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वाईएमसीए विश्वविद्यालय के नामकरण की फाइल अटकी
Updated Thu, 03 Aug 2017 11:10 PM IST
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वाईएमसीए विश्वविद्यालय के नामकरण की फाइल अटकी
फरीदाबाद। वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय का नाम बदलने की प्रक्रिया सीएम की टेबल पर जाकर अटक गई है। चार माह से अटकी फाइल को अब तक सीएम ऑफिस से मंजूरी नहीं मिली है। विश्वविद्यालय प्रशासन नाम बदलने पर जोर दे रहा है लेकिन कई महीने बीतने पर भी कुछ नहीं हो सका है। जबकि इसके लिए चार माह पूर्व ही प्रदेश सरकार को प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया है।
बताया जा रहा है कि प्रदेश सरकार की स्वीकृति मिलते ही किसी भारतीय वैज्ञानिक के नाम पर विश्वविद्यालय का नामकरण हो जाएगा। जानकारी के अनुसार वाईएमसीए का नाम सुनकर अभिभावक एवं विद्यार्थी इसे निजी विश्वविद्यालय समझ बैठते हैं, जिसके कारण जरूरतमंद विद्यार्थी चाहकर भी दाखिले के लिए आगे नहीं आ पाते हैं। माना जा रहा है कि विश्वविद्यालय ने अपनी तरफ से भारत के प्रसिद्ध वैज्ञानिकों के नाम भेज दिए हैं। अब प्रदेश स्तर पर निर्णय का इंतजार है। उल्लेखनीय है कि फरीदाबाद एवं पलवल जिले से जुड़े राजकीय एवं निजी कॉलेजों की जिम्मेदारी वाईएमसीए विश्वविद्यालय प्रशासन को मिल गई है। ऐसे में नामकरण होने से अन्य प्रदेश के विद्यार्थियों को जोड़नेे की मंशा है। प्रदेश के इंजीनियरिंग एवं तकनीकी विश्वविद्यालयों में वाईएमसीए सबसे अग्रणी माना जाता है। इस कैंपस में दाखिला पाने के लिए प्रदेश भर से विद्यार्थी पहुंचते हैं।
फरीदाबाद। वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय का नाम बदलने की प्रक्रिया सीएम की टेबल पर जाकर अटक गई है। चार माह से अटकी फाइल को अब तक सीएम ऑफिस से मंजूरी नहीं मिली है। विश्वविद्यालय प्रशासन नाम बदलने पर जोर दे रहा है लेकिन कई महीने बीतने पर भी कुछ नहीं हो सका है। जबकि इसके लिए चार माह पूर्व ही प्रदेश सरकार को प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया है।
बताया जा रहा है कि प्रदेश सरकार की स्वीकृति मिलते ही किसी भारतीय वैज्ञानिक के नाम पर विश्वविद्यालय का नामकरण हो जाएगा। जानकारी के अनुसार वाईएमसीए का नाम सुनकर अभिभावक एवं विद्यार्थी इसे निजी विश्वविद्यालय समझ बैठते हैं, जिसके कारण जरूरतमंद विद्यार्थी चाहकर भी दाखिले के लिए आगे नहीं आ पाते हैं। माना जा रहा है कि विश्वविद्यालय ने अपनी तरफ से भारत के प्रसिद्ध वैज्ञानिकों के नाम भेज दिए हैं। अब प्रदेश स्तर पर निर्णय का इंतजार है। उल्लेखनीय है कि फरीदाबाद एवं पलवल जिले से जुड़े राजकीय एवं निजी कॉलेजों की जिम्मेदारी वाईएमसीए विश्वविद्यालय प्रशासन को मिल गई है। ऐसे में नामकरण होने से अन्य प्रदेश के विद्यार्थियों को जोड़नेे की मंशा है। प्रदेश के इंजीनियरिंग एवं तकनीकी विश्वविद्यालयों में वाईएमसीए सबसे अग्रणी माना जाता है। इस कैंपस में दाखिला पाने के लिए प्रदेश भर से विद्यार्थी पहुंचते हैं।
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