार को गांव हिरवाड़ी में शिक्षा जागरूकता कैंप आयोजित किया गया। यह आयोजन यूरोपीय यूनियन, एक्शन एड और मेवात कारवां के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिले के वरिष्ठ समाजसेवी फजरद्दीन बेसर द्वारा की गई। इसमें लोगों को सरकारी स्कूल के छात्रों को सरकार की ओर से दी जाने वाली निशुल्क सुविधाओं के बारे में बताया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय के सैटेलाइट कैंपस नूंह के निदेशक डॉ मोजफ्फर इस्लाम ने कहा कि मौलाना आजाद प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी के साथ नए भारत के निर्माता थे। उन्होंने कहा कि मौलाना ने ही आईआईटी, आईआईएम जैसे शिक्षण संस्थानों को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और साइंस रिसर्च सेंटर स्थापित कराए। मौलाना आजाद देश के बंटवारे के घोर विरोधी थे।
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फरीदाबाद के जिला उपशिक्षा अधिकारी डॉ अब्दुल रहमान ने कहा कि मेवात जैसे पिछड़े क्षेत्र का विकास सिर्फ शिक्षा के प्रसार से ही हो सकता है इसलिए लोग अपने बच्चों को निरंतर स्कूल भेजें और उनकी पढ़ाई की जानकारी लेते रहें। उन्होंने लोगों से चाय की दुकानों पर समय बर्बाद करने के बजाए अपने बच्चों को पढ़ाने की अपील की। शिक्षाविद अंजुम खान ने कहा कि मिड-डे-मील बच्चों के एक साथ बैठकर खाने की योजना बेहतर भारत बनाने की योजना है इसे उसी सोच के साथ लागू करने की जरूरत है। वहीं चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की पूर्व जिला चेयरमैन मोहम्मदी ने कहा कि शिक्षा के अधिकार कानून के तहत स्कूल चल रहा है या नहीं, यह हर स्कूल के मैनेजमेंट कमेटी को देखना चाहिए और सरकार को कानून के मुताबिक स्कूल चलाने के लिए बाध्य करना चाहिए।
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जिला परिषद मेवात की चेयरपर्सन अनीसा बानों ने लड़कियों को शिक्षित करने पर जोर देते हुए कहा कि अगर आप चाहते हैं कि आने वाली नस्लें शिक्षित और सभ्य हों तो कल की बनने वाली माताओं को शिक्षित करें जिससे आने वाली नस्लें खुद-ब-खुद शिक्षित हो जाएंगी।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कपिल पुनिया ने लोगों से सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाने की अपील करते हुए सरकार की ओर बच्चों को दी जानेवाली निशुल्क सुविधाओं यथा, दोपहर का भोजन, किताबें, कॉपियां और स्कूल ड्रेस के बारे में बताया। वहीं अब्दुर रब असरी ने विद्यार्थियों को मिलने वाले सभी प्रकार के छात्रवृत्ति के बारे में विस्तार से बताया और कहा कि पैसे के अभाव में अब कोई अनपढ़ नहीं रह सकता। इस मौके पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित मास्टर बसरूद्दीन, मास्टर शफी मोहम्मद, मलेशिया में वेटलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक जीतने वाले मास्टर आबिद हुसैन को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मोहसिन खान एडवोकेट, डॉ अशफाक आलम, बरकत मलिक, वसीम सैफी, यूनुस खान, ईसब खान, अरशद महौली, आकिब जावेद, जियाउल हक, रौनक अली, साबिर कासमी, कारी महबूब, सलीम बैग, राकेश ठाकुर और तल्हा आदि मौजूद रहे।
फोटो- गांव हिरवाड़ी में आयोजित शिक्षा जागरूकता कैंप में मौजूद शिक्षविद्।