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कमरे में ऑक्सीजन की कमी होने पर बेहोश हुए थे छह बच्चे
- ठंड से बचने को जलाई थी परिजनों से अंगीठी
पलवल। एकता नगर कॉलोनी में ठंड से बचने के लिए परिजनों ने कमरे में अंगीठी जला ली। डॉक्टरों के मुताबिक कमरे में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो गई थी इस कारण बच्चे बेहोश हो गए थे। हालांकि बच्चों की तबीयत में सुधार है और उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।
पलवल की एकता नगर कॉलोनी में सोमवार की शाम करीब चार बजे ठंड से बचाने के लिए एक परिवार कमरे को बंद करके अंगीठी जलाकर आग का सहारा ले रहा था लेकिन कमरे में एक के बाद एक छह बच्चे बेहोश गए। यह देख उनके परिजन घबरा गए उन्होंने आनन-फानन अस्पताल में बच्चों को भर्ती कराया। बेहोश हुए बच्चों में जाहर 9 वर्षीय, ईशान 7 वर्षीय, खुशबू 15 वर्षीय, फैजल 11 वर्षीय, खुशनुमा 17 वर्षीय , सन्नो 13 वर्षीय थे। बच्चों को उपचार दे रहे डॉ अरिंदम घोष ने बताया कि बंद कमरे में अंगीठी जलाने से कमरे में ऑक्सीजन की मात्रा पूरी नही होने व कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाने से सभी बच्चे बेहोश हो गए थे और अब सभी बच्चों को हालात बिल्कुल ठीक है और सभी को छुट्टी देकर घर भेज दिया गया है।
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- ठंड से बचने को जलाई थी परिजनों से अंगीठी
पलवल। एकता नगर कॉलोनी में ठंड से बचने के लिए परिजनों ने कमरे में अंगीठी जला ली। डॉक्टरों के मुताबिक कमरे में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो गई थी इस कारण बच्चे बेहोश हो गए थे। हालांकि बच्चों की तबीयत में सुधार है और उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।
पलवल की एकता नगर कॉलोनी में सोमवार की शाम करीब चार बजे ठंड से बचाने के लिए एक परिवार कमरे को बंद करके अंगीठी जलाकर आग का सहारा ले रहा था लेकिन कमरे में एक के बाद एक छह बच्चे बेहोश गए। यह देख उनके परिजन घबरा गए उन्होंने आनन-फानन अस्पताल में बच्चों को भर्ती कराया। बेहोश हुए बच्चों में जाहर 9 वर्षीय, ईशान 7 वर्षीय, खुशबू 15 वर्षीय, फैजल 11 वर्षीय, खुशनुमा 17 वर्षीय , सन्नो 13 वर्षीय थे। बच्चों को उपचार दे रहे डॉ अरिंदम घोष ने बताया कि बंद कमरे में अंगीठी जलाने से कमरे में ऑक्सीजन की मात्रा पूरी नही होने व कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाने से सभी बच्चे बेहोश हो गए थे और अब सभी बच्चों को हालात बिल्कुल ठीक है और सभी को छुट्टी देकर घर भेज दिया गया है।
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