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Noida News: 142 स्कूली बसें खटारा, खतरे में नौलिहालों की जान

Thu, 11 Apr 2024 07:44 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 11 Apr 2024 07:44 PM IST
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142 school buses stranded, lives of children in danger
142 स्कूली बसें खटारा, खतरे में नौलिहालों की जान
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-बिना परमिट के फर्राटे भर रहीं 125 स्कूली बसें, 275 कर चुकी हैं मियाद पूरी
- हरियाणा में हुए स्कूल बस हादसे के बाद जागा विभाग, बस संचालकों पर होगी कार्रवाई


माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। सड़कों पर दौड़ रहीं 142 खटारा स्कूली बसों में नौनिहाल जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। वहीं, 125 बसें जहां बिना पररमिट के फर्राटा भर रही हैं वहीं 275 अपनी मियाद पूरी कर चुकी हैं। इन वाहनों से किसी भी वक्त हादसा हो सकता है। आए दिन हो रहे हादसों के बावजूद प्रशासन बस संचालकों के पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। हालांकि विभाग की ओर से इन बसों को काली सूची में डाल दिया गया है। बावजूद इसके खटारा बसों का संचालन जारी है।

परिवहन विभाग की ओर से दावे किए गए कि शीतकालीन अवकाश के बाद इन बसों के संचालन पर रोक लगा दी जाएगी। लेकिन उसके बाद भी इनका संचालन अब तक किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को हरियाणा में हुए स्कूल बस हादसे में बच्चों की मौत की खबर के बाद जिले में अभिभावकों में खासा डर है। उनका कहना है कि परिवहन विभाग को ऐसे स्कूली वाहन पर तत्काल रोक लगाने की जरूरत है। बीते वर्ष स्कूल बसों से हुए हादसों के बाद परिवहन विभाग ने 1619 स्कूली वाहनों की जांच की थी, जिसमें से 142 अनफिट पाई गईं। बस संचालकों को नए सत्र तक वाहनों की फिटनेस कराने के निर्देश दिए गए थे। वहीं, यह भी कहा गया था कि इन वाहनों का संचालन सड़कों पर नहीं किया जाए। इन सभी वाहनों को ब्लैकलिस्ट भी किया गया था। अवकाश की शुरुआत में ही अंतिम चेतावनी जारी की गई लेकिन फिर भी संचालकों ने फिटनेस टेस्ट नहीं कराया। वहीं, नया सत्र शुरू हुए 10 दिन बीत चुके हैं, इसके बाद भी इन बसों का संचालन किया जा रहा है। एआरटीओ सियाराम वर्मा ने बताया कि बच्चों की जिंदगी से कोई समझौता न हो, इसे सुनिश्चित करते हुए इसमें प्रवर्तन की पांच टीमें लगाई जाएंगी। इन बसों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा। फिर भी अगर इनके संचालक इन वाहनों का संचालन करते हैं तो उनपर कड़ा एक्शन लिया जाएगा। इसके अलावा बिना परमिट के जो भी वाहन संचालित किए जा रहे हैं, उन्हें भी किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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यह वाहन भी रडार पर

एआरटीओ ने बताया कि 275 स्कूली वाहनों की मियाद पूरी हो चुकी है। इनमें 221 बसें और 54 कैब हैं। इन्हें कबाड़ करने के लिए नोटिस भेजा गया था लेकिन फिर भी इन बसों का संचालन किया जा रहा है। विभाग की ओर से इन बसों का संचालन निरस्त कर दिया गया है। इसके बाद इनके संचालक कहीं संचालन करते पाए गए तो उनपर कार्रवाई होगी।
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ये हैं सुरक्षा मानक

बस में बैठने की क्षमता के आधार पर अग्निशमन यंत्र होना चाहिए।

स्कूल बस में प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स मौजूद होना चाहिए।

स्कूल बस की अधिकतम गति सीमा 40 किमी/ प्रतिघंटा है और इसमें गति नियंत्रण उपकरण होना चाहिए।

स्कूल बस की बॉडी पूरी तरह से स्टील से बनी होनी चाहिए और पूरी तरह से बंद होनी चाहिए।

बस का दरवाज़ा ठीक से बंद होना चाहिए।

प्रेशर हॉर्न या टोनल साउंड सिस्टम प्रतिबंधित हैं।



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स्कूल बसों के लिए निर्दिष्ट मानक

वाहन किसी शैक्षणिक संस्थान के नाम से पंजीकृत होना चाहिए।

बस के आगे और पीछे मोटे अक्षरों में ‘स्कूल बस’ लिखा होना चाहिए।

बस पर स्कूल का नाम और फोन नंबर लिखा होना चाहिए।

स्कूल बस में बच्चों की सूची होनी चाहिए, जिसमें नाम, पता, ब्लड ग्रुप और रूट चार्ट शामिल हो।

स्कूल बस में बच्चों की सुरक्षा के लिए ड्राइवर के अलावा एक सहायक भी होना चाहिए।

स्कूल बस चालक और सहायक को ड्यूटी समय के दौरान निर्दिष्ट वर्दी में रहना चाहिए।
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