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केएमपी से गुजरेंगे आठ राज्यों के 50 हजार से अधिक भारी वाहन
Updated Sat, 10 Nov 2018 11:32 PM IST
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केएमपी से गुजरेंगे आठ राज्यों के 50 हजार से अधिक भारी वाहन
गुरुग्राम। कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे (केएमपी) के 83 किलोमीटर लंबे कुंडली-मानेसर के हिस्से को निर्माण के बाद अब कंपनी ने हरियाणा राज्य औद्योगिक अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) को सौंप दिया है। वेस्टर्न पेरिफेरल के नाम से मशहूर इस रूट के शुरू होने के बाद एचएसआईआईडीसी ने आठ राज्यों के 50 हजार से अधिक भारी वाहन गुजरने का अनुमान लगाया है। केएमपी शुरू होने से सबसे अधिक फायदा दिल्ली को मिलेगा। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के प्रदूषण में करीब 35 फीसदी तक कमी आएगी।
19 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा औपचारिक तौर पर शुरुआत करने के बाद 135.6 किलोमीटर लंबे वेस्टर्न पेरिफेरल पर वाहन फर्राटा भरते दिखेंगे। सड़क निर्माण करने वाली कंपनी से एचएसआईआईडीसी को मिलने के बाद अब सरकार एक्सप्रेसवे का सेफ्टी ऑडिट के लिए थर्ड पार्टी टेंडर करने जा रही है। इसका सेफ्टी ऑडिट के साथ ही इसका व्यवसायिक इस्तेमाल भी शुरू हो जाएगा। एचएसआईआईडीसी टोल वसूलना भी शुरू कर देगी। एचएसआईआईडीसी पदाधिकारियों का कहना है कि सड़क पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन टोल वसूलने से पहले केंद्र सरकार से सेफ्टी सर्टिफिकेट लेना जरूरी होता है।
दिल्ली के प्रदूषण में आएगी कमी
दिल्ली से होकर गुजरने वाले ट्रक और दूसरे भारी वाहन दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के वायु प्रदूषण में बहुत बड़ा योगदान देते हैं। जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, राजस्थान समेत आठ राज्यों के ट्रक दिल्ली में प्रवेश किए बिना दूसरे प्रदेशों में जा सकेंगे। इससे उम्मीद की जा रही है कि केएमपी एक्सप्रेसवे के कारण दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों की संख्या में 30 से 35 प्रतिशत की कमी आएगी, जिससे प्रदूषण और भीड़-भाड़ काफी हद तक कम हो जाएगी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पर्यावरण प्रदूषण रोकथाम एवं नियंत्रण प्राधिकरण ने 2004 में एक्सप्रेसवे मार्ग जैसे रिंग रोड बनाने के प्रस्ताव को पेश किया। पूर्वी और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे कुंडली और पलवल में एक ही अंतिम स्थान के साथ दिल्ली के चारों ओर एक रिंग रोड बनाने के लिए तैयार किए गए हैं।
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ऐसे समझें केएमपी एक्सप्रेसवे का महत्व
केएमपी एक्सप्रेसवे भारत के चार सबसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्गों कुंडली (सोनीपत) के पास एनएच-1, बहादुरगढ़ के पास एनएच-10, मानेसर (गुरुग्राम) में एनएच -8 और पलवल (फरीदाबाद) के पास एनएच-2 को जोड़ता है। यह एनएच-1 पर दिल्ली की उत्तर दिशा से आने वाले और एनएच 2 पर दिल्ली के दक्षिण की ओर तथा एनएच-8 से होकर पश्चिम में जाने वाले यातायात को बाईपास कर देगा।
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गुरुग्राम। कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे (केएमपी) के 83 किलोमीटर लंबे कुंडली-मानेसर के हिस्से को निर्माण के बाद अब कंपनी ने हरियाणा राज्य औद्योगिक अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) को सौंप दिया है। वेस्टर्न पेरिफेरल के नाम से मशहूर इस रूट के शुरू होने के बाद एचएसआईआईडीसी ने आठ राज्यों के 50 हजार से अधिक भारी वाहन गुजरने का अनुमान लगाया है। केएमपी शुरू होने से सबसे अधिक फायदा दिल्ली को मिलेगा। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के प्रदूषण में करीब 35 फीसदी तक कमी आएगी।
19 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा औपचारिक तौर पर शुरुआत करने के बाद 135.6 किलोमीटर लंबे वेस्टर्न पेरिफेरल पर वाहन फर्राटा भरते दिखेंगे। सड़क निर्माण करने वाली कंपनी से एचएसआईआईडीसी को मिलने के बाद अब सरकार एक्सप्रेसवे का सेफ्टी ऑडिट के लिए थर्ड पार्टी टेंडर करने जा रही है। इसका सेफ्टी ऑडिट के साथ ही इसका व्यवसायिक इस्तेमाल भी शुरू हो जाएगा। एचएसआईआईडीसी टोल वसूलना भी शुरू कर देगी। एचएसआईआईडीसी पदाधिकारियों का कहना है कि सड़क पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन टोल वसूलने से पहले केंद्र सरकार से सेफ्टी सर्टिफिकेट लेना जरूरी होता है।
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दिल्ली के प्रदूषण में आएगी कमी
दिल्ली से होकर गुजरने वाले ट्रक और दूसरे भारी वाहन दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के वायु प्रदूषण में बहुत बड़ा योगदान देते हैं। जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, राजस्थान समेत आठ राज्यों के ट्रक दिल्ली में प्रवेश किए बिना दूसरे प्रदेशों में जा सकेंगे। इससे उम्मीद की जा रही है कि केएमपी एक्सप्रेसवे के कारण दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों की संख्या में 30 से 35 प्रतिशत की कमी आएगी, जिससे प्रदूषण और भीड़-भाड़ काफी हद तक कम हो जाएगी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पर्यावरण प्रदूषण रोकथाम एवं नियंत्रण प्राधिकरण ने 2004 में एक्सप्रेसवे मार्ग जैसे रिंग रोड बनाने के प्रस्ताव को पेश किया। पूर्वी और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे कुंडली और पलवल में एक ही अंतिम स्थान के साथ दिल्ली के चारों ओर एक रिंग रोड बनाने के लिए तैयार किए गए हैं।
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ऐसे समझें केएमपी एक्सप्रेसवे का महत्व
केएमपी एक्सप्रेसवे भारत के चार सबसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्गों कुंडली (सोनीपत) के पास एनएच-1, बहादुरगढ़ के पास एनएच-10, मानेसर (गुरुग्राम) में एनएच -8 और पलवल (फरीदाबाद) के पास एनएच-2 को जोड़ता है। यह एनएच-1 पर दिल्ली की उत्तर दिशा से आने वाले और एनएच 2 पर दिल्ली के दक्षिण की ओर तथा एनएच-8 से होकर पश्चिम में जाने वाले यातायात को बाईपास कर देगा।