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अन्य केंद्रों के ध्यानार्थ : 15 हजार करोड़ के फर्जीवाड़े का मामला
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आरोपियों की निशानदेही पर दिल्ली से नोट गिनने वाली मशीन बरामद
- रिमांड पर लेने के बाद पुलिस समेत अन्य जांच एजेंसी अधिक से अधिक बरामदगी में जुटी
- सेक्टर-20 में दर्ज हुआ ठगी का नया केस
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। फर्जी तरीके से कंपनियों का पंजीकरण कराकर 15 हजार करोड़ रुपये के फजीवाड़े के मामले में गिरफ्तार आरोपियों के रिमांड पर आने के बाद रोज नए खुलासे हो रहे हैं। 81 घंटे की रिमांड के बाद नोएडा पुलिस अन्य एजेंसियों के साथ आरोपियों से पूछताछ करने में जुटी है। आरोपियों की निशानदेही पर शुक्रवार को नोएडा पुलिस ने दिल्ली के रोहिणी में जालसाजों के घर और कार्यालय पर दबिश दी। जहां से रुपये गिनने वाली दो मशीनें, दर्जनों डेस्कटॉप और लैपटॉप, सिम और महत्वपूर्ण दस्तावेजों का बंडल बरामद हुआ है।
वहीं आरोपियों को सिम उपलब्ध कराने वाले चार लोगों को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई अन्य कंपनी और कार्यालय के बारे में पुलिस को जानकारी दी है। वहीं फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस ने शुक्रवार को राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा के अलावा महाराष्ट्र और गुजरात में भी दबिश दे रही है। जांच में फर्जीवाड़े में शामिल आरोपियों की संख्या 50 तक पहुंचने की आशंका जाहिर की जा रही है।
एडीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि नकदी गिनने वाली मशीन सहित मामले से संबंधित कई अहम सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं। आगामी दो दिन तक कई अन्य जानकारी पुलिस के हाथ लगेगी। सभी एजेंसियां पूछताछ में शामिल हैं। नोएडा कमिश्नरेट पुलिस ने आठ दिन पहले बृहस्पतिवार को 2660 फर्जी कंपनी बनाकर जीएसटी में पंजीकृत कराने और इससे 15 हजार करोड़ से अधिक की ठगी के मामले का पर्दाफाश किया था। इन जालसाजों ने पिछले पांच साल से फर्जी फर्म बनाकर जीएसटी रिफंड आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) प्राप्त कर सरकार को हजारों करोड़ का चूना लगाया था। पुलिस ने इस गिरोह में शामिल महिला समेत आठ जालसाजों को गिरफ्तार कर लिया था। मामले में नोएडा पुलिस के साथ राज्य व केंद्र की जीएसटी टीम भी जांच कर रही है। बैंक खातों की भी जांच की जा रही है। जांच में खातों में लाखों रुपये का ट्रांजेक्शन होने की जानकारी मिली है।
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केंद्रीय जीएसटी विभाग की जांच में तीन नई कंपनी मिली :
केंद्रीय जीएसटी विभाग की जांच में तीन नई कंपनियां जिले में मिली हैं। इन कंपनियों से किसी प्रकार का लेनदेन नहीं हुआ है। बाकी चार कंपनियों से करोड़ों के लेनदेन होने की बात कही जा रही है। विभागीय अधिकारी इसकी जांच कर रहे हैं।
सेक्टर-20 में फिर हुआ केस दर्ज :
सेक्टर-22 में रहने वाले एक पीड़ित अरविंद कुमार यादव ने पुलिस से शिकायत की है कि उनके पैन कार्ड का प्रयोग कर अज्ञात आरोपियों ने तीन फर्जी कंपनियां खोल ली हैं। जिसके माध्यम से लाखों रुपये की जीएसटी का इनपुट टैक्स क्रेडिट ले लिया। पुलिस उनकी शिकायत दर्ज कर छानबीन कर रही है। ब्यूरो
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- रिमांड पर लेने के बाद पुलिस समेत अन्य जांच एजेंसी अधिक से अधिक बरामदगी में जुटी
- सेक्टर-20 में दर्ज हुआ ठगी का नया केस
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। फर्जी तरीके से कंपनियों का पंजीकरण कराकर 15 हजार करोड़ रुपये के फजीवाड़े के मामले में गिरफ्तार आरोपियों के रिमांड पर आने के बाद रोज नए खुलासे हो रहे हैं। 81 घंटे की रिमांड के बाद नोएडा पुलिस अन्य एजेंसियों के साथ आरोपियों से पूछताछ करने में जुटी है। आरोपियों की निशानदेही पर शुक्रवार को नोएडा पुलिस ने दिल्ली के रोहिणी में जालसाजों के घर और कार्यालय पर दबिश दी। जहां से रुपये गिनने वाली दो मशीनें, दर्जनों डेस्कटॉप और लैपटॉप, सिम और महत्वपूर्ण दस्तावेजों का बंडल बरामद हुआ है।
वहीं आरोपियों को सिम उपलब्ध कराने वाले चार लोगों को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई अन्य कंपनी और कार्यालय के बारे में पुलिस को जानकारी दी है। वहीं फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस ने शुक्रवार को राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा के अलावा महाराष्ट्र और गुजरात में भी दबिश दे रही है। जांच में फर्जीवाड़े में शामिल आरोपियों की संख्या 50 तक पहुंचने की आशंका जाहिर की जा रही है।
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एडीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि नकदी गिनने वाली मशीन सहित मामले से संबंधित कई अहम सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं। आगामी दो दिन तक कई अन्य जानकारी पुलिस के हाथ लगेगी। सभी एजेंसियां पूछताछ में शामिल हैं। नोएडा कमिश्नरेट पुलिस ने आठ दिन पहले बृहस्पतिवार को 2660 फर्जी कंपनी बनाकर जीएसटी में पंजीकृत कराने और इससे 15 हजार करोड़ से अधिक की ठगी के मामले का पर्दाफाश किया था। इन जालसाजों ने पिछले पांच साल से फर्जी फर्म बनाकर जीएसटी रिफंड आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) प्राप्त कर सरकार को हजारों करोड़ का चूना लगाया था। पुलिस ने इस गिरोह में शामिल महिला समेत आठ जालसाजों को गिरफ्तार कर लिया था। मामले में नोएडा पुलिस के साथ राज्य व केंद्र की जीएसटी टीम भी जांच कर रही है। बैंक खातों की भी जांच की जा रही है। जांच में खातों में लाखों रुपये का ट्रांजेक्शन होने की जानकारी मिली है।
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केंद्रीय जीएसटी विभाग की जांच में तीन नई कंपनी मिली :
केंद्रीय जीएसटी विभाग की जांच में तीन नई कंपनियां जिले में मिली हैं। इन कंपनियों से किसी प्रकार का लेनदेन नहीं हुआ है। बाकी चार कंपनियों से करोड़ों के लेनदेन होने की बात कही जा रही है। विभागीय अधिकारी इसकी जांच कर रहे हैं।
सेक्टर-20 में फिर हुआ केस दर्ज :
सेक्टर-22 में रहने वाले एक पीड़ित अरविंद कुमार यादव ने पुलिस से शिकायत की है कि उनके पैन कार्ड का प्रयोग कर अज्ञात आरोपियों ने तीन फर्जी कंपनियां खोल ली हैं। जिसके माध्यम से लाखों रुपये की जीएसटी का इनपुट टैक्स क्रेडिट ले लिया। पुलिस उनकी शिकायत दर्ज कर छानबीन कर रही है। ब्यूरो