नोएडा: 150 करोड़ की ड्रग्स केस में खुलासा, इमेनुएल ने अपनी ही बहन को बनाया था ढाल; सौदेबाजी का सच आया सामने
ऑमिक्रान-1 के मथुरापुर में उस मकान पर ताला लगा है जिसमें ड्रग्स बनाने का काम चलता था। यहां आसपास कुछ मकान हैं, जिनमें रहने वाले ड्रग्स मामले के लेकर खामोश हैं।
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ड्रग्स फैक्टरी मामले में गिरफ्तार नाइजीरियाई नागरिक इमेनुएल ने अपनी बहन के नाम पर मकान का किरायानामा किया था। उसकी बहन ग्रेटर नोएडा की बड़ी यूनिवर्सिटी में पढ़ती है। इसके साथ ही पुलिस आरोपियों के डिजिटल हिस्ट्री की जांच कर रही है। आरोपी क्रिप्टो करंसी और डार्क वेब का इस्तेमाल कर सौदेबाजी करते थे। इसलिए पुलिस आईटी सेल के साथ-साथ डिजिटल विशेषज्ञों की सहायता भी ले रही है।
आरोपियों से पूछताछ में जो तथ्य पुलिस को मिले हैं उसके आधार पुलिस आरोपियों के सोशल मीडिया एकाउंट खंगाल रही है। अब तक सामने आया है कि इमेनुएल और चिड़ी से आधिकांश लोग अफ्रीकी मूल के ही जुड़े हुए हैं। पुलिस का मकसद आरोपियों से ड्रग्स की खरीदारी करने वालों तक पहुंचना है। आरोपी डार्क वेब के जरिए सौदेबाजी करते थे। इसीलिए साइबर जगत के कुछ विशेषज्ञों को भी पुलिस ने बुलाया।
जिस मकान में आरोपी किराए पर रहते थे, उसके मकान मालिक पुष्पेंद्र ने बताया कि इमेनुअल की बहन ने उनके साथ किरायानामा किया था। मकान फरवरी महीने में ही बनकर तैयार हुआ है। पुलिस ने किराए से जुड़े दस्तावेज मांगे थे, वह उपलब्ध करा दिए हैं। इनकी गतिविधियों के विषय में जानकारी नहीं थी क्योंकि वह परिवार के साथ दिल्ली में रहते हैं। गुरुवार को पुलिस ने 150 करोड़ रुपये की ड्रग्स के साथ नाइजीरिया के इफियानी जॉनबॉस्को, चिड़ि, इमेनुएल और ऑन्योकैची को गिरफ्तार किया था।
मथुरापुर की गली में पसरा सन्नाटा, पड़ोसी खामोश
ऑमिक्रान-1 के मथुरापुर में उस मकान पर ताला लगा है जिसमें ड्रग्स बनाने का काम चलता था। यहां आसपास कुछ मकान हैं, जिनमें रहने वाले ड्रग्स मामले के लेकर खामोश हैं। पास में ही डेयरी चलाने वाले बुजुर्ग बाबा कहते हैं पहले ही दो बार यहां पर ड्रग्स वाले पकड़े गए हैं। ताजा गिरफ्तारी के बाद अब कॉलोनी में कोई नाइजीरिया का निवासी नहीं है।
विदेशियों को दिया है मकान तो हो सकता है बड़ा नुकसान
ग्रेटर नोएडा में भवन स्वामी अगर अपना मकान किसी विदेशी छात्र या नागरिक को दे रहे हैं तो बेहद सावधानी और सतर्कता के साथ दें। कोई भी अवांछनीय स्थिति पैदा होने पर मकान सीज हो सकता है और मकान मालिक को किराए से भी हाथ धोना पड़ सकता है।
ओमिक्रान-1 में 150 करोड़ की ड्रग्स के साथ पकड़े गए चार नाइजीरियाई नागरिकों के मामले में पुलिस ने संबंधित मकान को सीज कर दिया है। अब दिल्ली में रहने वाले मकान मालिक पुष्पेंद्र कहते हैं कि उन्हें नहीं पता कि उनका मकान अब कब रिलीज होगा। दो महीने पहले ही मकान बनकर तैयार कराया था। 39 हजार रुपये इसकी बैंक की ईएमआई जा रही है। यह सोचकर किराए पर दिया था कि बैंक की ईएमआई में कुछ राहत मिलेगी। अब स्थिति बेहद जटिल हो गई है। इसके अलावा किराए पर देने से पहले रिनोवेशन में 50 हजार रुपये लगाए थे। यह खर्चा भी अब बेकार ही गया है।
ड्रग्स मामले में पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर और जानकारी जुटाई जा रही है। लेनदेन, साइबर गतिविधियां, इनसे माल लेने वाले आदि लोगों तक पहुंचा जा रहा है। - अशोक कुमार, एडीसीपी